ग्रामीण छात्रों के लिये शॉर्ट-टर्म कोर्स क्रिएट करने में राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग दे रहा है IIT मद्रास

ग्रामीण छात्रों के लिये शॉर्ट-टर्म कोर्स क्रिएट करने में राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग दे रहा है IIT मद्रास
इस कोर्स का मकसद लॉकडाउन के चलते कक्षाएं नहीं ले पा रहे छात्रों की मदद करना है.

इस कोर्स का मकसद लॉकडाउन के चलते कक्षाएं नहीं ले पा रहे छात्रों की मदद करना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 6:57 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-मद्रास (आईआईटी एम) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह कोरोना वायरस लॉकडाउन से प्रभावित ग्रामीण इलाकों के छात्रों के लिए अल्प अवधि के पाठ्यक्रम (क्रैश कोर्स) तैयार करने को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग दे रहा है.

शिक्षा संबंधी चैनलों पर प्रसारण
जिसके तहत शिक्षा संबंधी चैनलों पर व्याख्यानों का प्रसारण किया जाएगा. संस्थान ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि इस पहल के तहत लगभग 300 घंटे के वीडियो व्याख्यान तैयार किए जा चुके हैं. इसका मकसद लॉकडाउन के चलते कक्षाएं नहीं ले पा रहे छात्रों की मदद करना है.

ग्रामीण इलाकों के छात्रों की मदद करना उद्देश्य
विज्ञप्ति में कहा गया है, 'इसका मुख्य उद्देश्य कोविड-19 लॉकडाउन के चलते कक्षाएं नहीं ले पा रहे ग्रामीण इलाकों के छात्रों की मदद करना है. इसके तहत समस्याओं के समाधान पर जोर देते हुए क्रैश कोर्स तैयार करने पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है. विभिन्न केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के संकाय ने अपने-अपने घरों पर ये वीडियो बनाए हैं. '



डीटीएच चैनल 'स्वयं प्रभा' की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा
विज्ञप्ति में बताया गया है कि इन व्याख्यानों का कार्यक्रम शिक्षा से संबंधित डीटीएच चैनल 'स्वयं प्रभा' की वेबसाइट https://www.swayamprabha.gov.in/ पर उपलब्ध रहेगा.

किसने परियोजना शुरू की
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ बीएस बालाजी द्वारा शुरू किया गया था और आईआईटी मद्रास के रसायन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर के मंगला सुंदर ने सहयोग दिया.

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ग्रामीण शिक्षार्थियों के लिए क्रैश कोर्स में सभी का योगदान
प्रो के मंगला सुंदर, और मुख्य समन्वयक DTH SWAYAM प्रभा ने कहा, "सभी संकाय सदस्यों ने दबाव की आवश्यकता को समझा और स्वेच्छा से महत्वपूर्ण पहलू में योगदान करने के लिए आगे आए.
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