• Home
  • »
  • News
  • »
  • career
  • »
  • IAS Success Story: ऑफिस कैब में करती थी UPSC परीक्षा की तैयारी, इस रणनीति ने बनाया IAS ऑफिसर

IAS Success Story: ऑफिस कैब में करती थी UPSC परीक्षा की तैयारी, इस रणनीति ने बनाया IAS ऑफिसर

बचपन से डॉक्टर बनने का था सपना, कड़ी मेहनत और तकदीर ने बनाया IAS

बचपन से डॉक्टर बनने का था सपना, कड़ी मेहनत और तकदीर ने बनाया IAS

अगर हम कुछ करने की ठान ले तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है और कुछ ऐसी ही कहानी है काजल जावला की जो बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखती आयी थी लेकिन उनकी किस्मत में कुछ और ही लिखा था. आइए जानते हैं काजल कैसे बनींं एक IAS अधिकारी.

  • Share this:
    Success Story: कहते हैं क‍ि तकदीर का लिखा कोई नहीं बदल सकता. लेकिन अगर हम कुछ करने की ठान लें तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है और कुछ ऐसी ही कहानी से आज हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं. आज की सक्सेस स्टोरी में काजल जावला से मिलिए, जो बचपन से ही डॉक्टर बनने का ख्वाब देखती थींं, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने काजल की किस्मत पलट दी. साल 2018 में पहली बार काजल ने आईएएस प्रिलिम्स एग्जाम क्रैक किया. इसके बाद आईएएस मेन परीक्षा (IAS Main Exam) में 1750 में से 850 अंकों के साथ 28वीं रैंक हासिल की. सिर्फ इतना ही नहीं काजल ने इंटरव्यू राउंड में आईएएस टॉपर कनिष्क कटारिया को भी पीछे छोड़ दिया. जहां कनिष्क कटारिया ने इंटरव्यू राउंड में 179 अंक हासिल किए, वहीं काजल ने 201 अंकोंं के साथ आईएएस इंटरव्यू क्‍वाल‍िफाई किया.

    तैयारी के दौरान भी नहीं छोड़ी नौकरी
    काजल पिछले 9 साल से नौकरी कर रही हैं और आईएएस की तैयारी के दौरान भी उन्होंंने अपनी जॉब नहीं छोड़ी. उन्होंंने 9 घंटे की जॉब के होते हुए भी कामयाबी हासिल कर ही ली. हालांकि काजल 4 बार आईएएस प्री परीक्षा में फेल हुई, लेकिन फिर भी उन्होंंने हिम्मत नहीं हारी और अगली बार 5वें अटेम्प्ट में आईएएस प्री एग्जाम क्‍वालिफाई किया.

    पिता हैं काजल के रोल-मॉडल
    काजल हमेशा चाहती थींं कि वो एक डॉक्टर बनें, लेकिन उनके पिता ने उन्हें हमेशा सिविल सर्विस की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया पिता की बातों से प्रभावित होकर काजल ने साल 2016 में आईएएस की तैयारी शुरू कर दी. लगातार प्री परीक्षा में फेल होने के बावजूद काजल पिता ने उनके मनोबल को कमजोर नहीं पड़ने दिया और आखिरकार उन्हें कामयाबी मिल ही गई. काजल के पिता उनके रोल-मॉडल हैं और परिवार के बाहर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम उनकी  सादगी के लिए काजल के रोल-मॉडल हैं.

    फेलियर को बनाया चुनौती
    आइएएस प्रिलिम्स एग्जाम में बार बार फेल होने से काजल को उनकी मेहनत पर संंदेह होने लगा और अपने फेलियर के लिए वो खुद को जिम्मेदार मानने लगीं. पर उन्‍होंने हार नहीं मानी और इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया. काजल ने सभी मुश्किलों को पार करके सफलता हासिल कर ही ली, जिसमें उनके परिवार स्पेशली उनके पिता और पती ने उनका पूरा साथ दिया.

    सफलता के लिए अपनाई ये रणनीति
    समय की कमी काजल के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही. जिससे निपटने के लिए उन्होंंने एक नई रणनीति तैयार की. काजल रोज ऑफिस जाते समय 3 घंटे कैब में पढ़ा करती, लेकिन छुट्टी वाले दिन वे पूरा दिन पढ़ाई करती थीं. काजल ने आईएएस परीक्षा की हर स्टेज को पार करने के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाई.

    जनरल नॉलेज के स‍िलेबस को कवर करने के लिए काजल ने NCERT की किताबों का सहारा लिया, जिसने बेसिक कॉन्सेप्ट्स को क्लीयर करने में उनकी मदद की और आईएएस परीक्षा में निबंध की तैयारी के लिए उन्होंंने सोशल मुद्दों की पढ़ाई की. प्रीलिम्‍स परीक्षा में उन्होंंने करेंट अफेयर्स पर ज्यादा ध्यान दिया, जिसकी जानकारी उन्हें रोज अखबार पढ़ने से मिलती रही.

    काजल ने मेन परीक्षा में जूलॉजी को अपना सब्जेक्ट चुना इसके लिए उन्होंंने पिछले साल के प्रश्‍न पत्रों को हल करने की कोशिश की और रीवीजन पर जोर दिया. इंटरव्यू काजल का मेन फोकस रहा उन्होंंने अपने नाम से लेकर हॉबीज तक की सारी मिनट डिटेल के साथ इंटरव्यू में पूछे जाने वाले हर संभव प्रश्‍न के उत्तर की भी तैयारी की.

    आईएएस उम्मीदवारों को तैयारी के लिए दिए ये सुझाव
    काजल का मानना है कि आईएएस का सिलेबस एक समंदर की तरह है और इसके लिए एक उम्मीदवार को ये पता होना चाहिए कि तैयारी के लिए कौन-कौन से टॉपिक्स को कवर करना ज्यादा जरूरी हैं. आईएएस प्रिलिम्स परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा और सटीक जानकारी होना जरूरी है, उम्मीदवार को फैक्ट्स उनके इफेक्ट और कॉन्‍सेप्‍ट के बीच कंफ्यूज नहीं होना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ आईएएस मेन परीक्षा में महत्‍वपूर्ण टॉपिक्स से संबंध‍ित ज्ञान की आवश्यक्ता होती है, जिसे परीक्षा के समय आसानी से याद रखा जा सके.

    अगर इंटरव्यू राउंड की बात करें तो उसके लिए रोज अखबार पढ़ना सबसे जरूरी है. ताकि उम्मीदवार संवेदनशील मुद्दों के बारे में डिटेल जानकारी प्राप्त कर पाएं. ऐसा करने से उन्हें इंटरव्यू क्‍वालिफाई करने में काफी मदद मिल सकती है. काजल ने आईएएस की सभी स्टेजों को पार करने के लिए अखबार पढ़ना सबसे जरूरी बताया है.

    ये भी पढ़ें:
    बैरिस्टर बनने गए पंडित नेहरू राजनीति में कैसे आए, जानें कितने पढ़े-लिखे थे वो
    Children's day special: क्या आपको पता है क्यों मनाया जाता है बाल दिवस
    Children's Day के मौके पर इन 4 टॉपिक्स पर तैयार करें स्पीच, मिलेंगी तारीफें

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज