नौकरी की बात : दस साल में 100 करोड़ नौकरियों की स्किल बदल जाएंगी, इसलिए सीखें नई स्किल और करें रि-स्किलिंग

डायग्‍नॉस्टिक्‍स सेक्टर में जानें रोजगार के मौके और रिस्कलिंग के मंत्र

डायग्‍नॉस्टिक्‍स सेक्टर में जानें रोजगार के मौके और रिस्कलिंग के मंत्र

एसआरएल डायग्‍नॉस्टिक्‍स (SRL diagnostics) के डायरेक्टर और ह्युमन रिसॉर्सेज हेड वरुण मेहता (Varun Mehta) से जानिए, डायग्‍नॉस्टिक्‍स सेक्टर और उनकी कंपनी में नौकरियों के अवसर व इसकी तैयारियों के तरीके...

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  • Last Updated: February 22, 2021, 1:43 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामारी के बाद अब अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है. रोजगार के मौके खुलने लगे हैं. अपने युवा पाठकों के लिए न्यूज18 ने देश के टॉप एचआर लीडर (HR Leader) के साथ खास सीरिज "नौकरी की बात" (Naukari ki bat) शुरू की है. इस बार डायग्‍नॉस्टिक्‍स (diagnostics sector) सेक्टर की बात. एसआरएल डायग्‍नॉस्टिक्‍स (SRL diagnostics) के ह्युमन रिसॉर्सेज हेड वरुण मेहता (Varun Mehta) से जानिए, डायग्‍नॉस्टिक्‍स और उनकी कंपनी में नौकरियों के अवसर व इसकी तैयारियों के तरीके...
सवाल : जिन लोगों की महामारी के दौरान नौकरी गई, उन्हें क्या करना चाहिए?
जवाब : यदि महामारी के दौरान आपकी नौकरी छूट गई है, तो आप यह जान लें कि आगे पर्याप्‍त अवसर मौजूद हैं. जैसे-जैसे बाजार खुल रहा है, कंपनियां भी नियुक्ति के लिए सही प्रतिभाएं तलाश रही हैं.
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सवाल : महामारी के दौरान स्किल सेट में कैसे बदलाव आया?
जवाब : पूरी दुनिया में बदलाव आया है और लगातार हो रहा है, इसलिए रोजगार के इच्‍छुकों को चाहिए कि वो वर्तमान मांग को समझते हुए एवं अपनी क्षमता व कौशल का ध्‍यान रखें. इसके हिसाब से नए-नए अवसरों के लिए स्‍वयं को तैयार करें. अब इंटरव्यू की प्रक्रियाएं भी बदल गयी हैं - वर्चुअल कम्‍यूनिकेशंस के साथ-साथ नियुक्ति के अनेक नए-नए मॉडल्‍स जैसे कि फ्रीलांसर्स, अल्‍पकालिक, अस्थायी व संविदा कार्यबल (कंट्रैक्ट वर्कफोर्स) का चलन तेजी से बढ़ रहा है. कंपनियां उनके टैलेंट पाइपलाइन के रिकंस्ट्रक्शन पर जोर दे रही हैं.


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सवाल : महामारी के बाद से बहुत सारे कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध है. अगर कोई इन कोर्स को करता है तो क्या उन्हें कंपनियां काम पर रखेंगी?
जवाब : कैंडिडेट के स्पेसिफाइड हार्ड स्किल्स के विपरीत, सॉफ्ट स्किल्‍स यूनिवर्सल हैं और ऑनलाइन प्रशिक्षण के जरिए इन्हें आसानी से हासिल किया जा सकता है. सॉफ्ट स्किल्स, कंपनियों के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने की कर्मचारियों के लिए. एसआरएल जैसे ऑर्गेनाइजेशंस को लगातार सॉफ्ट स्किल्स जैसे कि रचनात्मकता एवं नवाचार के साथ-साथ तकनीकी कौशल युक्त प्रतिभा की सदैव तलाश रहती है.

varun mehta

एसआरएल डायग्‍नॉस्टिक्‍स (SRL diagnostics) के डायरेक्टर और ह्युमन रिसॉर्सेज हेड वरुण मेहता (Varun Mehta)


