JEE Main 2020: एग्जाम देने के लिए सुबह 3:30 बजे घर से निकले और फिर रास्ते में...

JEE Main 2020: एग्जाम देने के लिए सुबह 3:30 बजे घर से निकले और फिर रास्ते में...
जेईई मेन की परीक्षा में करीब 8 लाख स्टूडेंट्स हिस्सा ले रहे हैं.

जेईई मेन एग्जाम (JEE Main Exam) 1 से 6 सितंबर तक आयोजित किए जाएंगे, जबकि इसके बाद 13 सितंबर को नीट (NEET) की परीक्षा होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 2, 2020, 11:43 AM IST
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JEE Main 2020: देशभर में ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (Joint Entrance Examination) यानी जेईई मेन एग्जाम (JEE Main Exam) को लेकर चर्चा गरम है. परीक्षा 1 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 6 सितंबर तक चलेगी. जेईई मेन एग्जाम देने की राह में कैंडीडेट्स के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं, लेकिन वे एग्जाम सेंटर तक पहुंचने की जद्दोजहद हर हाल में पूरी कर रहे हैं. इसी की बानगी पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में भी देखने को मिल रही है. बता दें कि पहली पाली की परीक्षा सुबह 9 बजे व दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे शुरू होती है.

15 एग्जाम सेंटर, 38 हजार कैंडीडेट्स
दरअसल, पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में कैंडीडेट्स मंगलवार सुबह 3:30 बजे ही घर से निकल गए और फिर रास्ते में परिवहन की कमी की समस्या और बारिश व बाढ़ का सामना करते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचे. बता दें कि पश्चिम बंगाल में कुल 15 परीक्षा केंद्रों पर कुल 37 हजार 973 कैंडीडेट्स जेईई मेन एग्जाम में हिस्सा ले रहे हैं. देशभर में करीब 8 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग ले रहे हैं.

4 घंटे का सफर
पश्चिम मिदनापुर के निवासी आशुतोष साहा ने बताया, समय पर एग्जाम सेंटर तक पहुंचने के लिए मुझे मोटरसाइकिल पर अपने बेटे रूपक के साथ सुबह 3:30 बजे निकलना पड़ा. वेस्ट मिदनापुर से साल्ट लेक की 120 किलोमीटर की दूरी तय कर हम करीब चार साढ़े चार घंटे बाद मंजिल तक पहुंचे.



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कैंडीडेट्स को हुई भारी परेशानी
हालांकि राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि कैंडीडेट्स की मदद के लिए 3000 बस चलाई जाएंगी, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद कई कैंडीडेट्स को एग्जाम सेंटर्स तक पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा. कई पेरेंट्स ने तो यहां तक कहा कि उन्हें बच्चों को सेंटर तक पहुंचाने के लिए जरूरत से ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ी.
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