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लॉकडाउन के चलते संघर्ष कर रहे छात्र, मुख्यमंत्री से एग्जाम रद्द करने की अपील

News18Hindi
Updated: May 23, 2020, 10:17 AM IST
लॉकडाउन के चलते संघर्ष कर रहे छात्र, मुख्यमंत्री से एग्जाम रद्द करने की अपील
देश में 17 मई से चौथे चरण का लॉकडाउन 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है.

चीन (China) के वुहान (Wuhan) से निकली महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) को फैलने से रोकने के लिए भारत (India) में 31 मई तक लॉकडाउन (Lockdown) घोषित किया गया है.

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बेंगलुरु. लॉकडाउन (Lockdown) के बीच दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत में भी आनलाइन एजुकेशन का चलन बढ़ा है. आनलाइन स्टडी को लेकर सरकार भी पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने की हरसंभव कोशिश कर रही है. मगर इस बीच कर्नाटक (Karnataka) की विश्वेसवरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (Visvesvaraya Technological University) के छात्रों की परेशानी काफी बढ़ गई है. खासकर इंजीनियरिंग ब्रांच को इस बारे में कोई अंदाजा नहीं है कि वे कैसे अपने अगले सेमेस्टर का एग्जाम क्लीयर करें.

दरअसल, टाइम्सनाउ की रिपोर्ट के अनुसार नियमित कक्षाएं लॉकडाउन के चलते रोकी जा चुकी हैं. ऐसे में स्टूडेंट्स को विषयों के बारे में बहुत अधिक समझ नहीं हो पाई है तो वे उम्मीद कर रहे हैं कि यूनिवर्सिटी (Visvesvaraya Technological University) मौजूदा सेमेस्टर की परीक्षाओं को रद्द कर दे जैसा कि देश की कई अन्य यूनिवर्सिटीज ने भी किया है. हालांकि फिलहाल लगता नहीं है कि छात्रों के प्रयास रंग ला सके हैं. छात्रों ने अपनी समस्या से मं​​त्रियों से लेकर वाइस चांसलर तक को अवगत कराया है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है.

अधिकतर स्टूडेंट्स के लिए चुनौती बनी आनलाइन क्लास
हालांकि यूनिवर्सिटी (Visvesvaraya Technological University) आनलाइन क्लास लेकर पढ़ाई के नुकसान की भरपाई की कोशिशों में जुटी है, लेकिन अधिकतर स्टूडेंट्स के लिए इन बदलावों से सामंजस्य बैठाना आसान नजर नहीं आ रहा है. आनलाइन क्लास के प्रयास इसलिए अधिक सफल नहीं होते दिख रहे क्योंकि अधिकतर स्टूडेंट्स इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या का सामना कर रहे हैं. कई स्टूडेंट्स ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, जहां उपकरणों का भी अभाव है. कई के पास स्मार्टफोन और लैपटॉप की सुविधा भी नहीं है.



टीचर्स भी प्र​ििशक्षित नहीं...


समस्या सिर्फ स्टूडेंट्स के साथ ही नहीं है, टीचर्स भी इस माध्यम से पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं. इस सेमेस्टर का 80 प्रतिशत से ज्यादा सिलेबल आनलाइन माध्यम से पढ़ाया जाना है. ऐसे में जबकि वाइस चांसलर और मैनेजमेंट से छात्रों की बातचीत विफल रही, स्टूडेंट्स अब मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, उप मुख्यमंत्री और हायर एजुकेशन मिनिस्टर ए. नारायण को पत्र लिख रहे हैं.

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First published: May 23, 2020, 10:09 AM IST
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