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IIT-दिल्ली और ताइवान की यूनिवर्सिटी ने शुरु की संयुक्त PhD कार्यक्रम

News18Hindi
Updated: May 18, 2019, 8:50 PM IST
IIT-दिल्ली और ताइवान की यूनिवर्सिटी ने शुरु की संयुक्त PhD कार्यक्रम
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आईआईटी-दिल्ली ने ताइवान की यूनिवर्सिटी नेशनल चियाओ तुंग (NCTU) के साथ मिलकर संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम लांच किया है. इस प्रोग्राम के तहत एडमिशन लेने वाले छात्र अपना आधा-आधा टाइम दोनों ही यूनिवर्सिटी में बिताएंगे.

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आईआईटी-दिल्ली ने ताइवान की यूनिवर्सिटी नेशनल चियाओ तुंग (NCTU) के साथ मिलकर संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम लांच किया है. इस प्रोग्राम के तहत एडमिशन लेने वाले छात्र अपना आधा-आधा टाइम दोनों ही यूनिवर्सिटी में बिताएंगे. इस पीएचडी प्रोग्राम में सफल छात्रों की देख रेखा का जिम्मा दोनों की देशों का होगा. आईआईटी-दिल्ली में पीएचडी के इस प्रोग्राम में आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

आईआईटी-दिल्ली के सेलेक्टेड छात्र एनसीटीयू में कर सकेंगे आवेदन
आईआईटी-दिल्ली में अनुसंधान और विकास विभाग के डीन बीआर मेहता ने इस प्रोग्राम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आईआईटी-दिल्ली में पीएचडी प्रोग्राम के लिए सफल छात्र बाद में एनसीटीयू में रिसर्च के लिए आवेदन कर सकता है. आईआईटी-दिल्ली में सेलेक्ट होने के बाद छात्र को एनसीटीयू में आवेदन करना होगा. उन्होंने कहा कि छात्रों के अनुसंघान कार्य को दोनों ही संस्थानों और दोनों ही संस्थानों के मेंटोर्स के द्वारा चुना जाएगा.

रिसर्च प्रोग्राम में चयनित छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप

इसी तरह से एनसीटीयू के छात्रों को भी आईआईटी-दिल्ली के प्रोफेसरों के द्वारा रिसर्च प्रोग्राम के लिए चुना जाएगा. दोनों संस्थानों से चुने गए छात्रों को स्कॉलरशिप दिया जाएगा, जिसके द्वारा छात्र शोध और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा खर्च को पूरा कर सकेंगे. साथ ही उन छात्रों को जिनके शोध से उद्योगों को लाभ मिलता है, अतिरिक्त स्कॉलरशित दी जाएगी.

अनुसंधान में उद्योग को वरीयता
आईआईटी दिल्ली के डीन का कहना है कि अनुसंधान का कोई विशिष्ट क्षेत्र निश्चित नहीं हैं, लेकिन उद्योग विशेष के अनुसंधान को वरीयता जी जाएगी और इसके लिए छात्रों को अतिरिक्त स्कॉलरशिप मिलेगी. उनका कहना है कि ताइवान का बाजार और एनसीटीयू सेमीकंडक्टर्स और ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में अपने काम के लिए जाने जाते हैं. इस प्रकार इन क्षेत्रों में शोध में रुचि रखने वाले छात्रों के चयन की संभावना अधिक होती है.पांच सालों के लिए एमओयू
आईआईटी-दिल्ली और एनसीटीयू के बीच 17 मई 2019 को एक एमओयू पर हस्ताक्षरित समझौते के तहत संयुक्त डिग्री का प्रावधान किया गया है. यह एमओयू पांच सालों के लिए किया गया है. जिसका बाद में नवीनीकरण किया जा सकता है.

आईआईटी-दिल्ली के डायरेक्टर वी गोपाल राव ने कहा कि उनका उम्मीद है कि एक-दो साल में हम एनसीटीयू के साथ मिलकर संयुक्त डॉक्टरल डिग्री प्रोग्राम में छात्रों के एडमिशन ऑकड़े को तीन अंकों में प्राप्त कर लेंगे. इस प्रोग्राम के तहत 200 से अधिक संयुक्त पीएचडी छात्रों को उद्योगों से जोड़ने का लक्ष्य है.

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First published: May 18, 2019, 8:48 PM IST
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