नौकरी की बात : जॉब्स तलाशने के लिए हैशटैग का इस्तेमाल करें, जानें ऐसी ही जरूरी टिप्स

प्रत्याशी को रिक्रूटमेंट पोर्टल, जैसे इनडीड, मॉन्सटर और नौकरी आदि पर अपने व्यक्तिगत विवरण बनाना चाहिए.

प्रत्याशी को रिक्रूटमेंट पोर्टल, जैसे इनडीड, मॉन्सटर और नौकरी आदि पर अपने व्यक्तिगत विवरण बनाना चाहिए.

नौकरी की बात (Naukari Ki Bat) सीरिज में हीरो ग्रुप की कंपनी हीरो वायर्ड (Hero Vired) के संस्थापक एवं सीईओ अक्षय मुंजाल (Akshay Munjal) से जानिए नौकरियों के अवसर

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नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामारी (Covid-19) में कई लोगों की जॉब्स चली गई. नई नौकरियों के मौके कम हो गए. ऐसे दौर में हीरो ग्रुप की कंपनी हीरो वायर्ड (Hero Vired) के संस्थापक एवं सीईओ अक्षय मुंजाल (Akshay Munjal) का मानना है कि कुछ जरूरी बातों पर फोकस करके रोजगार के नए मौके हासिल किए जा सकते हैं.

न्यूज18 की "नौकरी की बात" (Naukari ki bat) सीरिज में अक्षय मुंजाल (Akshay Munjal) ने रोजगार के लिए जरूरी टिप्स दिए. उन्होंने कहा कि एडटेक, फिनटेक, ईकॉमर्स और गेमिंग जैसे उद्योगों में महामारी के दौरान वृद्धि हुई और वो महामारी के सबसे ज़्यादा प्रकोप के दौरान भी भर्ती करते रहे हैं. भविष्य में भी यह रूझान बने रहने की उम्मीद है.

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मुंजाल के नौकरी के मंत्र
नौकरी तलाशने वालों को डेटा साईंस, मशीन लर्निंग, गेम डिजाइन जैसी विकसित होती एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों में खुद को अपडेट व अपग्रेड करते रहना चाहिए. प्रत्याशी रिक्रूटमेंट पोर्टल, जैसे इनडीड, मॉन्सटर और नौकरी आदि पर अपने व्यक्तिगत विवरण बना सकते हैं. नियोक्ताओं को यह पसंद आएगा कि नौकरी का आवेदन करने वालों ने विभिन्न कोर्स किए हों, सर्टिफिकेट प्राप्त किए हों या प्रतियोगिताएं/हैकेथॉन जीते हों. इस युग में रोजगार के योग्य बनने के लिए व्यक्ति को टेक्निकल, प्रॉब्लम सॉल्विंग, डिसीजन मेकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग एवं एनालिटिकल कैपेबिलिटीज़ में काम करके खुद का व्यक्तिगत ब्रांड बनाने पर केंद्रित होना चाहिए.

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सवाल : सबसे पहले हमें बताइए कि महामारी के दौर में नौकरी गंवाने वाले लोग क्या करें?



जवाब : सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनॉमी प्राईवेट लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी की दर 5 अप्रैल, 2021 के सप्ताह में 8.6 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो दो हफ्ते पहले 6.7 प्रतिशत थी. शहरी इलाकों में यह दर 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है. मैककिन्से ग्लोबल इंस्टिट्यूट के नए अध्ययनों में सामने आया है कि दस करोड़ से ज्यादा कर्मी, यानी 16 में से एक, को 2030 तक किसी नए व्यवसाय में नौकरी तलाशनी होगी और इस परिवर्तन के लिए उन्हें ज्यादा उन्नत कौशल की जरूरत होगी. एक तरफ तो कुशल व्यवसायियों की कमी है, तो दूसरी तरफ स्नातकों को उचित नौकरियां नहीं मिल पा रहीं क्योंकि उनके पास उद्योग के लिए जरूरी कौशल नहीं. महामारी फैलने के बाद, अनेक बड़े व छोटे उद्योगों ने डिजिटल दृष्टिकोण अपनाया है. स्वास्थ्य, शिक्षा, फाइनेंस से लेकर ईवेंट्स तक, उद्योग इस तेजी से होते परिवर्तन के अनुकूल ढले हैं. भविष्य में निरंतर अध्ययन और कौशल बढ़ाते रहने की प्रवृत्ति तेज़ी से बदलती व्यवसायिक दुनिया में उपयोगी बने रहने के इच्छुक व्यवसायियों के लिए महत्वपूर्ण है. जिन लोगों में डिजिटल प्रतिभा है, फिर चाहे वह मौलिक स्तर की ही क्यों न हो, वो संबंधित रोजगार के अवसर तलाशने में अन्य लोगों से बेहतर साबित होंगे.

akshay munjal
अक्षय मुंजाल, संस्थापक एवं सीईओ, हीरो वायर्ड

सवाल : महामारी के बाद ऑनलाईन अनेक कोर्स चल रहे हैं? क्या युवाओं को ये कोर्स करने चाहिए और क्या कंपनियां इन कोर्सों को तरजीह या वरीयता देंगी?

