पिता के पास नहीं थे फीस चुकाने के पैसे, बेटे ने क्रैक किया UPSC एग्‍जाम

12वीं के बाद नूर का सेलेक्शन एएमयू अलीगढ़ में बीटेक में हो गया, फीस भरने के पैसे नहीं थे. इस पर उनके पापा ने गांव में एक एकड़ जमीन बेच दी और फीस भरी. इसके बाद UPSC एग्‍जाम की तैयारी में जुट गए.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 4:40 PM IST
पिता के पास नहीं थे फीस चुकाने के पैसे, बेटे ने क्रैक किया UPSC एग्‍जाम
फीस जमा करने के लिए पिता ने बेच दी थी जमीन, बेटे ने क्रैक किया UPSC एग्‍जाम
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Updated: July 31, 2019, 4:40 PM IST
UPSC में 625वीं रैंक हासिल करके आईएएस बनने वाले नूरूल हसन की कहानी हर किसी के लिए एक सीख है. एक वक्‍त था, जब नूरूल के पास फीस भरने के लिए भी पैसे नहीं थे, उनके पिता ने उन्‍हें पढ़ाने के लिए जमीन बेच दी थी. पिता को आर्थिक तंगी से जूझता हुआ  देखकर नूरूल ने ठान लिया था कि अब बस चाहें जैसे भी हो लेकिन उन्‍हें खुद को और अपने परिवार को ऐसे हालात से निकालना है, फिर क्‍या था. उन्‍होंने जैसा सोचा, बिल्‍कुल वैसा ही कर दिखाया है. साल 2015 में उन्‍हें देश के सबसे प्रतिष्‍ठित एग्‍जाम में शुमार UPSC में सफलता मिली. कैसे पाया उन्‍होंने ये मुकाम आइए डालते हैं एक नजर.

दरअसल आईपीएस नूर का जन्म उत्‍तर प्रदेश के पीलीभीत के छोटे से गांव में हुआ था. उनके पिता किसान थे. माता-पिता के अलावा दो छोटे भाई हैं. उनकी परवरिश और पढ़ाई का दबाव भी उन्‍हीं पर था.  उन्‍होंने ब्लॉक के गुरुनानक हायर सेकेंडरी स्कूल अमरिया से 67 प्रतिशत के साथ दसवीं की और स्‍कूल टॉपर बने. इसी दौरान उनके पिता को बरेली में फोर्थ ग्रेड क्‍लास में नौकरी मिल गई और पूरा परिवार वहीं शिफ्ट हो गया. यहां नूरूल ने मनोहरलाल भूषण कॉलेज से 75 प्रतिशत के साथ 12वीं की.



फीस के लिए बेची जमीन

12वीं के बाद नूर का सलेक्शन एएमयू अलीगढ़ में बीटेक में हो गया, लेकिन फीस भरने के पैसे नहीं थे. इस पर उनके पापा ने गांव में एक एकड़ जमीन बेच दी और फीस भरी. उन्‍होंने खूब पढ़ाई की. इसके बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में उनका प्लेसमेंट हो गया लेकिन इन सैलरी से भी उनका परिवार को भरण-पोषण संभव नहीं हो पा रहा था. इसलिए भी वे आगे बढ़ने के और रास्‍ते देखते रहे.

भाभा में वैजानिक पद पर हुआ सेलेक्‍शन

नुरूल ने जॉब करते-करते भाभा एटोमिक रिसर्च इंस्टीटयूट की परीक्षा दी और उनका यहां वैज्ञानिक पद पर सेलेक्‍शन हो गया. अब उन्‍हें मुंबई के तारापुर में पोस्‍टिंग मिली थी.
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साल 2015 में क्रैक किया  एग्‍जाम

BARC में 1 साल पूरा करने के बाद उन्‍हें महसूस हुआ कि अब उन्‍हें अपने लक्ष्‍य की तरफ आगे बढ़ना चाहिए. उन्‍होंने अब IAS की तैयारी शुरू कर दी थी. इसके  बाद उन्‍होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा पास की और 625 रैंक हासिल की.

अभ्‍यर्थी इन बातों का रखें ध्‍यान

मीडिया से बात करते हुए नूर ने UPSC की तैयारी कर रहे अभ्‍यर्थियों को एक संदेश दिया कि, उम्‍मीदवार कभी भी असफलता से घबराएं नहीं और सिर्फ धैर्य बनाकर अपने लक्ष्‍य पर डटे रहें. इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि अपने हालातों को न कोसें, बल्‍कि खुद पर भरोसा करके आगे बढ़ें.

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First published: July 31, 2019, 4:09 PM IST
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