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इस वुमेंस कॉलेज में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर लगी रोक, जानें क्या है वजह

News18Hindi
Updated: February 2, 2020, 12:11 PM IST
इस वुमेंस कॉलेज में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर लगी रोक, जानें क्या है वजह
महारराष्ट्र के औरंगाबाद में एक वुमेन्स कॉलेज के ने परिसर के अंदर छात्राओं के मोबाइल फोन के प्रयोग पर रोक लगा दी है.

जकारिया वुमेंस कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मकदूम फारूकी ने मीडिया को बताया कि ‘हम सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया है. इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.

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औरंगाबाद. महारराष्ट्र के औरंगाबाद में एक वुमेन्स कॉलेज के ने परिसर के अंदर छात्राओं के मोबाइल फोन के प्रयोग पर रोक लगा दी है. इसके पीछे कॉलेज प्रशासन ने अपना तर्क रखा है. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि कॉलेज परिसर में मोबाइल के प्रयोग से छात्राओं की का ध्यान पढ़ाई में केंद्रित नहीं हो पाता, जिसके कारण प्रशासन ने यह नई व्यवस्था लागू की है.यह कदम ऐसे दौर में उठाया गया है जब मोबाइल फोन दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है और युवा सोशल मीडिया से चिपके रहते हैं.

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प्रतीकात्मक फोटो.


डॉ. रफीक जकारिया वुमेंस कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मकदूम फारूकी ने मीडिया को बताया कि ‘हम सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए उपाय तलाश रहे थे और हमने पाया कि अगर छात्राओं को कक्षाओं में मोबाइल फोन लाने की अनुमति न दी जाए तो वे पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित किया जा सकता है.

फारूखी ने बताया कि इस कॉलेज में 3,000 से अधिक छात्राएं पढ़ती हैं. इस कॉलेज में स्नातक और परा स्नातक के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती है. डॉ. फारूकी ने बताया कि 15 दिन पहले लगाए गए प्रतिबंध से छात्राओं को न केवल कक्षाओं में ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी बल्कि उनका अपने सहपाठियों से संवाद भी बेहतर होगा.

कॉलेज में जमा करना होता है मोबाइल
प्रधानाचार्य ने बताया कि कॉलेज परिसर में आने के बाद अपना फोन जमा कराना होता है और उन्हें घर जाते समय फोन दिया जाता है. राजनीति विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. टी ए पैठणकर ने कहा, 'शुरुआत में हमें भी फैसला प्रतिबंधात्मक लगा लेकिन अब छात्राएं अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगा रही हैं. मुझे भरोसा है कि यह उनके परीक्षा परिणामों में भी दिखेगा.' गोपनीयता की शर्त पर एक छात्रा ने कहा, 'हम अपने आसपास की दुनिया को जान रहे हैं, अब हमारे पास पुस्तकालय में अखबार और पत्रिकाएं पढ़ने का अधिक समय रहता है.'

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पहचान न उजागर करने की शर्त पर एक छात्रा ने बताया कि क्लाश रूम में भी फोन पर फेसबुक और वॉटसएप पर आने वाले मैसेज से उनका ध्यान पढ़ाई से भटक जाता है और वह चैट में व्यस्त हो जाते हैं. जब से उनके पास मोबाइल नहीं हैतो उनका ध्यान इस तरह से नहीं भटरकता. शुरू में मोबाइल न होने से अजीब लगता था, लेकिन समय के साथ सब सही हो रहा है.

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First published: February 2, 2020, 12:10 PM IST
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