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IAS Success Story : दोस्तों का सुना ताना तो छोड़ी सरकारी नौकरी और IAS बन कर दिया सबका मुंह बंद

News18Hindi
Updated: January 15, 2020, 6:53 AM IST
IAS Success Story : दोस्तों का सुना ताना तो छोड़ी सरकारी नौकरी और IAS बन कर दिया सबका मुंह बंद
दोस्तों का ताना सुनकर दो बार सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद निशांत जैन बने आईएएस.

IAS Success Story : आज हम आपको मेरठ के रहने वाले निशांत जैन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने दो बार सरकारी नौकरी छोड़कर यूपीएससी का एग्जाम दिया और IAS बनकर उन लोगों को जवाब दिया जो कहते थे कि IAS बनना उनके बस की बात नहीं है.

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  • Last Updated: January 15, 2020, 6:53 AM IST
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IAS Success Story : आज हम आपको एक ऐसे शख्स से मिलवाने जा रहे हैं, जिनके दोस्त और रिश्तेदार उनके लक्ष्य के बारे में सुनकर हंसते थे. कहते थे कि IAS बनना तुम्हारे बस की बात नहीं हैं क्योंकि तुम्हें अंग्रेजी नहीं आती. लेकिन निशांत जैन उनकी बातों से कभी निराश नहीं हुए.  उन्होंने इन बातों को चुनौती के रूप में लिया. इसके बाद निशांत ने हिंदी में ही IAS की परीक्षा की तैयारी करने की ठानी और पूरी शिद्दत के साथ इस काम में जुट गए.

उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले निशांत जैन के सामने यूपीएस के एग्जाम में अंग्रेजी सबसे बड़ी बाधा बन रही थी. उनके मन में हमेशा यह बात चलती रहती थी कि अगर अंग्रेजी में पढ़ाई नहीं की तो कहीं फेल ना हो जाएं. साथ में यह भी चल रहा था कि अंग्रेजी वालों को IAS एग्जाम में ज्यादा तवज्जो दी जाती है. लेकिन निशांत का बचपन से ही IAS बनने का सपना था. वहीं रिश्तेदार और दोस्त कहते थे कि हिंदी में यह काम बहुत मुश्किल है.



IAS अफसर बनने का ऐसे आया विचार

एक बार निशांत को अपने घर में राशन की दुकान पर लाइन में लगना पड़ा. उन्होंने देखा कि वहां तमाम अनियमितताएं होती थीं. निशांत को लगा कि एक अधिकारी बनकर इन चीजों को सुधार सकता है. तभी से उन्होंने IAS अफसर बनने का मन लिया. 10वीं की परीक्षा पास कर निशांत इस बात को लेकर परेशान थे कि किधर जाएं. घर की माली हालत ठीक नहीं थी. 10वीं के बाद निशांत ने प्रूफ रीडर के रूप में पार्ट टाइम नौकरी भी शुरू कर दी. एक रुपये पर पेज के हिसाब से निशांत को मेहनताना मिलता था. पार्ट टाइम नौकरी के साथ निशांत ने 12वीं तक की पढ़ाई की. निशांत आगे की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पाया. उनको मेरठ के कॉलेज में ही पढ़ाई करनी पड़ी.



सरकारी नौकरी छोड़कर की IAS की तैयारी ग्रेजुएशन खत्म करते ही निशांत की डाक विभाग में क्लर्क के पद पर नौकरी लग गई. इस नौकरी की वजह से उन्हें पढ़ाई का भी समय नहीं मिल पाता था. इसलिए निशांत ने सरकारी नौकरी छोड़ दी. इसके बाद निशांत ने मास्टर्स कंप्लीट किया और यूजीसी की परीक्षा में जेआरफ किया. इसके बाद यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी में जुट गए. पहली बार में निशांत प्री में असफल रहे. इसके बाद काफी निराश हो गए और संसद में अनुवादक की नौकरी शुरू कर दी. लेकिन कुछ समय बाद निशांत ने फिर हिम्मत जुटाई और दोबारा आईएएस की परीक्षा में बैठे. इस बार तैयारी अच्छी थी और निशांत ने प्री मेंस इंटरव्यू क्वालिफ़ाई कर लिया.

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First published: January 15, 2020, 6:53 AM IST
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