NEET Results 2020: दिहाड़ी मजदूर के बेटे ने हासिल की रैंक, फीस के लिए मांगी लोगों से मदद

गरीबी के बावजूद जीवित कुमार ने रैंक हासिल की.
गरीबी के बावजूद जीवित कुमार ने रैंक हासिल की.

NEET Exam 2020: जीवित कुमार के पिता और मां दोनों ही दिहाड़ी मजदूर हैं. लेकिन अपनी कड़ी मेहनत और हौसले से उन्होंने नीट परीक्षा में रैंक हासिल की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 5:54 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले शुक्रवार को जारी हुए नीट के रिजल्ट के दौरान तमाम ऐसे कैंडीडेट्स ने परीक्षा में रैंक हासिल की जिन्होंने काफी मुश्किल परिस्थितियों में रह कर पढ़ाई की. तमिलनाडु के थेनी में रहने वाले जीवित कुमार की भी कहानी कुछ ऐसी ही है. जीवित के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं. जीवित कुमार को 720 अंकों में से 664 अंक मिले.

लेकिन नीट परीक्षा पास करने के साथ ही उनके सामने दूसरी समस्या खड़ी हो गई है. उनके पास मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए अब पैसे नहीं हैं. लाइव हिंदुस्तान के मुताबिक जीवित कुमार ने बताया, मैं एम.बी.बी.एस की पढ़ाई करना चाहता हूं लेकिन मेरा परिवार फीस का खर्च नहीं झेल सकता. मैं लोगों से गुहार लगाना चाहता हूं कि मेरी मदद करें ताकि मैं अपनी पढ़ाई जारी रख सकूं."

हालांकि, उन्होंने पिछले साल भी नीट की परीक्षा दी थी लेकिन वे सफल नहीं हो पाए थे. इस साल उन्होंने दोबारा परीक्षा देने का फैसला लिया तो उनके शिक्षकों ने कोचिंग में एडमिशन लेने में उनकी मदद की. जीवित ने अपने स्कूल के शिक्षकों का भी आभार प्रकट किया जिनकी मदद से वो एक कोचिंग सेंटर में परीक्षा की तैयारी के लिए दाखिला ले पाए थे.



जीवित कुमार की मां परमेश्वरी देवी भी दिहाड़ी मजदूर हैं. उन्होंने स्कूल शिक्षकों का आभार जताया और अपने बेटे की सफलता पर खुशी भी जताई. उन्होंने कहा कि "जीविथ को कोचिंग में दाखिला दिलाने में उसके स्कूल के शिक्षकों का बड़ा रोल है. परिवार में 10वीं और 12वीं में ज्यादा अंक लाने वाला जीवित ही है. हम उसकी सफलता से बहुत खुश हैं. ऐसा लगता है जैसे वो डॉक्टर बन ही गया हो."
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