जानें क्या है विक्टर फोर्स, कश्मीर में जिसका हिस्सा बनेंगे महेंद्र सिंह धोनी

विक्टर फोर्स को काउंटर टेरेरिस्ट फोर्स भी कहा जाता है. फोर्स की तैनाती जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंकवाद के मद्देनज़र की गई है.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 2:26 PM IST
जानें क्या है विक्टर फोर्स, कश्मीर में जिसका हिस्सा बनेंगे महेंद्र सिंह धोनी
महेंद्र सिंह धोनी
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Updated: July 31, 2019, 2:26 PM IST
इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी 31 जुलाई को पैराशूट रेजीमेंट के 106वीं टेरिटोरियल आर्मी (टीए) बटालियन को ज्वाइन करेंगे. लेफ्टिनेंट कर्नल एमएस धोनी इस बटालियन के साथ 31 जुलाई से 15 अगस्त 2019 तक जुड़े रहेंगे. इस दौरान धोनी की तैनाती कश्मीर में होगी. ये यूनिट कश्मीर में, विक्टर फोर्स का पार्ट है. ड्यूटी के दौरान धोनी ट्रूप के साथ पेट्रोलिंग, गार्ड और पोस्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे.

क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह और लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी ने वेस्ट इंडीज दौरा छोड़कर सेना में अपनी ड्यूटी लगवाई है, जिस विक्टर फोर्स के साथ वे कश्मीर में तैनात होंगे, जानिए क्या है वो फोर्स. धोनी यहां क्या काम करेंगे और ये फोर्स कैसे काम करती है.



विक्टर फोर्स, राष्ट्रीय राइफल्स के अंगों में से एक और भारतीय सेना के खतरनाक मिशन में शुमार है. विक्टर फोर्स का गठन 1990 में नॉर्थ इस्ट में बढ़ते उग्रवाद पर काबू पाने के लिए हुआ था. विक्टर फोर्स को काउंटर टेरेरिस्ट फोर्स भी कहा जाता है. फोर्स की तैनाती जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंकवाद के मद्देनज़र की गई है. सेना की ये टुकड़ी काउंटर इंसरजेंसी (CIF) के तौर पर काम करती है.

क्या हैं राष्ट्रीय राइफल्स के अंग, जिसमें से एक है विक्टर फोर्स
राष्ट्रीय राइफल में पांच यूनिट हैं, जिसमें रोमियो फोर्स (सीआईएफ-आर), डेल्टा फोर्स (सीआईएफ-डी), विक्टर फोर्स (सीआईएफ-वी), किलो फोर्स (सीआईएफ-के) और यूनिफार्म फोर्स (सीआईएफ-यू) हैं.

कश्मीर में कहां तैनात होती है विक्टर फोर्स
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विक्टर फोर्स की तैनाती कश्मीर घाटी में अनंतनाग पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और बड़गाम में होती है. उग्रवाद की समस्या वाले शहरों, गांवों या जंगलों में इस फोर्स की तैनाती तत्काल की जाती है. विक्टर फोर्स के जवानों को ट्रेनिंग इसी आधार पर दी जाती है. इस फोर्स में इनफैंट्री के जवान, ऑर्ड, एअर डिफेंस और इंजीनियरिंग विंग के जवान भी होते हैं.

धोनी को साल 2011 में टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक दी गई थी. वे 2015 में क्वालीफाइड पैराट्रूपर बने थे. उन्होंने आगरा में आर्मी एयरक्राफ्ट से पांच पैराशूट ट्रेनिंग जंप लगाकर ये उपलब्धि हासिल की थी.

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First published: July 31, 2019, 1:07 PM IST
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