हमेशा चर्चा में रहने वाले JNU में ऐसे होता है एडमिशन, जानें पूरी प्रक्रिया

यूनिवर्सिटी हर साल JNUEE एंट्रेंस कराती है. जेएनयू की ओेर से ये एंट्रेंस UG, PG, Ph.D कोर्स और बहुत से प्रोफेशनल कोर्स के लिए होता है.

News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 11:25 AM IST
हमेशा चर्चा में रहने वाले JNU में ऐसे होता है एडमिशन, जानें पूरी प्रक्रिया
JNU
News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 11:25 AM IST
JNU Admission 2019: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से कराया जाने वाला एंट्रेंस एग्जाम JNUEE देना होता है. इस एग्जाम को इस साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित कराया जा रहा है. यूनिवर्सिटी हर साल JNUEE  एंट्रेंस कराती है. जेएनयू की ओेर से ये एंट्रेंस UG, PG, Ph.D कोर्स और बहुत से प्रोफेशनल कोर्स के लिए होता है. लिखित परीक्षा के आधार पर ही विश्वविद्यालय में दाखिला मिलता है.

परिणाम घोषित होने के कुछ दिनों के बाद, विश्वविद्यालय की तरफ से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाती है. एंट्रेस देने वाले कैंडीडेट्स को काउंसलिंग के लिए इसी एग्जाम की परफोर्मेंस के आधार पर बुलाया जाता है. जो कैंडीडेट्स काउंसलिंग में शामिल हुए होते हैं, उन्हीं को सीटें मिलती है.

विश्वविद्यालय उन अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी करता है, जिन्हें viva-voce के लिए चुना जाता है. हालांकि viva-voce कुछ ही कोर्सेज में दाखिले के लिए आयोजित किया जाता है. इसके लिए काउंसलिंग में भाग लेने के लिए कैंडीडेट्स को विश्वविद्यालय की तरफ से दिया गया टोकन नंबर डाउनलोड करना होता है.

बहुत से कोर्सेज के लिए जेएनयू की कट-ऑफ लिस्ट जुलाई में जारी की जाती है. यूनिवर्सिटी की तरफ से क्वालीफाइड कैंडीडेट्स के लिए मेरिट लिस्ट केटेग्री के मुताबिक जारी की जाती है.

viva-voce में उपस्थित नहीं होने वाले उम्मीदवार का दाखिला रद्द कर दिया जाता है. उम्मीदवारों को दी गई तारीख और समय काउंसलिंग/दाखिले के लिए रिपोर्ट करना होता है. viva के बाद, यूनिवर्सिटी फिर से दाखिले के लिए चुने गए कैंडीडेट्स की लिस्ट जारी करती है. viva-voce के नंबर, लिखित परीक्षा के नंबरों के साथ जोड़े जाते हैं. मेरिट लिस्ट के मुताबिक, कैंडीडेट्स को डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए बुलाया जाता है.

इसके बाद कैंडीडेट्स को ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए pre-allotment फॉर्म अपनी चॉइस प्रीफ्रेंस के मुताबिक भरना होता है. उम्मीदवार को फाइनल एडमिशन के लिए दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया के लिए विश्वविद्यालय रिपोर्ट करना होता है. सभी आवश्यक मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद, उम्मीदवारों को चुने गए पाठ्यक्रमों में सीट दे दी जाती है.

फीस स्ट्रक्चर
Loading...

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में फीस स्ट्रक्चर की बात करें तो यूनिवर्सिटी हर कोर्स के लिए अगल फीस निर्धारित करती है. जिसमें भारतीय और विदेशी छात्रों के लिए फीस स्ट्रक्चर अलग अलग होता है. उदाहरण के लिए देखें जेएनयू का फीस स्ट्रक्चर.



ये भी पढ़ें-
यूपी के स्‍कूलों में अब चलेगा खादी यूनिफॉर्म, पढ़ें
CHSE Odisha Results: 12वीं रिजल्ट आज दोपहर 3 बजे होगा जारी
योग में करियर बनाने के लिए इन जगहों से कर सकते हैं कोर्स
First published: June 21, 2019, 11:23 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...