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National Education Day 2019: जानिए उस शख्‍स की कहानी, जिसने IIT, IIM और UGC की नींव रखी

News18Hindi
Updated: November 11, 2019, 11:09 AM IST
National Education Day 2019: जानिए उस शख्‍स की कहानी, जिसने IIT, IIM और UGC की नींव रखी
आजाद की पढ़ाई- लिखाई घर पर हुई है. पहले उनको घर पर पढ़ाया गया और बाद में उनके पिता ने पढ़ाया.

अबुल कलाम आजाद स्वतंत्रता सेनानी और देश के पहले शिक्षा मंत्री थे. उन्होंने ही देश में यूजीसी, आईआईएम और आईआईटी जैसे संस्थानों की नींव रखी थी.

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  • Last Updated: November 11, 2019, 11:09 AM IST
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हर स्‍टूडेंट की ख्‍वाहिश होती है कि हॉयर एजुकेशन के लिए IIT और IIM जैसे संस्‍थानों से पढ़ाई करें. इन संस्‍थानों से पढ़ाई करना किसी भी स्‍टूडेंट के लिए बड़ी गौरव की बात होती है लेकिन क्‍या आप जानते हैं देश और दुनिया में अपनी एजुकेशन क्‍वालिटी के लिए जानने वाले इन संस्‍थानों की नींव किसने रखी. अगर नहीं तो आइए हम आपको बताते हैं. उस शख्‍स का नाम है मौलाना अबुल कलाम आजाद. मौलाना अबुल कलाम आजाद स्वतंत्रता सेनानी और देश के पहले शिक्षा मंत्री थे. उन्होंने ही देश में यूजीसी, आईआईएम और आईआईटी जैसे संस्थानों की नींव रखी थी.

आज यानी कि 11 नवंबर को मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्‍मदिन है. उनके जन्‍मदिन पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उनके योगदान के लिए उनके जन्मदिन पर साल 2015 में 'नेशनल एजुकेशन डे' (National Education Day 2019) मनाने का फैसला किया था. इसी मौके पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ पहलू.

मौलाना आजाद का जन्म 11 नवंबर, 1888 को मक्का, सऊदी अरब में हुआ था. उनका असल नाम अबुल कलाम गुलाम मोहिउद्दीन अहमद था लेकिन वह मौलाना आजाद के नाम से मशहूर हुए थे. मौलाना आजाद स्वतंत्रता संग्राम के अहम लीडरों में से एक थे. वह लीडर के साथ-साथ पत्रकार और लेखक भी थे. उनके पिता का नाम मौलाना सैयद मोहम्मद खैरुद्दीन बिन अहमद अलहुसैनी था. उनके पिता भी  विद्वान थे, जिन्होंने 12 किताबें लिखी थीं. 13 साल की उम्र में मौलाना की शादी खदीजा बेगम से हो गई थी.

घर पर हुई पढ़ाई

आजाद की पढ़ाई- लिखाई घर पर हुई है. पहले उनको घर पर पढ़ाया गया और बाद में उनके पिता ने पढ़ाया. इसके बाद उनके लिए शिक्षक रखे गए.आजाद को कई भाषाओं का ज्ञान है. इनमें उर्दू, हिंदी, फारसी, बंगाली, अरबी और इंग्लिश है.  साथ ही उन्होंने पश्चिमी दर्शनशास्त्र, इतिहास और समकालीन राजनीतिक का भी अध्य्यन किया.

पत्रिका का किया प्रकाशन
आजाद ने 1912 में एक साप्ताहिक पत्रकारिता निकालना शुरू किया. उस पत्रिका का नाम अल हिलाल था. अल हिलाल के माध्यम से उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द और हिंदू मुस्लिम एकता को बढ़ावा देना शुरू किया और साथ ही ब्रिटिश शासन पर प्रहार किया.
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देश के पहले शिक्षा मंत्री
आजाद स्‍वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री बने. वह पंडित जवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट में 1947 से 1958 तक मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा मंत्री रहे. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया. उन्होंने आईआईटी, आईआईएम और यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) जैसे संस्थानों की स्थापना में उल्लेखनीय भूमिका निभाई.

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First published: November 11, 2019, 11:09 AM IST
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