सवाल : जब मार्केट धीरे-धीरे खुल रहा है तो कहां और कैसे युवाओं को नौकरी की तलाश करनी चाहिए?
जवाब : लिंक्डइन जैसे साधन, रोजगार तलाशने एवं नेटवर्किंग की प्रक्रिया में शक्तिशाली भूमिका निभा सकते हैं. अपने मौजूदा कनेक्‍शंस का उपयोग करके कंपनी के हायरिंग मैनेजर से संपर्क कर सकते हैं या कंपनी के भीतर के किसी ऐसे व्यक्ति को ईमेल भेज सकते हैं जो एचआर के साथ फोन कॉल करा सके.
सवाल : क्या कोविड-19 के बाद जॉब देने की प्रक्रिया में बदलाव हुआ है?
जवाब : न्यू नॉर्मल के अनुसार स्वयं को ढालने के लिए नए-नए तरीके व तकनीकें अपनाई जा रही हैं. एचआर के प्रमुख कार्यों जैसे कि नियुक्ति को अब वीडियो प्लेटफॉर्म्स के जरिए वर्चुअल तरीके से किया जा रहा है. ऑनबोर्डिंग, डॉक्यूमेंटेशन, इंडक्शन एवं ट्रेनिंग जैसी प्रक्रियाएं भी वर्चुअल प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रभावी तरीके से हो रही हैं. वीडियो इंटरव्‍यूज के लिए सहयोगात्मक (कोलैबरेटिव) साधनों के उपयोग से कई कंपनियों को उनके खर्च को कम बनाये रखने में मदद मिलेगी. खर्च में होने वाली यह बचत, रिक्रूटर्स को इस फॉर्मट का उपयोग करते रहने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है.
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सवाल : इस कठिन समय में इंटरव्यू के लिए कैसे तैयारी करनी चाहिए?
जवाब : न्यू नॉर्मल में, कंपनियां, कैंडिडेट के अनुभव एवं शिक्षा पर ही ध्यान नहीं दे रही हैं बल्कि उनकी रूचि यह जानने में भी होगी कि अभ्‍यर्थी क्या नया कर सकता है. इंटरव्यू में इस बात पर फोकस होगा कि वह घर से काम करने के साथ-साथ टीम में काम करने में कितना कुशल है. एआई-संरचित इंटरव्यूज से रिक्रूटर्स एवं हायरिंग मैनेजर्स को उपयोगी कौशल पर ध्‍यान देने में मदद मिलेगी, और एआई इंटरव्यू एनालिसिस, डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके यह पूर्वानुमान प्रदान कर सकता है कि किसी पद पर कोई अभ्‍यर्थी कितना अधिक सफल होगा.
सवाल : वर्तमान परिस्थितियों में किस तरह के करियर को अपनाया जा सकता है?
जवाब : हेल्थकेयर और लाइफ साइंस सेगमेंट का व्यावसायिक परिदृश्य लगातार बदलता रहा है. इस सेगमेंट अनेक नए करियर्स देखने को मिल सकते हैं. जैसे कि एनालिटिकल डेटा, सूचना संग्रहण, एआई जैसी उभरती तकनीक से जुड़ी क्षमताएं, ऑटोमेशन, एनालिटिक्‍स, रियल-टाइम एनालिसिस एवं रिपोर्टिंग, टैलेंट इकोसिस्टम में मूलभूत बदलाव लाएंगे. आगामी समय में, आरएंडडी, क्लिनिकल ट्रायल्स एवं अप्रूवल्‍स पर जोर दिए जाने के साथ स्पेशलिस्ट फंक्शन डोमेन में प्रतिभा की मांग बढ़ेगी. तकनीकी स्किल्स के अलावा, प्रोडक्ट डवलपमेंट, ऑटोमेशन एवं डिजिटल, डेटा साइंस व एनालिटिक्‍स, साइंटिफिक राइटिंग, क्लिनिकल ट्रायल्‍स एवं रिसर्च जैसे क्षेत्रों में भी विकास होगा.

