विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में एक अगस्त से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र 2020-21: यूजीसी

19 मई से लेकर 24 मई तक जेईई मेन एग्जाम में आवेदन के लिए एप्लीकेशन विंडो खोली गई थी.
19 मई से लेकर 24 मई तक जेईई मेन एग्जाम में आवेदन के लिए एप्लीकेशन विंडो खोली गई थी.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अकादमिक कैलेंडर समिति ने प्रवेश प्रक्रिया को 1 से 31 अगस्त तक शुरू करने की सिफारिश की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 28, 2020, 8:53 PM IST
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नई दिल्ली. देश जब कोरोना महामारी से जूझ रहा है ऐसे में यूजीसी ने छात्रों के खुश करने वाला निर्णय लिया है. इससे स्टूडेंट्स की फाफी हद तक परेशानी और निराशा दोनों दूर होगी. यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को एक अगस्त से शैक्षणिक सत्र 2020-21 शुरू करने के लिए कहा है.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अकादमिक कैलेंडर समिति ने प्रवेश प्रक्रिया को 1 से 31 अगस्त तक शुरू करने की सिफारिश की है. समिति ने अपनी सिफारिश में कहा, "अकादमिक सत्र: 2020-21 पुराने / नये छात्रों के लिए 1.8.2020-1 1.09.2020 से शुरू होगा. इसके अनुसार समिति सत्र 2020-21 के लिए अकादमिक कैलेंडर का पालन करने की सिफारिश करती है.

यूजीसी ने कहा कि दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों के लिए कक्षाएं 1 अगस्त से शुरू होंगी, जबकि प्रथम सेमेस्टर के लिए नया बैच 1 सितंबर से शुरू होगा. परीक्षाएं 1 जनवरी, 2021 से 25 जनवरी तक आयोजित की जाएंगी. दूसरा सेमेस्टर 27 जनवरी से शुरू होगा और 25 मई तक होगा.



बता दें कि यूजीसी ने 6 अप्रैल को समिति का गठन किया था ताकि परीक्षा और शैक्षणिक कैलेंडर से संबंधित मुद्दों के बारे में विचार-विमर्श किया जा सके. पैनल की अध्यक्षता यूजीसी के पूर्व प्रोफेसर और हरियाणा के वीसी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आरसी कुहाड़ ने की थी.
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों और अनुसंधान कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय / राज्य स्तर पर सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा सकती है."विश्वविद्यालय 31-21.2020 तक नवीनतम सत्र 2020-21 के लिए यूजी और पीजी कार्यक्रमों में प्रवेश लेंगे."

विश्वविद्यालय छह-सप्ताह के पैटर्न का पालन करें
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय को किसी भी तरह के परिश्रम से निपटने की मांग करने की स्वतंत्रता के लिए कार्रवाई की एक आकस्मिक योजना तैयार करनी चाहिए. समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि "2019 -2020 के शेष सत्र और नए सत्र 2020-2021 के नुकसान की भरपाई के लिए सभी विश्वविद्यालय छह-सप्ताह के पैटर्न का पालन करें.

समिति ने कहा कि छात्रों/शोधार्थियों के लिए न्यूनतम प्रतिशत उपस्थिति की आवश्यकता के संबंध में, लॉकडाउन की अवधि में सभी को उपस्थित माना जाए. क्योंकि मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर, विश्वविद्यालयों को परियोजनाओं/शोध प्रबंधों को आगे बढ़ाने वाले यूजी/ पीजी छात्रों की सुविधा के लिए उचित रणनीति अपनाने की सिफारिश की गई है.

विश्वविद्यालय स्काइप से लें व्यवहारिक परीक्षा
समिति ने कहा कि विश्वविद्यालय स्काइप या अन्य मीटिंग ऐप्स के माध्यम से व्यावहारिक परीक्षाएं और वाइवा ले सकते हैं. मध्यवर्ती सेमेस्टर के मामले में, आगामी सेमेस्टर के दौरान व्यावहारिक परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं.

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