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IAS Success Story: ‘अस्पताल में डॉक्टर एक हाथ पर लगा रहे थे इंजेक्शन और मेरे दूसरे हाथ में किताब थी’

News18Hindi
Updated: December 1, 2019, 10:35 AM IST
IAS Success Story: ‘अस्पताल में डॉक्टर एक हाथ पर लगा रहे थे इंजेक्शन और मेरे दूसरे हाथ में किताब थी’
नवजीवन यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्‍ली आ गए.

IAS Success Story: 15 दिनों बाद जब नवजीवन को डेंगू से आराम मिल गया तो वापस लौटकर दिल्‍ली आ गए लेकिन अबकी बार वे काफी डिप्रेस हो चुके थे.

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  • Last Updated: December 1, 2019, 10:35 AM IST
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 IAS Success Story: देश की सबसे मुश्‍किल और प्रतिष्‍ठित यूपीएससी की परीक्षा में हर साल लाखों लोग शामिल होते हैं लेकिन कामयाबी चंद लोगों को ही मिलती है. ऐेसे में ये लोग बेहद खास होते हैं और उससे भी ज्‍यादा अहम होता है ऐसे लोगों का इस मुकाम तक पहुंचने का सफर. इसी क्रम में आज बात साल 2018 में यूपीएससी की परीक्षा में 316वीं रैंक हासिल करने वाले नवजीवन विजय पवार की. नवजीवन ने डेंगू से जीतकर पहले प्रयास में बिना कोचिंग के कैसे पाई सफलता आइए जानते हैं.

नवजीवन विजय पवार महाराष्ट्र से हैं. उनके पिता किसान और मां टीचर हैं. वे बचपन से ही पढ़ाई में अच्‍छे थे. उन्‍होंने स्‍कूली एजुकेशन पूरी करने के बाद सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का ठान लिया.

दिल्‍ली में आकर शुरू की तैयारी 
नवजीवन यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्‍ली आ गए. यहांं आकर उन्‍होंने पढ़ाई शुरू कर दी लेकिन हां नवजीवन ने तैयारी के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया. वो सेल्फ स्टडी पर ज्यादा फोकस करते थे. यहां रहकर उन्‍होंने पढ़ाई शुरू की.

मेन्‍स एग्‍जाम में हुआ डेंगू
नवजीवन ने एक इंटरव्‍यू में बताया, मेन्स एग्जाम के एक महीने पहले मुझे तेज बुखार और शरीर में दर्द होने लगा. अस्पताल गए तो पता चला मुझे डेंगू हो गया है. मैं घर गया तो तुरंत अस्पताल में भर्ती कर दिया गया. अस्पताल में एक हाथ पर डॉक्टर इंजेक्शन लगा रहे थे और दूसरे हाथ में किताब थी.

फिर शुरू की तैयारी
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15 दिनों बाद जब नवजीवन को डेंगू से आराम मिला तो वापस लौटकर दिल्‍ली आए लेकिन अबकी बार वे काफी डिप्रेस हो चुके थे. वो काफी परेशान थे तब उनके दोस्‍त ने उन्‍हें हिम्‍मत बंधाई.

2018 में मिली सफलता
आखिरकार साल 2018 में नवजीवन की मेहनत रंग लाई. उन्‍होंने यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर  316वीं रैंक हासिल की थी.

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First published: December 1, 2019, 6:20 AM IST
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