जवाब : कौशल का विकास करने, कौशल बढ़ाने या फिर केवल शौक के लिए किए जाने वाले ऑनलाईन कोर्स बढ़े हैं. मौलिक शिक्षा में सुधार की ज़रूरत के बारे में बहुत कुछ कहा जा चुका है, लेकिन कौशल का विकास करना और कौशल बढ़ाना बहुत आवश्यक है. नौकरी तलाशने वालों, प्रत्याशियों, स्नातकों एवं व्यवसायियों की सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि वो डेटा साईंस, मशीन लर्निंग, गेम डिजाइन जैसी विकसित होती एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों में खुद को अपडेट व अपग्रेड करते रहें. अनेक एडटेक स्टार्टअप्स ने प्रशिक्षण व प्लेसमेंट के लिए अग्रणी कंपनियों के साथ गठबंधन किया है.

सवाल : जब मार्केट धीरे-धीरे खुल रहा है तो कहां और कैसे युवाओं को नौकरी की तलाश करनी चाहिए?

जवाब : यह सुरक्षित रूप से कहा जा सकता है कि लोगों व कंपनियों के लिए सोशल मीडिया एक स्वाभाविक प्लेटफॉर्म बन गया है. बाजार खुल रहा है, इसलिए हमें अनेक कंपनियां, नियोक्ता और नौकरी करने के इच्छुक देखने को मिल रहे हैं, जो इसके लिए लिंक्डइन और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर रहे हैं. नौकरी तलाशने वाले कंपनी की वेबसाईट और सोशल मीडिया चैनल्स, जैसे लिंक्डइन, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर जाकर नौकरियां तलाश सकते हैं. नौकरियां तलाशने के लिए जब भी संभव हो, तो हैशटैग का इस्तेमाल करें. नियोक्ता अपने व्यक्तिगत लिंक्डइन एवं ट्विटर पेज और कंपनी के लिंक्डइन पेज पर भी नौकरी की नवीनतम जानकारी देते हैं. अपने सेक्टर के नियोक्ता एवं एचआर लीडर्स को तलाशें और उन्हें फॉलो करें ताकि आपको नौकरियों के लिए नियमित नवीनतम जानकारी मिलती रहे. प्रत्याशी रिक्रूटमेंट पोर्टल, जैसे इनडीड, मॉन्सटर और नौकरी आदि पर अपने व्यक्तिगत विवरण बना सकते हैं. एडटेक, फिनटेक, ईकॉमर्स और गेमिंग जैसे उद्योगों में महामारी के दौरान वृद्धि हुई और वो महामारी के सबसे ज़्यादा प्रकोप के दौरान भी भर्ती करते रहे हैं. भविष्य में भी यह रूझान बने रहने की उम्मीद है.

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सवाल : क्या आपको लगता है कि कोविड-19 के बाद भर्ती प्रक्रिया में बदलाव होंगे?

जवाब : स्मार्ट हायरिंग के युग में प्रवेश करने के लिए नियुक्ति के सभी पक्षों को डिजिटलाइज करने पर काफी बल दिया जा रहा है. कोविड-19 के बाद, नियुक्ति की प्रक्रिया हाईब्रिड होगी, जिसमें आमने-सामने एवं रिमोट/वर्चुअल (remote/virtual ) भर्ती के दोनों तरीके चलेंगे. साथ ही महामारी ने इस बात पर रोशनी डाली है कि व्यवसायी समान उत्पादकता एवं दक्षता के साथ किसी भी जगह से काम कर सकते हैं. इसलिए यदि अभ्यर्थी का व्यक्तिगत विवरण ज़रूरत के अनुरूप है और उनके पास उचित कौशल व दृष्टिकोण है तो अब नियोक्ताओं के लिए स्थान की कोई समस्या नहीं.

सवाल : इंटरव्यू की तैयारी कैसे करें?

