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International Womens Day: सिविल सर्विसेस की परीक्षा में टॉप कर ये महिलाएं बनीं प्रेरणा स्रोत

International Womens Day: सिविल सर्विसेस की परीक्षा में टॉप कर ये महिलाएं बनीं प्रेरणा स्रोत

आज विश्व महिला दिवस पर हम उन महिलाओं को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी सफलता के साथ देश को महिला शक्ति का परिचय कराया है.

आज विश्व महिला दिवस पर हम उन महिलाओं को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी सफलता के साथ देश को महिला शक्ति का परिचय कराया है.

International Women's Day: सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) में महिलाएं लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं. खास बात यह है कि 2014 से लगातार तीन साल तक महिलाएं इस परीक्षा में अव्वल रहीं.

    महिला अपने आप में एक पूर्ण व्यक्तित्व होती है. उसके भीतर जन्म देने, पोषण करने और परिवर्तन लाने की शक्ति होती है.
     -  डायने मेरिचिल्ड

    International Womens Day: आज विश्व महिला दिवस पर हम उन महिलाओं को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी सफलता के साथ देश को महिला शक्ति का परिचय कराया है. इन महिलाओं ने 12 साल से प्रशासनिक सेवा परीक्षा (UPSC) में इंडिया में टॉप रैंकिंग लाकर लोगों को हैरत में डाल दिया है. साल 2014 से लगातार 30 साल तक महिला उम्मीदवारों ने यूपीएससी के एग्जाम में टॉप किया हैं. आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2020 के मौके पर हम आपको कुछ ऐसी महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन पर महिलाओं को नाज है...

    नंदिनी के. आर.
    नंदिनी के.आर. कर्नाटक के छोटे से जिले कोलार की रहने वाली हैं. साल 2016 में उन्होंने सिविल सर्विसेज एग्जाम में टॉप किया था. नंदिनी पहली महिला हैं जिन्होंने कन्नड़ साहित्य को आप्शनल सब्जेक्ट बनाया था. नंदिनी ने एम.एस. रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी से बेंगलुरु से बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. साल 2016 में जब नंदिनी का यूपीएससी में सेलेक्शन हुआ तो तब वह आईआरएस थीं. नंदिनी उस समय नेशनल एकेडमी ऑफ कस्टम्स एक्साइज एंड नारकोटिक्स फरीदाबाद में पदस्थ थीं.

    टीना डाबी
    साल 2015 में टीना डाबी ने यूपीएसई परीक्षा में देश में टॉप किया था. टीनी डाबी मूलतया दिल्ली की रहने वाली हैं. वह पहली एससी कैटेगरी की महिला हैं, जिन्होंने यूपीएसई की परीक्षा में टॉप किया है. इनकी खास बात यह है कि टीना ने 22 साल की उम्र में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी.उन्होंने राजनीति विज्ञान को ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में लिया था. टीना ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ाई की है. वहां भी वह टॉपर रही थीं.

    इरा सिंघल
    इरा सिंघल एक दिव्यांग महिला हैं, जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में साल 2014 में टॉप किया था. उनका आप्शनल सब्जेक्ट जियोग्राफी था. इरा दिल्ली की रहने वाली हैं और उन्होंने बी.ई. (कंप्यूटर साइंस) और एमबीए किया है. इसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लग गईं थीं.

    हरिथा वी. कुमार
    साल 2012 की यूपीएससी परीक्षा में हरिथा ने देश में पहली रैंक प्राप्त की थी. हरिथा केरल के एक छोटे से कस्बे नयट्टिनकारा की रहने वाली हैं. उन्होंने यह परीक्षा इकोनॉमिक्स और मलयालम साहित्य से क्लियर की है. हरिथा ने जब आईएएस बनने के लिए सोचा तो वह एचसीएल टेक्नोलॉजी में काम कर रही थीं. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा के लिए नौकरी छोड़ दी.

    शीना अग्रवाल
    शीना अग्रवाल ने साल 2011 में यूपीएसई की परीक्षा में टॉप किया था. शीना ने एम्स दिल्ली से एमबीबीएम की पढ़ाई पूरी करने के बाद यूपीएससी की परीक्षा दी. शीना ने इस परीक्षा में मेडिकल साइंस और साइकोलॉजी विषय के साथ टॉप किया था. शीना मूलतया हरियाणा की रहने वाली हैं. शीना ने तीसरे प्रयास में यूपीएसई की परीक्षा में टॉप किया. चयन के दौरान शीना आईआरएस अधिकारी थीं.

    दिव्यदर्शनी सनमुगम
    दिव्यदर्शनी ने 2011 में सिविल सर्विसेज की परीक्षा में टॉप किया था. वह तमिलनाडु की रहने वाली हैं. पहले प्रयास में दिव्यदर्शनी प्रारंभिक परीक्षा में भी सफल नहीं हुई थीं. दिव्यदर्शनी ने चन्नई के एक प्रतिष्ठत कॉलेज से लॉ की पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की थी. सिविल सर्विसेस में चयन के दौरान दिव्यदर्शनी एसबीआई बैंक में काम करती थीं.

    सुब्रा सक्सेना
    सुब्रा का जन्म उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हुआ था. उन्होंने साल 2008 में सिविल सर्विसेस की परीक्षा में टॉप किया था. उनका सब्जेक्ट साइकोलॉजी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन था. ग्रेजुएशन के बाद सुब्रा ने आईआईटी रुड़की से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में कैरियर शुरू कर दिया था. कुछ साल काम करने के बाद सुब्रा ने सिविल सर्विसेस की तैयारी शुरू कर दी.

    मोना पुरुथी
    साल 2005 में सिविल सर्विसेस में मोना पारुथी ने टॉप किया था. मोना मूलरूप से हरियाणा की रहने वाली हैं. अंग्रेजी से बीए करने के बाद मोना ने लेडी श्री राम कॉलेज ऑफ वुमन से एमफिल किया. इसके बाद यूपीएससी के एग्जाम में शामिल होने लगीं. उन्होंने अंग्रेजी और सोशल साइंस विषयों के साथ यह परीक्षा पास की है.

    इन टॉपरों के अलावा और भी कई महिलाओं ने हाल के वर्षों में सिविल सेवा परीक्षा में टॉप किया होगा, जिनका नाम हम अपनी लिस्ट में शामिल नहीं कर पा रहे हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि जो नाम हमने गिनाए हैं वो अंतिम हैं. जिन महिलाओं ने भी सिविल सर्विसेस की परीक्षा पास की है, बेशक उन्होंने कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर इसे पास किया है और आज किसी मुकाम पर पहुंची हैं. ये महिलाएं देश की उन करोंड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं जो महिलाएं जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहती हैं.

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    Tags: CBSE Board Exam Datesheet, Exam Warrier, IAS exam, PM Modi, UPSC, Womens day2018

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