चीन में पढ़ रहे भारतीयों पर अहम खबर, 23 हजार स्टूडेंट्स पर पड़ेगा असर

चीन में पढ़ रहे भारतीयों पर अहम खबर, 23 हजार स्टूडेंट्स पर पड़ेगा असर
जानलेवा महामारी कोरोना वायरस चीन के ही वुहान शहर से निकली है.

पिछले साल के डाटा के अनुसार, चीन (China) में पढ़ रहे करीब 23 हजार स्टूडेंट्स में से 21 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2020, 9:23 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते दुनियाभर की शिक्षा व्यवस्था पर भी गहरी चोट पहुंची है. बाकी देशों की तरह भारत भी इससे अछूता नहीं है. यही वजह है कि चीन (China) में पढ़ाई कर रहे छात्रों को अब भी हालात सामान्य होने का इंतजार है. इस बीच, चीन ने भारतीय स्टूडेंट्स (Indian Students) से कहा है कि चूंकि चीन में अभी विदेशी छात्रों के प्रवेश पर पाबंदी बरकरार है इसलिए वे अपने-अपने कॉलेजों के संपर्क में रहें और ऑनलाइन क्लासेज के जरिये अपनी पढ़ाई जारी रखें.

चीन में विदेशी छात्रों को प्रवेश की अनुमति नहीं
दरअसल, पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार करीब 23 हजार भारतीय स्टूडेंट्स चीन की विभिन्न यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में पढ़ रहे हैं. इनमें से 21 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने अकेले एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लिया है. बता दें कि जानलेवा महामारी कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी, जिसके बाद ये वायरस पूरी दुनिया में फैल गया. जनवरी में चाइनीज न्यू ईयर के मौके पर चीन में पढ़ाई कर रहे अधिकतर भारतीय छात्र अपने-अपने घरों को लौट आए थे. मगर इसी दौरान कोरोना वायरस के चलते हालात बिगड़ने की वजह से वे यहीं फंस गए.

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ऑनलाइन क्लासेज से होगी भरपाई
फिलहाल चीन में विदेशी छात्रों के प्रवेश पर पाबंदी लगी हुई है. हालांकि चीन के शिक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है, ऐसे छात्रों को चीन की सरकार की ओर से पूरी मदद की जाएगी. छात्रों के शैक्षिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा. ऑनलाइन क्लासेज के जरिये उनके एकेडमिक सत्र के नुकसान की भरपाई की जाएगी. इसके लिए सभी स्टूडेंट्स अपने-अपने कॉलेज व यूनिवर्सिटीज के संपर्क में रहें.
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