जवाब : कोविड-19 कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया की चाल धीमी कर दी है, लेकिन फिर भी कंपनियां योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति करने से रुकी नहीं हैं. वास्तव में, कुशल कर्मियों की ज़रूरत बढ़ी है. यद्यपि ऑनलाइन साक्षात्कार आम साक्षात्कार से ज्यादा अलग नहीं, लेकिन फिर भी नौकरी तलाशने वालों को सफलता के लिए कुछ चीज़ें ध्यान में रखनी जरूरी हैं. नियोक्ताओं को यह पसंद आएगा कि नौकरी का आवेदन करने वालों ने विभिन्न कोर्स किए हों, सर्टिफिकेट प्राप्त किए हों या प्रतियोगिताएं/हैकेथॉन जीते हों. टेक एवं कम्युनिकेशन स्किल्स पर केंद्रित रहना बहुत ज़रूरी होगा. वर्चुअल इंटरव्यू कोविड-19 से काफी पहले से हो रहे थे, लेकिन अब हम सबको इसमें ढलना होगा. यह समझना ज़रूरी है कि इन संसाधनों की अच्छी तरह इस्तेमाल कैसे किए जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपको सर्वश्रेष्ठ अवसर मिलें. सबसे पहले वीडियो साक्षात्कार के लिए ढलना अजीब हो सकता है क्योंकि हम सामने वाले व्यक्ति की शारीरिक भाषा नहीं देख पाते. इसलिए पूरे साक्षात्कार में आंखों का संपर्क बनाए रखना जरूरी है, ठीक वैसे ही, जैसे आप किसी के सामने आंखों में देखते हैं और हाथों के संकेतों के साथ अपनी बात समझाते हैं. कोविड-19 में एक चीज नहीं बदली, वह है साक्षात्कार से पहले तैयारी की जरूरत. वॉल्यूम ऑन है और उसका लेवल इतना है ताकि दूसरा व्यक्ति आसानी से सुन सके, कैमरा काम कर रहा है या नहीं, बैकग्राउंड इमेज सेट है और पूरी दिख रही है, यह सारी सेटिंग जाच लेना चाहिए. इसके बाद भी इंटरव्यू का मौलिक अभ्यास नियुक्ति की प्रक्रिया में मौजूद रहेंगी, लेकिन नौकरी तलाशने के लिए आवेदकों को इन परिवर्तनों के अनुकूल ढलना होगा.

सवाल : आज के हालात में किस तरह के नए रोजगार के अवसर मिलेंगे और करियर का क्या रूप होगा? अगर आने वाले समय में काफी बदलाव होंगे तो?

जवाब : महामारी की वजह से भूमिकाओं एवं नौकरी के प्रोफाईल्स पर भी प्रभाव पड़ा है. नौकरी की अपेक्षाओं एवं कौशल की जरूरतों की दृष्टि से भारी बदलाव हुआ है. जहां इस साल मेडिसिन एवं लाइफ इंश्योरेंस उद्योग ने काफी वृद्धि की, वहीं सर्विस एवं विनिर्माण उद्योग वृद्धि के मामले में संघर्ष कर रहा है, जबकि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है. मानव एवं मशीन के बीच मौजूदा कार्यों का आवंटन जारी है. फ्यूचर ऑफ जॉब्स 2018 रिपोर्ट का एक मुख्य अवलोकन है कि 2025 तक कार्य में मानवों एवं मशीनों द्वारा दिया जाने वाला औसत अनुमानित समय आज के कार्यों के आधार पर समान होगा. यदि आप इलेक्ट्रिक वाहनों को देखें, तो यह अंतर कम होता जा रहा है. यह केवल ऑटोमोबिल का क्षेत्र ही नहीं. एक इलेक्ट्रिक वाहन बनाने के लिए, व्यवसायियों को मैकेनिकल इंजीनियरिंग, न्यूरोसाईंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस आदि अनेक क्षेत्रों में प्रशिक्षित होना चाहिए. 2021 में चल रही कुछ नौकरियां, जो निकट भविष्य में भी बनी रहेंगी, उनमें विकसित होती प्रौद्योगिकी, फुल-स्टैक डेवलपमेंट, कोडिंग, डेटा साईंस एवं गेमिंग हैं. आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस भारत के विकसित होते नौकरी के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि मशीन लर्निंग अभिनवता एवं संभावनाओं के द्वार खोलती है. इस सेक्टर की भूमिकाओं में मशीनों को प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करने में मदद करने से लेकर उन्हें वातावरण को समझने व स्वतंत्र निर्णय लेने का प्रशिक्षण देना शामिल है. मशीन लर्निंग एवं आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस के उपयोग, हैल्थकेयर से लेकर साईबरसिक्योरिटी आदि तक अनेक सेक्टर्स में किए जा रहे हैं.

सवाल : प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए वो लोग, जो पहले से काम कर रहे हैं, उन्हें क्या करना चाहिए?

