लाइव टीवी

IPS Success Story: मुश्किलों में रहकर बुलंदियां छूने वाले नूरुल हसन की कहानी

News18Hindi
Updated: November 3, 2019, 6:00 AM IST
IPS Success Story: मुश्किलों में रहकर बुलंदियां छूने वाले नूरुल हसन की कहानी
नूरुल हसन ने 2015 में  625वीं रैंक हासिल की.

हसन ने 2009 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की. यही वह जगह थी जहां उन्होंने खुद को विकसित कर सिविल सेवा और कॉर्पोरेट जगत के लिए अपने को कुशल बनाया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2019, 6:00 AM IST
  • Share this:
IPS Success Story: मुश्किलों के घेरे में रहकर सफलता की बुलंदियों को छूना ही IPS नूरुल हसन की दास्तां है. नूरुल का मानना है आप किसी भी धर्म या जाति से हो. अगर आप में मेहनत से किसी भी हद को पार करने का दृढ़ संकल्प है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं. महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी, नूरुल ने एक साल BARC में वैज्ञानिक के रूप में काम किया था. हसन पीलीभीत, उत्तर प्रदेश से हैं.

सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक को पास करने वाले नूरुल हसन ऐसे सभी उम्मीदवारों के लिए एक प्रेरणा हैं, जो देश की टॉप नौकरशाही परीक्षाओं को पास करने का सपना देखते हैं. नूरुल की प्रारंभिक शिक्षा पीलीभीत में हुई. बाद में उनके पिता को ग्रुप डी की नौकरी मिली और परिवार बरेली शिफ्ट हो गया. हालांकि उनके पिता के पास ग्रेजुएशन की डिग्री थी लेकिन अच्छी नौकरी न मिलने के कारण, उन्हें चौथे दर्जे के कर्मचारी के रूप में काम करते रहना पड़ा.

हसन ने 2009 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की. यही वह जगह थी जहां उन्होंने खुद को विकसित कर सिविल सेवा और कॉर्पोरेट जगत के लिए अपने को कुशल बनाया.




 

Loading...




View this post on Instagram





 

A post shared by Noorul Hasan ,IPS (@noorulhasan.ips) on






जिस कोर्स के दौरान उन्होंने आर्थिक तंगी देखी उसे पूरा करने के बाद गुरुग्राम स्थित कंपनी में पहली नौकरी मिली. बाद में Bhabha Atomic Research Centre (BARC) में ग्रेड 1 अधिकारी के रूप में जॉइन किया.

BARC में 1 साल पूरा करने के बाद वे अपनी पेशेवर उन्नति से संतुष्ट नहीं थे. उन्होंने महसूस किया, मुझे तैयारी शुरू करने की ज़रूरत है, ताकि समाज में बेहतर तरीके से योगदान दे सकूं. फिर उन्होंने साल 2012 में तैयारी शुरू की. 2015 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने 625वीं रैंक हासिल की.

सिविल सेवा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए नुरूल ने कहा, असफलताओं से कभी न डरें. सिविल सेवा परीक्षा धैर्य और आत्मविश्वास की परीक्षा है. इसलिए असफल होने पर कोशिश करें अगली बार बेहतर करें और अंत में आपको सफलता जरूरी मिलेगी.

ये भी पढ़ें-
Preparation Strategy: मैं ऐवरेज स्टूडेंट हूं, क्या नीट 2020 क्रैक कर सकता हूं?
IBPS RRB Officer Scale II, Officer Scale III 2019 के स्कोर का डायरेक्ट लिंक
Success Story: बार-बार फेल होने वाला ये स्‍टूडेंट बना UPSC टॉपर, जानिये कैसे
IIFM, Bhopal में एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के लिए वैकेंसी, पढ़ें डिटेल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पीलीभीत से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 3, 2019, 6:00 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...