BSEB Matric Result: 2 फीसदी से हैट्रिक बनाने से चूका बिहार बोर्ड, जानें मैट्रिक परीक्षा से जुड़ी 10 बातें

Bihar Board Matric Result 2021: बिहार बोर्ड ने आज मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया.

Bihar Board Matric Result 2021: बिहार बोर्ड ने आज मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया.

Bihar Matric Result 2021: पिछले 2 साल से मैट्रिक परीक्षा में 80 फीसदी से ज्यादा का रिजल्ट देने वाला बिहार बोर्ड इस बार चूका. 78 फीसदी विद्यार्थी हुए पास. 2019 और 2020 में 80 फीसदी से ज्यादा रहा था परिणाम.

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पटना. बिहार बोर्ड ने इस साल के मैट्रिक परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है. मैट्रिक परीक्षा में इस साल 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 78 फीसदी से ज्यादा छात्र उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं. वहीं, 3 लाख से ज्यादा छात्र पास नहीं हो पाए. शिक्षा विभाग के कार्यालय में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मैट्रिक का रिजल्ट जारी किया. इस मौके पर बिहार बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर भी मौजूद थे. किशोर ने बताया कि बोर्ड ने इस साल रिकॉर्ड समय में मैट्रिक परीक्षा का परिणाम जारी किया है. आपको बता दें कि पिछले दो वर्षों से बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में 80 फीसदी से ज्यादा विद्यार्थी पास हो रहे थे. लेकिन इस साल यह 78 प्रतिशत से कुछ ज्यादा रहा है. इस हिसाब से बिहार बोर्ड मैट्रिक में लगातार 80 फीसदी रिजल्ट का हैट्रिक बनाने से चूक गया.



गौरतलब है कि इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा का रिजल्ट जारी करने में भी बिहार बोर्ड ने तेजी दिखाई थी. देश के अन्य माध्यमिक बोर्ड के मुकाबले बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर का रिजल्ट जल्दी जारी किया. शिक्षा विभाग में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा भी कि बोर्ड का यह प्रयास इस मामले में सराहनीय है, क्योंकि इससे बिहार के छात्रों को बाहरी राज्यों के स्कूल या कॉलेजों में एडमिशन मिलने में मदद मिलती है. आइए मैट्रिक परीक्षा से जुड़ी 10 अहम बातों पर डालते हैं एक नजर...
कोरोनाकाल में आयोजित की गई मैट्रिक परीक्षा में इस साल 16 लाख, 54 हजार 171 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें छात्रों की संख्या 8 लाख 46 हजार 663 और छात्राओं की संख्या 8 लाख 37 हजार 803 थी.
कोरोना को देखते हुए बिहार बोर्ड ने मैट्रिक परीक्षा के लिए 1525 केंद्र बनाए थे. नकलरहित और शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया था, जहां से हर परीक्षा केंद्र की निगरानी की जा सकती थी.
सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पूजा कुमारी, शुभदर्शिनी और रोहतास के बलदेव हाईस्कूल के छात्र संदीप कुमार ने मैट्रिक परीक्षा में संयुक्त रूप से टॉप किया है. इन तीनों को कुल 484 अंक प्राप्त हुए, जो 96.80 प्रतिशत है.
मैट्रिक परीक्षा में 413087 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी, 500615 दूसरी श्रेणी और 378980 विद्यार्थी तीसरी श्रेणी में पास हुए हैं. 16 लाख में से 1293054 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं. वहीं, 360655 विद्यार्थी पास नहीं हो पाए. मैट्रिक परीक्षा 17 से 21 फरवरी के बीच 1525 केंद्रों पर आयोजित की गई थी.
2021 में 78.17 फीसदी विद्यार्थी मैट्रिक पास हुए हैं, जबकि 2019 और 2020 में यह संख्या 80 फीसदी से ज्यादा थी. 2019 में जहां 80.73 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे, वहीं 2020 में 80.59 फीसद छात्र पास घोषित किए गए.
2019 और 2020 से पहले बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट क्रमशः 50.12 प्रतिशत और 68.89 फीसदी रहा था. 2017 में जहां 50.12 फीसदी विद्यार्थी पास हुए थे, वहीं 2018 में 68.89 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण घोषित किए गए.
बिहार बोर्ड ने इस बार भी रिकॉर्ड समय में मैट्रिक परीक्षा का परिणाम जारी किया. इस साल परीक्षा समाप्ति के दो महीने के भीतर 5 अप्रैल को रिजल्ट जारी किया गया. इससे पहले 2019 में 6 अप्रैल को मैट्रिक का परीक्षा परिणाम आया था.
12 मार्च से मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों की जांच शुरू हुई थी और मात्र 25 दिनों के भीतर यह काम पूरा कर लिया गया. इस दौरान 1 करोड़ से ज्यादा कॉपियों और इतनी ही संख्या में OMR शीट की भी जांच की गई.
मैट्रिक परीक्षा के दौरान बोर्ड के सामने कोरोना संक्रमण की रोकथाम की भी चुनौती थी. विद्यार्थियों में वायरस का संक्रमण न फैले, इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर व्यापक इंतजाम किए गए थे.
मैट्रिक से पहले बिहार बोर्ड ने इस बार इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम जारी करने में भी रिकॉर्ड बनाया. परीक्षा समाप्ति के 2 महीने के भीतर ही बोर्ड ने रिजल्ट जारी कर दिया.

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