जवाब : जो लोग पहले से नौकरी कर रहे हैं, उन्हें निरंतर विकसित होते नौकरी के परिदृश्य के अनुरूप बने रहने के लिए खुद का कौशल बढ़ाते रहना चाहिए. कौशल बढ़ाना एक विस्तृत विषय है. इस युग में रोजगार के योग्य बनने के लिए व्यक्ति को टेक्निकल, प्रॉब्लम सॉल्विंग, डिसीजन मेकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग एवं एनालिटिकल कैपेबिलिटीज़ में काम करके खुद का व्यक्तिगत ब्रांड बनाने पर केंद्रित होना चाहिए. प्रमुख सोशल एवं व्यवहारात्मक कौशल, जैसे भाषा व संचार बहुत उपयोगी कौशल हैं,इसलिए इनका विकास करते रहना चाहिए.

सवाल : क्या आप हमारे पाठकों को बता सकते हैं कि एडटेक में नौकरी की कितनी संभावनाएं हैं और भविष्य का परिदृश्य क्या होगा?

जवाब : नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) के तहत सरकार का डिजिटल इंडिया अभियान ऑनलाइन लर्निंग के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की जरूरत पर बल देता है. यह सभी अध्ययनकर्ताओं के लिए उच्च गुणवत्ता की शिक्षा की एक समान उपलब्धता सुनिश्चित करेगा तथा क्रेडिट्स की एकेडेमिक बैंकिंग द्वारा अध्ययन को लचीला बनाएगा. रिपोर्ट में बताया गया कि 2020 में 280 करोड़ डॉलर के बाजार के साथ भारतीय एडटेक सेक्टर के 39 प्रतिशत की कंपाउंड वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ने की उम्मीद है और यह 2025 तक 1040 करोड़ डॉलर के बाजार तक पहुंच जाएगा.

सवाल : अपनी कंपनी के हाइरिंग प्रोसेस के बारें में बताएं?

जवाब : हीरो वायर्ड में हम विभिन्न पदों के लिए नियुक्ति कर रहे हैं. हमें careers@herovired.com पर ईमेल कर सकते हैं या फिर हमारे लिंक्डइन पेज पर आवेदन कर सकते हैं, जहां हम विभिन्न पदों के लिए अपनी जरूरतें पोस्ट कर चुके हैं. हीरो वायर्ड में हम ऐसे लोग तलाश रहे हैं, जो हमें अध्ययन का भविष्य बनाने में मदद करें. हम मुख्यतः ऐसे लोग तलाश रहे हैं, जिन्हें स्टार्टअप्स एवं छोटी कंपनियों की छोटी टीमों में काम करने का अनुभव हो, पर वो सपने बड़े देखते हों. उन्हें कम शब्दों में ज्यादा बात कहना आता हो और वो हमारे ग्राहकों यानी युवा भारत से सामंजस्य बिठा सकें.

सवाल : आपकी कंपनी में और इस सेक्‍टर में विकास की क्या संभावनाएं हैं?

जवाब : हीरो ग्रुप के रूप में पिछले 2-3 सालों में हम काफी रणनीतिक रहे हैं, और हमने ऐसी कंपनियों में निवेश किया, जिनमें और हमारी कंपनी में सामंजस्य था. हमने 22 निवेश किए, जिनमें से 5-6 निवेश एडटेक के क्षेत्र में हैं. हम ऐसे परिवेश के निर्माण का प्रयास कर रहे हैं, जो भारत के शिक्षा के परिदृश्य का नवस्वरूप तय करे. उदाहरण के लिए, हमारे देश में 36 लाख इंजीनियरिंग की सीटें उपलब्ध हैं. इनमें से आज 18 लाख सीटें भरी हुई हैं. जब आप सरकार द्वारा जारी की गई सीटों को देखेंगे, तो 80-85 प्रतिशत से कम रोजगार योग्य इंजीनियरिंग विद्यार्थी हैं. हमें अहसास हुआ कि ज्यादा कॉलेज या विश्वविद्यालय खोलकर इस समस्या का हल नहीं किया जा सकता, इसके लिए हमें अलग दृष्टिकोण अपनाना होगा. उच्च शिक्षा के मामले में भी हमारा दृष्टिकोण व्यापक अध्ययन का है, लेकिन अर्थव्यवस्था एवं उद्योग की जरूरत डीप स्किल्स वाली प्रतिभा है. हम कौशल एवं अध्ययन के बीच की इस कमी को पूरा करना चाहते हैं. हमें लगता है कि इस क्षेत्र में बहुत कुछ किया जाना बाकी है और इस सेगमेंट में वृद्धि की अपार संभावना है, हीरो वायर्ड यह कर रहा है.

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