UPSC Exam preparation: आप पहली बार प्रारम्भिक परीक्षा में बैठे हो तो क्या करें

UPSC Exams 2021: यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कैसे करें

UPSC Exam preparation: यूपीएससी की तैयारी के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आइए जानते हैं कैसे करें यूपीएससी परीक्षा की तैयारी...

  • Share this:
अतीत के अनुभव का भविष्य में सही लाभ तभी मिल पाता है, जब हम उस अनुभव का जीवन्त उपयोग अपने जीवन में करते हैं. मान लीजिए कि आप पहली बार प्रारम्भिक परीक्षा में बैठे और आपका चयन नहीं हुआ. इसे ही मैंने ‘अनुभव का अटेम्प‘ कहा है। लेकिन ध्यान रहे कि यह अटेम्प अनुभव तभी बन पाएगा, जब आप इसका सही तरीके से उपयोग करेंगे। उपयोग करने का अर्थ है- इसका सही तरीके से मूल्यांकन करेंगे. अपनी क्षमताओं और अपनी कमजोरियों को समझने की कोशिश करेंगे और समझने के बाद क्षमताओं को और मजबूत बनाएँगे तथा कमजोरियों से छुटकारा पाएँगे. इसके लिए आपको क्या करना चाहिए, इस बारे में मैं यहाँ कुछ बताना चाहूँगा.

जैसे ही आपकी प्रारम्भिक परीक्षा खत्म होती है, आप या तो उसी दिन या फिर अगले ही दिन अपनी उस परीक्षा के अनुभव का पूरा-पूरा मूल्यांकन करें और उस मूल्यांकन को नोट करें। आप आलस्य की जकड़न में आकर यह न सोचें कि यह तो सब सामान्य-सी बात है और मुझे याद ही रहेगी। पक्का मानिए कि यह बाद में गायब हो जाएगी। तब आप इसका उतना फायदा नहीं उठा पाएंगे, जितना आपको उठाना चाहिए था। इसलिए लिखने में कंजूसी बिल्कुल भी न करें। आप अपना मूल्यांकन निम्न बिन्दुओं के आधार पर कर सकते हैं -
• आपने कितने प्रश्न सही हल किए.
• कितने प्रश्न ऐसे हल किए कि जिनके 50 प्रतिशत सही होने की संभावना है.
• 50 प्रतिशत सम्भावना वाले प्रश्न क्यों शत-प्रतिशत सम्भावना वाले प्रश्न नही बन सके, अर्थात ऐसे कौन से कारण रहे कि आपके दिमाग में उन प्रश्नों के उत्तरों के बारे में भ्रम रहा ? इस बात की जांच करना बहुत जरूरी और उपयोगी है, क्योंकि इसी जांच के द्वारा आप अपनी कमजोरियों को पकड़ पाएंगे. आप देखेंगे कि उत्तर के बारे में जो भ्रम रहता है, उसका मूल कारण यह होता है कि आपने पढ़ते समय पूरी गम्भीरता नहीं बरती थी. इस जांच के द्वारा आप अपनी इन कमियों को पहचान सकेंगे तथा भविष्य में स्वयं को और अधिक योग्य बना सकेंगे.
• कितने प्रश्न ऐसे थे जिन्हें आप बिलकुल हल नहीं कर सके ? इस तरह के प्रश्नों में यह जानने की कोशिश कीजिए कि आप इन्हें हल क्यों नहीं कर सके. इसके बहुत-से कारण हो सकते हैं। जैसे कि आपने टॉपिक को पढ़ा ही नहीं था. पढ़ने के बावजूद गम्भीरता से नहीं पढ़ा. टॉपिक तो आपने पढ़ा, लेकिन जो प्रश्न पूछा गया था, उसका उत्तर उस टॉपिक में नहीं था, आदि. इसके साथ ही यह भी जानने की कोशिश कीजिए कि आप कौन-सी किताब पढ़े होते, तो उस प्रश्न का उत्तर दे सके होते.
• यह भी लिखें कि आपने प्रश्न-पत्र कितने समय में हल कर लिया था, कितना समय आपके पास बचा था और उस बचे हुए समय का आपने किस तरह उपयोग किया. अक्सर देखने में आता है कि परीक्षार्थी बचे हुए समय का सही उपयोग नहीं करते. परीक्षार्थी को चाहिए कि वे इस बचे हुए समय को उन प्रश्नों का उत्तर ढूँढने में लगाएँ, जिन्हें वे हल नहीं कर पा रहे हैं. आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रतियोगी परीक्षा में एक-एक अंक का बहुत अधिक महत्व होता है.
यहां महत्व इस बात का नहीं है कि आप अपने पहले ही प्रयास में सफल हुए हैं या नहीं. अक्सर यह देखा जा रहा है कि जब से प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ा दी गई है तथा बैठने के चांस भी बढ़ा दिए गए है, तब से पहली बार में ही सफल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम हो गई है- लगभग 10-12 प्रतिशत. अब सफलता का सेहरा दूसरी या तीसरी बार परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों के सिर पर अधिक बंधता है.
यह तथ्य इस बात को स्पष्ट करता है कि उनकी सफलता में उनके अनुभवों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. लेकिन किसी भी परीक्षा में बैठ जाने भर से अनुभव नहीं होता. बल्कि इसके लिए आवश्यक है कि आप उन अनुभवों को लिखें, उनका अच्छी तरह विश्लेषण करें, उन पर गहराई से गम्भीरतापूर्वक विचार करें और इस विश्लेषण से प्राप्त अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास करें. तभी आप आगे जाकर सफल हो सकेंगे. अन्यथा आपकी नियति जैक पर खड़ी करके स्टार्ट की गई उस कार की तरह हो जाएगी, जिसके पहिए तो घूम रहे हैं, लेकिन जो एक इंच भी आगे नहीं बढ़ती.
(लेखक पूर्व सिविल सर्वेंट और afeias के संस्थापक हैं.)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.