MP Board Result 2019: 2018 रिजल्ट के बाद MP में 8 बच्चों ने किया था सुसाइड, इन 5 बातों का ख्याल रखें मां-बाप

MP Board 10th/12th Result 2019: रिजल्ट्स के दिन बेहद संवदेनशील होते हैं, ना केवल छात्र-छात्राओं बल्कि उनके माता-पिता और अभिभावकों के लिए भी. इसलिए कुछ बातों का खयाल रखना बेहद जरूरी है.

News18Hindi
Updated: May 15, 2019, 12:06 PM IST
MP Board Result 2019: 2018 रिजल्ट के बाद MP में 8 बच्चों ने किया था सुसाइड, इन 5 बातों का ख्याल रखें मां-बाप
MP Board 10th/12th Result 2019: रिजल्ट्स के दिन बेहद संवदेनशील होते हैं, ना केवल छात्र-छात्राओं बल्कि उनके माता-पिता और अभिभावकों के लिए भी. इसलिए कुछ बातों का खयाल रखना बेहद जरूरी है.
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Updated: May 15, 2019, 12:06 PM IST
MP Board 10th/12th Result 2019: मध्य प्रदेश बोर्ड के नतीजे जारी हो गए हैं. रिजल्ट कुछ के लिए के बहुत ही खुशहाली से भरा होगा तो कुछ लोगों के लिए दुख का कारण भी बनता है. पिछले साल के आंकड़े की बात करें तो रिजल्ट के बाद 8 बच्चों ने सुसाइड कर लिया था. इनमें चार बच्चे 10वीं के थे और इतने ही विद्यार्थी 12वीं के थे.  जबकि तीन ने सुसाइड की कोशिश की थी. लेकिन ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं उन कुछ खास कदमों के बारे में जो आपको तत्काल उठाने की आवश्यकता है.

1. बच्चों से ऐसी बातें कहने से बचें


MP Board Result 2019

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रिजल्ट के दरम्यान अपने बच्चे को हतोत्साहित या निराश करने वाली बात ना कहें. मसलन, 'तुमने साल भर पढ़ाई नहीं की', 'तुमसे पढ़ाई-लिखाई नहीं हो पाएगी', 'तुम फेल हो जाओगे' इस तरह की तमाम बातें न करें.इसलिए भरसक कोशिश करें कि घर का महौल सकारात्मक बना रहे.

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2. अपने साथ घटी घटनाओं का उल्लेख करें, बहादुरी के किस्से बताएं
सभी माता-पिता के जीवन में कई उतार-चढ़ाव देख चुके होते हैं. ऐसे में अपने बच्चे से बिल्कुल कुछ ऐसी उम्मीद लगाए ना बैठे जो वो खुद नहीं कर सके. बल्कि अपने बच्चे को लगतार उन कहानियों से अवगत कराएं जो उनकी अपनी जिंदगी में घटीं और उससे होने वाले नफे-नुकसान के बारे में भी बताएं. साथ ही यह जरूर बताएं कि रिजल्ट जैसा भी आए, आगे जिंदगी में किस तरह से आगे बढ़ना चाहिए.

3. बच्चों की रुचि को बिल्कुल ना करें अनदेखा
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पढ़ाई के दौरान और बच्चे की रोजाना की दिनचर्या से उन चीजों के बारे में जानने की कोशिश करें कि उनके बच्चे का मन किन विषयों में ज्यादा लगता है. ऐसा कई बार होता है कि बच्चों का मन खेल-कूद में ज्यादा लगता है. ऐसे में बच्चों से सीधे बात कर के रुचियों पर जमकर चर्चा करनी चाहिए. साथ ही उन्हें अवगत कराना चाहिए कि वो जो चाहते हैं वह जरूरी है. उन्हें उन कामों के लिए भी वक्त मिलेगा. लेकिन कुछ जरूरी चीजें और भी हैं जिन्हें साथ ही करते चलें.

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मसलन, उन्हें उनके पसंदीदा विषयों के बारे में पूछकर उन्हें उस विषय से कुछ और रोचक जानकारियां, किताबें व दूसरे अन्य चीजें लाकर दें. ताकि वे उसमें और ज्यादा समझदार हो जाएं.

4. बच्चों पर ना छोड़ें सारे फैसले, खुद रखें इन बातों का ध्यान
बच्चा मन कई बार चमक-दमक या आकर्ष‌ित करने वाली चीजों की ओर आकर्षक हो जाता है. ऐसे में बच्चे के मन को हतोत्साहित करने वाली बातें कहने से अच्छा है कि पहले पैरेंट्स खुद उस तरह की पढ़ाई के कोर्स, फीस, कॅरियर की पूरी जानकारी इकट्ठा करें. फिर बच्चे को पूरी जानकारी के साथ अपनी बात को बताएं.

5. फीस का कर लें पहले ही इंतजाम
रिजल्ट के ठीक बाद की चुनौती फीस का इंतजाम करना होता है. ऐसे में अचानक से खुद परेशानी में डालने से अच्छा है कि पैरेंट्स को अंदाज लगाकर अभी से फीस का इंतजाम कर लेना चाहिए. साथ संभावित एडमिशन वाली जगहों के बारे में भी जानकारी जुटाकर जरूरी डॉक्यूमेंट को सहेजने का काम शुरू कर देना चाहिए.

इन कुछ छोटे-छोटे कदमों से ना केवल रिजल्ट के समय आप सामान्य रहेंगे बल्कि जरूरी काम भी निपटाते चलेंगे. साथ ही ऐसे मौकों पर आप बच्चे के लिए कुछ सरप्राइज घूमने-फिरने का प्लान भी कर सकते हैं.

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