MPBSE 10th Result 2020: एमपी बोर्ड की 10वीं में फेल होने वालों के लिए राहतभरी खबर, अब हैं ये 3 विकल्प

MPBSE 10th Result 2020: एमपी बोर्ड की 10वीं में फेल होने वालों के लिए राहतभरी खबर, अब हैं ये 3 विकल्प
कोरोना वायरस की वजह से इस बार रिजल्ट घोषित होने में देरी हुई.

Madhya Pradesh Board 10th Result: एमपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा में अगर पास नहीं हो सके हैं तो आपके पास अपनी किस्मत आजमाने के और भी रास्ते हैं. आइए, जानते हैं कैसे?

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MP Board Exam MPBSE 10th Result 2020: एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट, 2020 का रिजल्ट जारी हो गया है: एमपी बोर्ड 10वीं का ​परिणाम जारी कर दिया गया है. मध्य प्रदेश बोर्ड की दसवीं की परीक्षा देने वाले करीब 11.5 लाख स्टूडेंट्स में कई ने अपनी उम्मीदों को पंख लगाए तो कई के हाथ निराशा लगी. साल भर की मेहनत के बाद किसी वजह से फेल हुए छात्र-छात्राओं के लिए ये दुनिया का अंत नहीं है. बल्कि फेल होने वाले स्टूडेंट्स के पास अब भी 3 विकल्प मौजूद हैं. हम आपको इन्हीं रास्तों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिस पर चलकर फेल हुए छात्र सकारात्मक रहकर नए सिरे से अपनी कोशिश को अंजाम दे सकते हैं.

1. कंपार्टमेंट एग्जाम
जो छात्र फेल हुए हैं, वह कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए फॉर्म भर सकते हैं. कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए फॉर्म ऑनलाइन और ऑ‍फलाइन दोनों उपलब्‍ध है. आप अगर ऑफलाइन फॉर्म भरना चाहते हैं तो अपने स्‍कूल में जाकर इसका फॉर्म भर सकते हैं. यह सबसे आसान तरीका होता है. कंपार्टमेंट परीक्षा देकर आप ब‍िना साल बर्बाद क‍िये ही अगली कक्षा में जा सकते हैं.

2. री टोटलिंग
कई बार किसी विषय में हमें बहुत अच्छे नंबर की उम्मीद होती है. मगर जब रिजल्ट आता है तो उस विषय में नंबर काफी कम होते हैं या उम्मीद के अनुसार नहीं होते. कई बार ये भी होता है कि पेपर के नंबर जोड़ने में कोई चूक हो जाती है. ऐसे में एमपी बोर्ड की दसवीं क्लास की परीक्षा में हिस्सा लेने वाले छात्र फेल होने पर री टोटलिंग का विकल्प चुन सकते हैं. इसमें आपके पेपर के नंबर दोबारा जोड़े जाते हैं और अगर किस्मत अच्छी हुई तो आपके नंबर बढ़ भी सकते हैं.



'रुक जाना नहीं' योजना का मिलेगा फायदा
दसवीं में फेल होने वाले छात्रों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक और योजना तैयार की है, जिसका नाम है...रुक जाना नहीं. कोई स्टूडेंट 06 सब्जेक्ट में से दो या तीन विषयों में फेल हो जाता है तो वो इस योजना के तहत परीक्षा में बैठ सकता है. मध्य प्रदेश राज्य ओपन बोर्ड के द्वारा रुक जाना नहीं योजना में परीक्षा फॉर्म भरने वाले परीक्षार्थियों की परीक्षा आयोजित की जाती है इस योजना का मुख्य उद्देश्य यही है कि जो भी स्टूडेंट कक्षा दसवीं में मुख्य परीक्षा में दो से तीन विषयों में फेल हो जाते हैं तो उन्हें दोबारा परीक्षा दिलाकर कक्षा ग्यारहवीं में भेजना है.

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बेस्ट ऑफ 5 की जगह बेस्ट ऑफ 4 योजना...
वैसे इसके अलावा, फेल छात्रों को पास होने का मौका देने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और एमपी बोर्ड में बेस्ट ऑफ फाइव योजना तैयार की है. बेस्ट ऑफ फाइव योजना बीते 3 सालों से लागू है. इसके तहत कोई स्टूडेंट पांच विषयों में पास हो जाता है और एक सब्जेक्ट में फेल हो जाता है तो पांच विषयों के नंबर के आधार पर छठवे विषय में छात्र को पास कर दिया जाता है. वहीं इस बार छात्रों को दो विषयों में जनरल प्रमोशन दिया गया है. यही वजह है कि इस बार बेस्ट ऑफ फाइव की जगह बेस्ट ऑफ फोर योजना लागू की जा रही है. बेस्ट ऑफ फोर योजना के तहत कोई स्टूडेंट 3 विषयों में पास हो रहा है और एक सब्जेक्ट में अगर फेल हो रहा है तो स्टूडेंट को तीन विषयों के पासिंग नंबर के आधार पर चौथे विषय में पास कर दिया जाएगा.
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