स्वतंत्रता दिवस 2020: राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के बारे में 12 इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

स्वतंत्रता दिवस 2020: राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के बारे में 12 इंटरेस्टिंग फैक्ट्स
भारत अपना 74 वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा.

जानिए भारतीय राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के बारे में रोचक तथ्य जिन्हें स्वतंत्रता दिवस के भाषण या निबंध में इस्तेमाल कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 3:14 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. 15 अगस्त, 2020 को भारत अपना 74 वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे. कई घटनाओं और संशोधनों के बाद भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का वर्तमान स्वरूप अस्तित्व में आया. हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रूप में भी जाना जाता है, ये ध्वज भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का अभिन्न अंग था और इसका लंबा इतिहास है.

राष्ट्रगान, जन गण मन, स्वतंत्रता सेनानियों का महत्वपूर्ण सहयोगी था. ये मूल रूप से रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली में रचित था. राष्ट्रगान विविध भारत की एकता का प्रतिनिधित्व करता है. भारतीय राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के बारे में कुछ रोचक तथ्य दिए गए हैं जिन्हें छात्र अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण या निबंध में इस्तेमाल कर सकते हैं.

1- भारत का राष्ट्रीय ध्वज क्षैतिज, आयताकार (horizontal, rectangular) केसरिया सफेद और हरे रंग का तिरंगा है. बीच में अशोक चक्र है, इसे तिरंगा के नाम से जाना जाता है.



2- हालाँकि, 7 अगस्त 1906 को फहराए गए भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के पहले संस्करण में हरे, पीले और लाल रंग की धारियाँ थीं. इसमें धार्मिक चिन्ह, आठ गुलाब और वंदे मातरम लिखा था.
3- भारतीय ध्वज का दूसरा संस्करण जर्मनी के स्टटगार्ट में सोशलिस्ट इंटरनेशनल समिट में मैडम भीकाजी कामा द्वारा फहराया गया था.

4- ध्वज का तीसरा संस्करण, यूनियन जैक के साथ लाल और हरे रंग की धारियों के साथ था. यूनाइटेड किंगडम का राष्ट्रीय ध्वज बाईं ओर ऊपर की तरफ और दाई ऊपर की ओर एक अर्धचंद्र और सप्तऋषि तारामंडल (Saptrishi constellation) के रूप में सात सितारे थे. इसका उपयोग बाल गंगाधर तिलक द्वारा किया 1917 में गया था.

5- भारतीय ध्वज का एक और संस्करण 1921 में डिजाइन किया गया. पहले में धार्मिक अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करने वाली शीर्ष पर एक सफेद पट्टी थी, मुसलमानों के लिए बीच में हरे रंग की पट्टी और नीचे की ओर हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करते हुए लाल पट्टी थी. ध्वज के केंद्र में एक चरखा था. यह ध्वज महात्मा गांधी के नजरिए के अनुसार था.

6- झंडे का एक और संस्करण, जिसे कांग्रेस कमेटी ने अपनाया, इसमें सबसे ऊपर केसरिया रंग, बीच में सफेद और सबसे नीचे हरा रंग था. बीच की सफेद पट्टी पर एक चरखा था.

7- 15 अगस्त, 1947 को, भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू ने दिल्ली में लाल किले के लाहौरी गेट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया.

8- 15 अगस्त, 2020 को टाइम्स स्क्वायर, न्यूयॉर्क में पहली बार भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा.

9- भारत का राष्ट्रीय गान, जन गण मन मूल रूप से बंगाल में भारोतो भाग्यो बिधाता (Bharoto Bhagyo Bidhata) के रूप में रचा गया था. यह पहली बार सार्वजनिक रूप से 27 दिसंबर, 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता सत्र में गाया गया था.

10- भारत के राष्ट्रगान के अलावा, रवींद्रनाथ टैगोर ने बांग्लादेश का राष्ट्रगान अमर सोनार बांग्ला भी लिखा.

11- 11 सितंबर 1942 को जर्मन-इंडियन सोसाइटी की बैठक के दौरान सुभाष चंद्र बोस ने 'जन गण मन' के लिए सबसे पहले "राष्ट्रगान" शब्द का इस्तेमाल किया.

ये भी पढ़ें-
UPSC में माध्यम को लेकर असमंजस है तो इस IPS से जानें एग्जाम क्रैक करने का फॉर्मूला
IIMC Admission 2020: एडमिशन फॉर्म सबमिट करने की आज आखिरी तारीख, पढ़ें डिटेल

12- 1950 में आधिकारिक रूप से भारत का राष्ट्रगान बनने से पहले, 'जन गण मन' का इस्तेमाल 1945 की फिल्म हमराही में किया गया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading