फर्जी डिग्री के आधार पर पाई थी नौकरी, खुलासा होने पर तीन शिक्षक बर्खास्त

फर्जी डिग्री के आधार पर पाई थी नौकरी, खुलासा होने पर तीन शिक्षक बर्खास्त
अब तक 58 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं और जिले में 29 शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है.

यूपी में इससे पहले भी कई बार फर्जी डिग्री के आधार नौकरी पाने वालों की पोल खुल चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 15, 2020, 5:01 PM IST
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नई दिल्ली. फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी पाने का खुलासा होने पर तीन सरकारी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया. बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) भूपेन्द्र नारायण सिंह ने बताया कि तीन शिक्षकों सुनील यादव, मदन चंद्रा और गृजेश पति त्रिपाठी को शुक्रवार बर्खास्त कर दिया गया.

-सुनील यादव बेलघाट (जनपद गोरखपुर ) प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त हुए थे.
-मदन चंद्रा इटौवा (गोरखपुर से 38 किमी दक्षिण-पश्चिम के गोर्रा नदी के किनारे बसा गांव) प्राथमिक विद्यालय में और
-गृजेश पति त्रिपाठी बनकट (बनकट फूलपुर, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश का गाँव) प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त थे.
जांच में पता चला कि तीनों ने फर्जी मार्कशीट, प्रमाणपत्र और पहचान पत्र लगाकर नौकरी हासिल की. बीएसए ने बताया कि अब तक 58 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं और जिले में 29 शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है. बता दें कि यूपी में इससे पहले भी कई बार फर्जी डिग्री के आधार नौकरी पाने वालों की पोल खुल चुकी है.



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फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की बर्खास्त होने की सूचना के अलावा यूपी की एजुकेशन से जुड़ी खबर फिलहाल ये है कि उत्‍तर प्रदेश माध्‍यम‍िक श‍िक्षा बोर्ड हाई स्‍कूल और इंटरमीडिएट का पर‍िणाम ऑफिशियल वेबसाइट upresult.nic.in पर जारी कर चुका है. उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल परीक्षाओं में इस बार 83.31 प्रतिशत जबकि इंटरमीडिएट में 74.63 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं.
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