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NEET-2019 Counseling: मॉप अप राउंड पर लगी रोक 22 अगस्त तक रहेगी जारी- हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर।फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर।फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

नीट-2019 काउंसलिंग (NEET 2019 Counseling) मामले में राजस्थान हाईकोर्ट (High court) ने फ्रेश मॉप अप राउंड (mop up round) पर लगी रोक को 22 अगस्त तक जारी रखा है.

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नीट-2019 काउंसलिंग (NEET 2019 Counseling) मामले में राजस्थान हाईकोर्ट (High court) ने फ्रेश मॉप अप राउंड (mop up round) पर लगी रोक को 22 अगस्त तक जारी रखा है. जस्टिस आलोक शर्मा की अदालत ने यह आदेश सोमवार को प्रद्युमन माण्डिया व अन्य की याचिका पर सुनवाई के बाद दिए. राज्य सरकार ने पूर्व में आयोजित हो चुके मॉप अप राउंड पर पहले ही रोक लगा दी थी.

एमसीआई की 21 अगस्त को बैठक प्रस्तावित है
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि एमसीआई को एक पत्र लिखकर सैकेंड राउंड एक्सटेंडेड आयोजित कराने और तिथि को भी आगे बढाने की अनुमति मांगी है. इस मामले पर एमसीआई की 21 अगस्त को बैठक प्रस्तावित है. ऐसे में अदालत ने 22 अगस्त रोक जारी रखने के आदेश दिए हैं. नीट- 2019 काउंसलिंग विवाद को लेकर हाईकोर्ट पहुंचने वाले याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि काउंसलिंग में कम नंबर पाने वाले कुछ छात्रों को इस वर्ष राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिया गया है.

यह है छात्रों का आरोप
इन छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार की ओर से इस बार जो नीट- 2019 काउंसलिंग बोर्ड ने काउंसलिंग आयोजित की है वह दोषपूर्ण है. इससे कम नंबर पाने वाले छात्रों को अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज और ऊंची मेरिट वाले अभ्यर्थियों को मैनेजमेंट सीटों पर ऊंची फीस के साथ दाखिला मिला है. इस पूरे मामले में याचिकाकर्ताओं से पैरवी करने वाले अधिवक्ता तनवीर अहमद ने बताया कि राज्य सरकार ने मनमाने तरीके से ऑनलाइन सैकेंड राउण्ड काउंसलिंग कराई जो अब तक ऑफ लाइन आयोजित होती रही है.

दूसरे धड़े के ये है तर्क
नीट-2019 में ही अभ्यर्थियों और अभिभावकों का एक दूसरा धड़ा ऐसा भी है जो सरकार की ओर से आयोजित नीट काउंसलिंग को सराह रहा है और उसे जायज ठहरा रहा है. उनका कहना है कि दारुल-उल-सलाम एजुकेशन ट्रस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट और एमसीआई के नियम यह कहते हैं कि जिन अभ्यर्थियों को सैकेंड राउण्ड काउन्सलिंग में कॉलेज अलॉट हो गया है, लेकिन उन्होंने अपनी ज्वॉइनिंग नहीं दी है वे सभी मॉप अप राउंड में शामिल होने के हकदार होंगे. जिस भी अभ्यर्थी ने किसी भी राउंड में यदि मेडिकल या डेंटल की सीट ले ली है और फीस जमा करा दी है तो उसे अगले राउंड में मौका नहीं दिया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने अंकुश लगा दिया है
ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही राउंड में मैनेजमेंट कोटे की सीट ले ली, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरुप आगे के राउंड में मौका नहीं दिया जा सकता है. नीट काउंसलिंग बोर्ड ने भी वही किया है. ऐसे में अब जब अगले राउंड में आल इण्डिया कोटे की रिक्त हुई मेडिकल सीट्स स्टेट कोटे में आईं तो वे इसमें मौका नहीं ले सकते थे. अब ऊंची फीस चुकाकर पढ़ने का गम ही उन्हें विरोध करने पर मजबूर कर रहा है. ये लोग दोनों ही हाथ में लड्डू चाहते हैं यानि कि पहले की सीट छोडें नहीं और अगले राउंड में फिर मौका उठाएं. इस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने अंकुश लगा दिया है.

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