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भारतीय नौसेना दिवस: 4 दिसंबर को क्यों और कब से मनाया जाता है NAVY Day, कब स्थापित हुई थी नौसेना

News18Hindi
Updated: December 4, 2019, 11:41 AM IST
भारतीय नौसेना दिवस: 4 दिसंबर को क्यों और कब से मनाया जाता है NAVY Day, कब स्थापित हुई थी नौसेना
Indian Navy

4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस (Navy Day) साल 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना की जीत के लिए मनाया जाता है.

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  • Last Updated: December 4, 2019, 11:41 AM IST
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भारतीय नौसेना दिवस: हर साल 4 दिसंबर के दिन नौसेना (Navy) के वीर जवानों को याद करते हुए भारतीय नौसेना दिवस (Indian Navy Day) मनाया जाता है. 4 दिसंबर के ही दिन साल 1971 में भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत पाकिस्तान के कराची नौसैनिक अड्डे पर हमला कर, तहस नहस कर दिया था. इसी जीत के लिए इस दिन नौसेना दिवस मनाया जाता है.

कब से हुई शुरुआत
नौसेना दिवस मनाने की शुरुआत 1971 के बाद से हुई. जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में विजय पाई. इसके बाद इस जीत का जश्न मनाने के लिए हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाने की शुरुआत हुई. 1971 के भारत-पाक युद्ध में, भारत ने ऑपरेशन ट्राइडेंट चलाया था. जिसमें भारत ने 4 दिसंबर को पाकिस्तान के कराची में उसके नेवल हेडक्वॉर्टर पर हमला बोला था. पढ़ें डिटेल 

1971 में कौन से ऑपरेशन से मिली थी नौसेना को जीत

साल 1971 में भारत-पाक के बीच बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत ने सीमा पर 3 विद्युत मिसाइल तैनात कर दी थी. इसके बाद ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत 4 दिसंबर के दिन 460 किलोमीटर दूर कराची पर हमले की तैयारी शुरू कर दी गई. हमला रात को किया जाना था, क्योंकि पाकिस्तानी एयरफोर्स रात में कार्रवाई करने में सक्षम नहीं थी. 4 से 5 दिसंबर के बीच पाकिस्तान को ऑपरेशन ट्राइडेंट में जो झटका लगा, वो उसे कभी नहीं भुला पाएगा. इस ऑपरेशन में भारत की जीत के चलते हर साल नौसेना दिवस मनाया जाता है.

कब स्थापित हुई सेना
साल 1612 में स्थापित हुई नौसेना का ध्येय वाक्य है- शं नो वरुणः! तैत्तिरीय उपनिषद की प्रार्थना से लिए इस वाक्य का अर्थ है- जल के देवता हमारे लिए शुभ हों. ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी मरीन बनाया. बाद में इसका नाम बदल कर रॉयल इंडियन नेवी कर दिया गया. साल 1950 में भारत के पूर्ण रूप से गणतंत्र होने के बाद नौसेना का दोबारा गठन हुआ. फिर इसका नाम भारतीय नौसेना कर दिया गया. तकनीक के मामले में भारतीय नौसेना की गिनती दुनिया की सर्वोच्च सेनाओं में की जाती है.
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NAVY की फुल फॉर्म
N- नॉटिकल
A- आर्मी ऑफ
V- वॉलेंटीयर
Y- योमेन
Nautical Army of Volunteer Yeoman

नौसेना दिवस जानिए उस कैप्‍टन को जिसने साथियों को बचाते हुए ले ली थी 'जल समाधि'
भारतीय नौसेना ने हमें ऐसे नौसैनिक भी दिए हैं जिन्हें याद किए बगैर यह दिवस मनाना अधूरा माना जाएगा. ऐसे ही एक नौसैनिक थे कैप्टन महेंद्र नाथ मुल्ला (कैप्‍टन मुल्‍ला). ये 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान आईएनएस खुखरी के कप्तान थे. पाकिस्तानी पनडुब्बी द्वारा हमले में कैप्टन मुल्ला जहाज़ पर अपने साथियों को बचाते हुए शहीद हो गए.

युद्ध के दौरान पाकिस्तानी पनडुब्बी हंगोर ने रणनीति के तहत पनडुब्बी से लड़ने वाले पोत खुखरी और कृपाण पर हमला बोल दिया. पहले हमला कृपाण पर किया गया जो विफल रहा लेकिन दूसरे हमले में खुखरी को निशाना बनाया गया. थोड़ी ही देर में खुखरी में पानी भर चुका था, साथ ही नीचे के हिस्से में आग भी लग चुकी थी. जहाज़ के कप्तान मुल्ला ने अपने साथियों को पानी में धक्का देना शुरू किया ताकि वो बच सकें और खुद अपनी लाइफ जैकेट उन्होंने एक नाविक को दे दी.

कप्तान मुल्ला के पास खुद की जान बचाने का रास्ता था लेकिन उन्होंने जहाज़ पर फंसे अपने साथियों के साथ रहने का फैसला किया. जहाज़ के बेसमेंट में 100 से ज्यादा सैनिक फंसे हुए थे जिन्हें निकालने की कोशिश बेकार थी. कप्तान मुल्ला ने उनके साथ 'जल समाधि' लेना बेहतर समझा. इस हमले में बच गए कप्तान के साथियों ने बाद में दिए गए साक्षात्कारों में बताया, आखिरी बार उन्होंने कप्तान मुल्ला को जब देखा तो वह जहाज़ के ब्रिज को पकड़े हुए लोगों की जान बचाने में लगे हुए थे. मरणोपरांत कप्तान मुल्ला को साहस के लिए महावीर चक्र से भी सम्मानित किया गया.

तस्वीरों से समझें, कितनी ताकतवर हमारी नौसेना-




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First published: December 4, 2019, 11:28 AM IST
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