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भारत चीन ने संयुक्त कार्य समूह की पहली बैठक में शिक्षा में परस्पर सहयोग पर चर्चा की

News18Hindi
Updated: October 17, 2019, 10:24 AM IST
भारत चीन ने संयुक्त कार्य समूह की पहली बैठक में शिक्षा में परस्पर सहयोग पर चर्चा की
फिलहाल 23 हजार भारतीय छात्र चीनी विश्वविद्यालयों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे हैं. इनमें से 21,000 चिकित्सा के छात्र हैं.

फिलहाल 23 हजार भारतीय छात्र चीनी विश्वविद्यालयों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे हैं. इनमें से 21,000 चिकित्सा के छात्र हैं.

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  • Last Updated: October 17, 2019, 10:24 AM IST
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भारत और चीन ने बुधवार को शिक्षा पर संयुक्त कार्य समूह की पहली बैठक की जिसमें दोनों पक्षों ने दोनों देशों की शिक्षा प्रणाली पर चर्चा की और परस्पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया.

भारतीय दूतावास ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा, एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की संभावनाओं पर विचार किया गया जिसके द्वारा दोनों देश अपने यहाँ प्रदान की जाने वाली शैक्षणिक योग्यताओं को परस्पर मान्यता दें और छात्रों के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जा सके.विज्ञप्ति में कहा गया कि भारतीय पक्ष ने शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रस्तुति दी.

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मानव संसाधन विकास मंत्रालय में अतिरिक्त महानिदेशक मदन मोहन ने किया जबकि चीनी पक्ष से शिक्षा मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय सहयोग विभाग के उपमहानिदेशक फांग जुन ने नेतृत्व संभाला.

वर्तमान में 23 हजार भारतीय छात्र चीनी विश्वविद्यालयों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे हैं. इनमें से 21,000 चिकित्सा के छात्र हैं. चिकित्सा विज्ञान में बढ़ती हुई मांग को देखते हुए चीनी सरकार ने 200 में से 45 चिकित्सा संस्थानों को एमबीबीएस का पाठ्यक्रम अंग्रेजी में पढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

भारतीय छात्रों की तुलना में बहुत कम चीनी छात्र भारत में पढ़ते हैं. कुछ भारतीय विश्वविद्यालय चीनी छात्रों को सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य अभियांत्रिकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए लुभा रहे हैं. हाल ही में भारत ने बिना विदेश मंत्रालय की अनुमति के किसी भी भारतीय विश्वविद्यालय को चीनी संस्थानों से छात्रों के आदान-प्रदान के कार्यक्रम न शुरू करने के निर्देश दिए थे.

विज्ञप्ति के अनुसार, बुधवार को हुई बातचीत में भारत चीन के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष होने के उपलक्ष्य में दोनों पक्षों ने स्कूली छात्रों के आदान प्रदान, चीन में शिक्षा पर संगोष्ठी आयोजित कराने और अन्य सहयोगपरक गतिविधियों पर सहमति बनी.

विज्ञप्ति में कहा गया, “उन्होंने स्वीकार किया कि शैक्षणिक आदान प्रदान दोनों देशों की जनता के बीच संबंधों का महत्वपूर्ण घटक है और दोनों देशों में पढ़ने के लिए छात्रों के आवागमन का स्वागत किया."
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मंगलवार को भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीन के मुक्त विश्वविद्यालय का दौरा किया था और उप राष्ट्रपति यांग शिआओतांग से मुलाकात की थी. प्रतिनिधिमंडल ने चीनी और भारतीय मुक्त विश्वविद्यालय प्रणाली के बीच परस्पर सहयोग के अवसर तलाशने का प्रयास किया था. संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक अगले वर्ष होगी.

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First published: October 17, 2019, 10:24 AM IST
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