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सवाल : आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स और बिग डाटा को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए कौन से बदलाव देखे जा सकते हैं?
जवाब : पैथोलॉजिस्ट्स के कार्यों में डेटा-आधारित तरीके से क्रांति आ रही है, जिससे मरीज जल्द और उच्च सटीकता के साथ जांच रिपोर्ट्स प्राप्त कर सकेंगे. इस क्षेत्र में हाल में प्री-एनालिटिकल ऑटोमेशन से लेकर एनालिटिकल फेज में ऑटोमेटेड मॉड्यूलर सिस्टम्स और पोस्ट-एनालिटिकल फेज में क्लाउड के उपयोग व स्मार्ट रिपोर्ट्स तक कई नवाचार हुए हैं. इससे टर्नअराउंड टाइम एवं लैब त्रुटियों कम हो रही हैं. रिक्रूटमेंट की दृष्टि से भी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं बिग डेटा के चलते नियुक्ति के क्षेत्र में बदलाव आने वाला है. एआई, नियुक्ति प्रक्रिया में पक्षपात को दूर करने में सहायक है.
सवाल : क्या आप हमारे पढ़ने वाले को बता सकते है कि पैथालॉजी व डायग्नोस्टिक सेक्टर में नौकरियों की क्या संभावनाएं है?
जवाब : कोविड और नॉन-कोविड दोनों ही तरह की टेस्टिंग की मांग में वृद्धि देखने को मिली है. डिजिटल के अत्यधिक चलन के साथ, होम कलेक्शन की अधिक मांग हो रही है, जिसके चलते घर जाकर सैंपल लेने वाले फ्लेबॉटमिस्ट्स की भर्ती बढ़ रही है. हेल्थकेयर सेगमेंट पर अधिक ध्‍यान दिये जाने के साथ, यह सेगमेंट लगातार आगे बढ़ रहा है. यानी ज्यादातर सैंपल कलेक्‍शन के लिए कुशल फ्लेबॉटमिस्‍ट्स, मॉलिक्यूलर बायलॉजी में टेस्टिंग के लिए कुशल टेक्निशियंस, और कंप्लायंस एवं डॉक्युमेंटेशन के लिए नौकरियां होगी.
सवाल : हमें बताएं कि जो लोग काम कर रहे हैं उन्हें स्वयं को प्रतिस्पर्द्धी बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए?
जवाब : वर्ष 2030 तक दुनिया भर में 100 करोड़ से अधिक, या लगभग कुल एक-तिहाई रोजगारों का स्वरूप बदलने का अनुमान है. इस परिवर्तन के चलते, कई रोजगार भूमिकाएं बेकार हो जायेंगी और नई भूमिकाएं पैदा होंगी. इसलिए, युवा प्रतिभाओं को चाहिए कि वो नए कौशल हासिल करें और पुरानी स्किल को बढ़ाए जिससे कि कंपनी की नवाचार आवश्‍यकताएं पूरी कर सकें और कॉर्पोरेट लक्ष्‍यों को हासिल कर सकें.

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सवाल : हमें आप अपनी कंपनी के हाइरिंग प्रोसेस के बारें में बताएं और कैसे नौकरी ढूढ़ने वाले लोग आपकी कंपनी से संपर्क साध सकते हैं?
जवाब :हमारी नियुक्ति प्रक्रिया काफी आसान है और रोजगार के इच्‍छुक लोग कई तरीके से हम से संपर्क कर सकते हैं. हम इंप्लॉयी रेफरल प्रोग्राम्‍स, कॅरियर पोर्टल्‍स, एसआरएल के इंटर्नल पोर्टल के जरिए भर्ती करते हैं, हम कई ऑनलाइन विज्ञापन देते हैं और हम कैंपस प्‍लेसमेंट्स के लिए संस्‍थानों के साथ करार भी करते हैं.
सवाल : आपकी कंपनी में और इस सेक्‍टर में विकास की क्या संभावनाएं हैं?
जवाब : डॉक्‍टर्स कोई भी उपचार तय करने से पूर्व डायग्‍नॉस्टिक्‍स पर अत्‍यधिक निर्भर हैं. 2021-22 में डायग्‍नॉस्टिक्‍स सेगमेंट को 20.4 प्रतिशत के सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान है. हम भी अपना विस्तार कर रहे हैं और लगातार सही प्रतिभाओं की तलाश में है. एसआरएल के ऐसे कई प्रोग्राम्‍स हैं जो हॉरिजंटल एवं वर्टिकल कॅरियर ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं.

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