Home /News /career /

IAS Success Story: आंगनवाड़ी को गोद लेकर निजी खर्चे से बनाया बच्‍चों का भविष्‍य

IAS Success Story: आंगनवाड़ी को गोद लेकर निजी खर्चे से बनाया बच्‍चों का भविष्‍य

आईपीएस से आईएएस अफसर बनीं गरिमा सिंह.

आईपीएस से आईएएस अफसर बनीं गरिमा सिंह.

हजारीबाग में आंगनवाड़ी की जर्जर हालत थी. गरिमा ने मटवारी मस्जिद हजारीबाग की आंगनवाड़ी को गोद लिया. निजी खर्च पर उन्होंने आंगनवाड़ी की इमारत को नया रूप दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
    IAS Success Story: कामयाबी के बाद अपने लिए बेहतर ज़िंदगी तो सभी चुनते हैं. लेकिन ऐसे लोग बहुत कम होते हैं जो खुद सुकून से रहने के बाद भी दूसरों की ज़िंदगी बेहतर बनाने की सोचते हैं. आज की ये सक्सेस स्टोरी एक ऐसी ही आईएएस ऑफिसर की है, जिन्होंने आंगनवाड़ी को गोद लेकर निजी खर्चे से बच्‍चों का भविष्‍य बनाया. मिलिए आईएएस ऑफिसर गरिमा सिंह से.

    आईएएस ऑफिसर गरिमा सिंह ने 2015 में यूपीएससी परीक्षा में AIR-55 हासिल की. 55 वां स्थान पाने से पहले गरिमा सिंह इससे पूर्व आईपीएस ऑफिसर थींं. उन्होंने महिला हेल्पलाइन 1090 को स्थापित करने में भी योगदान दिया. गरिमा सिंह अपने कार्यक्षेत्र में आंगनवाड़ी को गोद लेकर उसका स्‍वरूप बदलने के लिए सुर्खियों में हैं.

    गरिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफन कॉलेज से बीए और एम.ए. (हिस्ट्री) किया. यूपी के बलिया की गरिमा ने सिविल सर्विसेज एग्जाम पहली बार 2012 में दिया. आईपीएस बनकर लखनऊ में 2 साल तक अंडर ट्रेनी एएसपी तैनात रहीं. दूसरी पोस्टिंग झांसी में बतौर एसपी सिटी हुई. ड्यूटी के साथ आईएएस की तैयारी की. गरिमा रोज सुबह पेपर की तैयारी करतींं. रविवार की छुट्टी पढ़ाई में बीतती. 2015 के यूपीएससी में 55 वीं रैंक हासिल की.

    2016 में गरिमा को झारखंड के हजारीबाग में आईएएस ऑफिसर एवं समाज सेवक ऑफिसर की पोस्टिंग मिली. समाज सेवा के क्षेत्र में विशेषकर बच्चों की शिक्षा पर काम करने का मौका मिला. हजारीबाग की आंगनवाड़ी की जर्जर हालत में थी. गरिमा ने मटवारी मस्जिद हजारीबाग की आंगनवाड़ी को गोद लिया. निजी खर्च पर उन्होंने आंगनवाड़ी की इमारत को नया रूप दिया. स्पोर्ट्स सामान, कुर्सी-टेबल, ब्लॉक, खिलौनो की व्यवस्था की. सरकार ने इसी तर्ज पर 31 मार्च तक 50 ऐसे सेंटरों के पुनर्निर्माण की घोषणा भी कर दी है.

    आईपीएस गरिमा को पहली पोस्टिंग में झांसी जिले की कमान सौंपी गई थी. उनके पिता ओमकार नाथ सिंह पेशे से इंजीनियर हैं. वे चाहते थे बेटी सिविल सर्विसेज में जाए. उनके कहने पर गरिमा ने तैयारी शुरू की. वे बलिया जिले के गांव कथौली से हैं. गरिमा के पति राहुल राय भी पेशे से इंजीनियर हैं. उन्होंने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की नोएडा में पोस्टेड हैं.

    ये भी पढ़ें-
    UPSC टॉपर ने बताए IAS बनने के ट्रिक्‍स,ना बनाएं हवाहवाई टेबल
    CBSE क्‍लास 10, 12 में किस तरह के होंगे ऑब्‍जेक्‍ट‍िव सवाल
    IAS Success Story: तैयारी को समय देंगे तो सफलता की राह पर हैं

    आपके शहर से (बलिया)

    बलिया
    बलिया

    Tags: IAS exam, Success Story

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर