ICSE/ISC result 2020: आज 3 बजे रिजल्ट देखने से पहले पेरेंट्स इस काम को जरूर करें

ICSE/ISC result 2020: आज 3 बजे रिजल्ट देखने से पहले पेरेंट्स इस काम को जरूर करें
ICSE बोर्ड का जारी होने से पहले पैरेंट्स इसे ज़रूर पढ़ लें.

ICSE/ISC result 2020: पेरेंट्स की काफी जिम्मेदारी होती है कि अगर उनके बच्चों का रिजल्ट बहुत अच्छा नहीं भी आता है तो भी उन्हें संतुलन बनाए रखना चाहिए और कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 10, 2020, 12:14 PM IST
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नई दिल्ली. आज दोपहर तीन बजे सीआईएससीई बोर्ड का रिजल्ट (CISCE Board Result) घोषित होने वाले हैं. ऐसे में न सिर्फ लाखों छात्र बल्कि उनके पेरेंट्स भी इसका इंतज़ार कर रहे हैं. रिजल्ट चीज़ ही ऐसी होती है कि कुछ लोग सफल होते हैं तो कुछ असफल होते हैं, या फिर कुछ छात्रों को हो सकता है कि उनके मन-माफिक रिजल्ट न मिले. या कह लें कि कुछ को उनके पेरेंट्स की इच्छा के अनुरूप सफलता न मिले. लेकिन इन सबके बीच पेरेंट्स की काफी जिम्मेदारी होती है कि अगर उनके बच्चों का रिजल्ट बहुत अच्छा नहीं भी आता है तो भी उन्हें संतुलन बनाए रखना चाहिए और कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए-

अपने बच्चों की दूसरे बच्चों से तुलना न करें-
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि एक ही मोहल्लें में या रिलेशन में कई बच्चे परीक्षा देते हैं. जाहिर है उनके रिजल्ट अलग अलग होंगे. किसी का कम होगा और किसी का ज्यादा. यह सर्वथा सत्य बात है. ऐसे में पेरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चे की तुलना किसी दूसरे बच्चे से न करें, क्योंकि इससे आपके बच्चे में इनफिरियॉरिटी कॉम्प्लेक्स घर कर सकता है और वह डिप्रेशन में भी जा सकता है.

उनके परसेंटेज को लेकर दबाव न बनाएं-
ऐसा भी होता है कि कम परसेंटेज होने पर माता-पिता बच्चों पर दबाव बनाते हैं या उन्हें कुछ ऐसा बोल देते हैं जिससे वे निराशा महसूस करते हैं या हतोत्साहित हो जाते हैं. इसलिए इन बातों का खास ध्यान रखें कि अपने बच्चों से इस तरह का व्यवहार न करें. ध्यान रहे कि दुनिया में आपको ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे जिन्होंने अपने एकेडमिक्स में भले ही अच्छा न किया हो लेकिन किसी दूसरे क्षेत्र में काफी सफल रहे हैं. इसलिए परसेंटेज किसी भी बच्चे के टैलेंटेड होने की निशानी नहीं है.



दूसरों के सामने बच्चों को कोसे नहीं-
कई बार मां-बाप कम अंक आने पर बच्चों को कोसना शुरू कर देते हैं. उन्हें दूसरों के सामने भी कुछ न कुछ कहते रहते हैं. और उन्हें उनके कम नंबर आने का अहसास दिलाते रहते हैं. इससे बच्चे का सेल्फ कॉन्फिडेंस कम हो जाता है. कई बार बच्चे इस बात को लेकर अंतर्मुखी या डिप्रेस्ड भी हो जाते हैं और व लोगों से और माता-पिता से भी कटे कटे रहने लगते हैं.

रिजल्ट के पहले और बाद में समान व्यवहार करें-
अगर बच्चे के अंक कम या आपके मन-मुताबिक नहीं भी आते हैं तो भी आप उनके साथ समान व्यवहार करें. कम अंक आने पर उनके साथ बुरा बर्ताव न करें. अगर आप ऐसा करेंगे तो बच्चा या तो आक्रामक हो जाएगा या तो दब्बू हो जाएगा. कई बार बच्चों के साथ खराब व्यवहार करने पर वे बागी प्रवृत्ति के हो जाते हैं और माता-पिता का हर बात में विरोध करना शुरू कर देते हैं और या तो डर और निराशा में बहुत ही दब्बू स्वभाव के हो जाते हैं जिससे उनका पूरा का पूरा व्यक्तित्व ही दब जाता है.

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तो आपके बच्चे का रिजल्ट अगर आपके मन-मुताबिक नहीं भी आता है तो आप उससे बेहतर व्यवहार करें और उसे आगे और बेहतर करने के लिए सकारात्मक तरीके से प्रेरित करें. ध्यान रखिए कि सिर्फ एकेडमिक्स में अच्छा करने या अच्छे अंक लाने से ही कोई जिंदगी में सफल नहीं होता. जीवन के प्रति सही नजरिया विकसित करना और बच्चों को अच्छा इंसान बनाना ज्यादा ज़रूरी है.
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