मलाला ने कहा, कोविड-19 संकट के बाद शायद दो करोड़ लड़कियां स्कूल नहीं लौट पाएंगी

मलाला ने माना कि कोविड-19 ने महिलाओं को शिक्षित करने के ‘हमारे सामूहिक लक्ष्य’ को नुकसान पहुंचाया है.
मलाला ने माना कि कोविड-19 ने महिलाओं को शिक्षित करने के ‘हमारे सामूहिक लक्ष्य’ को नुकसान पहुंचाया है.

मलाला ने कहा, पांच साल पहले निर्धारित सतत वैश्विक लक्ष्य में लाखों लड़कियों के सुनहरे भविष्य की कल्पना की गयी थी. इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बहुत कम प्रयास हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 6:45 PM IST
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नई दिल्ली. नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मलाला यूसुफजई ने कहा है कि कोविड-19 संकट खत्म होने के बाद भी दो करोड़ लड़कियां शायद स्कूल नहीं पहुंच पाएंगी. ‘डॉन’ अखबार के मुताबिक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर शुक्रवार को मलाला (23) ने माना कि कोविड-19 ने महिलाओं को शिक्षित करने के ‘हमारे सामूहिक लक्ष्य’ को नुकसान पहुंचाया है.

दो करोड़ लड़कियां स्कूलों में नहीं लौट पाएंगी
उन्होंने कहा, शिक्षा के मोर्चे पर महामारी खत्म होने के बाद भी दो करोड़ लड़कियां स्कूलों में नहीं लौट पाएंगी. वैश्विक स्तर पर कोष जुटाने के प्रयासों को भी धक्का लगेगा. बता दें कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए मुहिम के दौरान पाकिस्तान तालिबान के आतंकियों ने मलाला को गोली
मार दी थी.
लाखों लड़कियों के सुनहरे भविष्य की कल्पना 
मलाला ने वैश्विक समुदाय को याद दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा पांच साल पहले निर्धारित सतत वैश्विक लक्ष्य में लाखों लड़कियों के सुनहरे भविष्य की कल्पना की गयी थी जो शिक्षित होना चाहती हैं और गैर बराबरी से मुकाबला करना चाहती हैं.



लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बहुत कम प्रयास
उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बहुत कम प्रयास हुए हैं. उन्होंने वैश्विक संस्था से सवाल किया, आप कब काम पूरा करने का विचार कर रहे हैं.

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मौजूदा संकट से आगे देखना होगा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा, हमें इस मौजूदा संकट से आगे देखना होगा और दूरदर्शिता दिखानी होगी . बदलाव संभव है और यह हो रहा है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने अमीर देशों से विकासशील देशों की जरूरतों के लिए मदद करने का आह्वान किया.
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