सीमा पर देश की रक्षा के साथ ऐसे करता रहा UPSC की तैयारी, अब बना IAS अधिकारी

लुधियाना के हरप्रीत सिंह ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में रहते हुए सीमा पर देश और देशवासियों की सुरक्षा करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी की. टॉप 20 में बनाई जगह.

News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 3:59 PM IST
सीमा पर देश की रक्षा के साथ ऐसे करता रहा UPSC की तैयारी, अब बना IAS अधिकारी
हरप्रीत सिंह
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Updated: July 18, 2019, 3:59 PM IST
कहते हैं कि जब कुछ करने का जुनून हो तो फिर कितनी भी मुश्‍किलें हो मायने नहीं रखतीं. इन मुश्‍किलों के बीच में से भी लोग निकलकर अपना रास्‍ता बना ही लेते हैं. ऐसे ही एक शख्‍स हैं हरप्रीत सिंह. बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के असिस्टेंट कमांडेट हरप्रीत ने सीमा पर अपने देश और देशवासियों की सुरक्षा करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी की. अपनी ड्यूटी निभाते हुए बचे समय में पढ़ाई की और पांचवीं कोशिश में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सफल हो गए. इतना ही नहीं, उन्होंने टॉप 20 में जगह बनाई है.

हरप्रीत ने बताया, ''जब साल 2016 में जब मैंने बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेट के पद पर नौकरी ज्‍वाइन की थी. मुझे भारत-बांग्‍लादेश बॉर्डर पर तैनाती मिली थी. मुझे ये जॉब बेहद पसंद था, लेकिन मैं यहींं नहीं रुकना चाहता था. मेरा लक्ष्‍य था IAS ऑफिसर, इसलिए सीमा पर ड्यूटी के बाद समय निकाल कर मैं अपने इस लक्ष्य की तैयारी में जुट जाता था.''

जॉब से वक्‍त निकालकर करता था पढ़ाई 

हरप्रीत ने अपनी कामयाबी का राज के खुलासा करते हुए बताया, ''यहां दिन-रात के व्‍यस्‍त शेड्यूल के बावजूद मैं पढ़ने के लिए वक्‍त निकालता था. मैंने बतौर विषय  पब्‍लिक एडमिनस्‍ट्रेशन सब्‍जेक्‍ट का चुनाव किया था. दिन-रात मैं पढ़ता था. मुझे अपनी जॉब से जैसे ही थोड़ा सा वक्‍त निकलता था मैं नोट्स बनाने बैठ जाता था. लगताार प्रयास करता रहता था. मेरा लक्ष्य मेरे दिमाग में साफ था, इसलिए कोई भी चीज मुझे इससे भटका नहीं पाई.''

साल 2007 में मिली 454 रैंक
उन्होंने कहा कि 2007 में जब बीएसएफ की नौकरी कर रहा था. उस वक्‍त मैं पहली बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठा था. उस वक्‍त मैंने 454वीं रैंक हासिल की और इंडियन ट्रेड सर्विस में मेरा सेलेक्‍शन हो गया था.

हरप्रीत सिंह

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पांचवें प्रयास में मिली बड़ी सफलता
हरप्रीत ने कहा, ''इसके बाद मैंने BSF की नौकरी छोड़ दी और ITS की जॉब ज्‍वाइन कर ली. इसके बाद भी मैं तैयारी करता रहा और एग्‍जाम देता रहा. रैंक नहीं सुधरी लेकिन साल 2018 में आखिरकार वो दिन आ ही गया, जिसका मुझे ब्रेसबी से इंतजार था. जी हां, इस बार मैंने देश भर में 19वीं रैंक हासिल की थी.''

पिता हैं बिजनेसमैन
अगर हरप्रीत के परिवार की बात करें तो उनके पिता बिजनेसमैन है, जबकि उनकी मां एक टीचर हैं. वहीं अपनी सफलता के बारे में जिक्र करते हुए हरप्रीत बताते हैं कि मुझे लगता है कि हमें कभी अपने सपने का पीछा नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे ये कितना भी मुश्किल क्यों न हो. कोशिश करते रहो.

मसूरी में होगी ट्रेनिंग
हरप्रीत की ट्रेनिंग मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में होगी. उन्होंने ग्रीन ग्रोव पब्लिक स्कूल से पढ़ाई करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स में बीई डिग्री ली है.

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First published: July 18, 2019, 1:16 PM IST
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