IIT पटना के छात्र को मिला 43 लाख का पैकेज, अन्य छात्रों का भी हुआ लाखों में प्लेसमेंट

IIT पटना के छात्रों को लाखों में प्लेसमेंट मिला है.
IIT पटना के छात्रों को लाखों में प्लेसमेंट मिला है.

IIT Patna Placement: इसके पहले भी आईआईटी पटना में काफी बेहतरीन प्लेसमेंट्स हो चुके हैं. कुछ दिन पहले ही सितंबर में जापान की कंपनी राकुटिन ने एमटेक के अविनाश सिंह, निधि ठाकुर व राजीव रोशन को 59-59 लाख का ऑफर दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 4:04 PM IST
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नई दिल्ली. कोविड-19 (Coronavirus Pandemic) की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी आईआईटी पटना (IIT Patna) में इस बार बेहतर प्लेसमेंट देखने को मिला है. आईआईटी पटना में इस बार दुनिया भर की कुल 16 कंपनियों ने 38 छात्रों का सेलेक्शन किया है. इनमें से एक छात्र को 43.50 लाख प्रति वर्ष का पैकेज मिला है.

लाखों में हुए प्लेसमेंट
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस बात की जानकारी ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर कृपा शंकर सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि एक दूसरे छात्र को 33.50 लाख प्रति वर्ष का पैकेज मिला है. दो अन्य छात्रों को मीडिया नेट द्वारा 29.92 लाख के पैकेज पर सेलेक्ट किया गया है. इसके अलावा चार प्रि-फाइनल ईयर के छात्रों को गूगल के द्वारा इंटर्नशिप का ऑफर दिया गया है.

पहले भी हुआ है अच्छा प्लेसमेंट
इसके पहले भी आईआईटी पटना में काफी बेहतरीन प्लेसमेंट्स हो चुके हैं. कुछ दिन पहले ही सितंबर में जापान की कंपनी राकुटिन ने एमटेक के अविनाश सिंह, निधि ठाकुर व राजीव रोशन को 59-59 लाख का ऑफर दिया था. तीनों कंपनी में योगदान भी दे दिया है. बीटेक के सौरभ को माइक्रोसॉफ्ट ने 40 लाख का ऑफर दिया है.



बता दें कि पटना में सितंबर के पहले हफ्ते में प्लेसमेंट सेशन की शुरुआत की गई थी. मुश्किल समय के बावजूद आईआईटी पटना में काफी बेहतरीन प्लेसमेंट हुआ है. आइआइटी पटना के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के इंचार्ज डॉ. कृपाशंकर सिंह ने बताया, कोविड-19 के कारण इस बार प्लेसमेंट उम्मीद से बेहतर हुआ है.

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इस साल सारा का सारा सेलेक्शन प्रोसेस ऑनलाइन या वर्चुअल मोड में हो रहा है क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के कारण छात्र घर पर हैं जिससे कंपनियां कैंपस में विजिट नहीं कर सकतीं. बेहतरीन को-ऑर्डिनेशन के कारण इसमें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आ रही है. कुछ कंपनियों का तो यह भी मानना है कि ऑनलाइन प्रोसेस की वजह से कंपनियों को कम पैसे पर बेहतर टैलेंट को सेलेक्ट करने में मदद मिलती है.
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