NEET 2020: यूपी टॉपर आकांक्षा सिंह ने की रोज़ाना की 70 किमी की यात्रा, पिता ने लिया VRS, जानें पूरी डिटेल

नीट परीक्षा में आकांक्षा सिंह की दूसरी रैंक आई है.
नीट परीक्षा में आकांक्षा सिंह की दूसरी रैंक आई है.

NEET Result 2020: भारतीय वायु सेना के एक पूर्व-सर्जेंट की बेटी, आकांक्षा सिंह ने NEET 2020 में AIR 2nd रैंक हासिल करने के साथ लड़कियों में टॉपर और उत्तर प्रदेश राज्य में भी टॉपर है. यह इतना आसान नहीं था और इसमें उनके परिवार ने उनका पूरा सहयोग दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 17, 2020, 5:35 PM IST
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नई दिल्ली. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET Medical Entrance Exam) का रिजल्ट जारी कर दिया है और इस साल एक नहीं बल्कि दो छात्रों ने परीक्षा में परफेक्ट 100 स्कोर प्राप्त किया हैं. इसमें ओडिशा के शोएब आफताब ने पहली रैंक हासिल की है जबकि कुशीनगर की आकांक्षा सिंह ने भी 720 में से 720 अंक लाकर लड़कियों में NEET 2020 टॉपर बनी हैं और AIR 2nd रैंक हासिल की है. टाई ब्रेकर नीति के कारण उसे दूसरे स्थान पर रखा गया क्योंकि दोनों के अंक समान थे. दोनों का परसेंटाइल स्कोर 99.9998537 है.

आकांक्षा सिंह की सफलता, पूर्वांचल की कई लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो ग्रामीण पूर्वांचल की पहली लड़की है जिसने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल किया हैं. टाइम्स नाउ के मुताबिक डॉक्टर बनने के उनके उत्साह से लबरेज आकांक्षा ने गाँव कुशीनगर से 70 किलोमीटर दूर गोरखपुर में स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में कक्षा 9 और 10 की पढाई की और फिर कक्षा 11 और 12 के लिए आकाश इंस्टीट्यूट के दिल्ली शाखा में दाखिला लिया.

भारतीय वायु सेना के एक पूर्व-सर्जेंट की बेटी, आकांक्षा सिंह ने NEET 2020 में AIR 2nd  रैंक हासिल करने के साथ लड़कियों में टॉपर और उत्तर प्रदेश राज्य में भी टॉपर है. यह इतना आसान नहीं था और इसमें उनके परिवार ने उनका पूरा सहयोग दिया था.



पूर्वी उत्तर प्रदेश में जिला कुशीनगर के ग्राम अभिनायकपुर से आने वाली आकांक्षा सिंह ने सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ते हुए यह परिणाम हासिल किया है. अपने जिले में अच्छे कोचिंग संस्थान नहीं होने के बावजूद मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए गोरखपुर के आकाश इंस्टीट्यूट सेंटर में प्रवेश लिया और रोजाना 70 किलोमीटर की यात्रा की. रोजाना आने-जाने के दौरान उनकी मां उन्हें कुशीनगर के बस स्टॉप तक ले जाया करती थीं और गोरखपुर से वापस आते समय आकाश इंस्टीट्यूट के कर्मचारी शहर में बस स्टैंड तक छोड़ने जाते थे.
उसके पिता, राजेंद्र कुमार राव ने भारतीय वायुसेना से वीआरएस लिए और पिछले दो वर्षों से अपनी बेटी के साथ हैं. अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए इंडियन एयर फ़ोर्स को छोड़ दिया. उसकी माँ, रूचि सिंह गाँव में एक प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका हैं.

आकांक्षा को बधाई देते हुए आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) के निदेशक और सीईओ श्री आकाश चौधरी ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारी छात्रा आकांक्षा सिंह ने अत्यधिक प्रतिस्पर्धी NEET 2020 प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. इसका श्रेय हमारी छात्रा की कड़ी मेहनत, उसके माता-पिता और शिक्षकों को जाता है. कक्षा 9 और 10 में गोरखपुर में और फिर कक्षा 11 और 12 में दिल्ली में हमारे संस्थान के मार्गदर्शन में इस सफलता को हासिल किया है. कोविड -19 महामारी के बावजूद पूरी एकाग्रता और ध्यान के साथ ऑनलाइन अध्ययन किया. आकांक्षा का प्रयास उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणादायक हैं, जो देश के गांवों और दूरदराज के इलाकों में रहते हैं. मैं आकांक्षा को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं.”

दुनिया में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी और सबसे कठिन माना जाने वाली NEET परीक्षा में सफलता के लिए आकांक्षा ने आकाश संस्थान के प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान की गई उत्कृष्ट कोचिंग को श्रेय दिया.
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