New Education Policy 2020: स्कूलों में पहली बार भारतीय भाषाओं को मिलेगी ये खास जगह, जानिए क्या है प्लान

New Education Policy 2020: स्कूलों में पहली बार भारतीय भाषाओं को मिलेगी ये खास जगह, जानिए क्या है प्लान
New Education Policy 2020: देश में नई शिक्षा नीति लागू होगी.

सरकार की योजना है स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा तक भारतीय भाषाओं को शामिल किया जाए. इनकी किताबों का भारतीय भाषाओं में अनुवाद शुरू हो रहा है.

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नई दिल्ली. शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Education Minister) ने नई शिक्षा नीति जारी कर दी है. इस नई शिक्षा नीति में काफी बड़े बदलाव किए गए हैं. बोर्ड परीक्षा से लेकर कॉलेज एजुकेशन तक बहुत कुछ बदला है. बहुत से बदलावों में से एक ये है कि अब स्कूली शिक्षा में त्रिभाषा फॉर्मूला के मुताबिक पढ़ाई की जाएगी.

त्रिभाषा फॉर्मूला
पहली बार भारतीय भाषाओं को तवज्जो देने के साथ उनको सहेजने व लुप्त होती भाषाओं पर जोर दिया गया है. इस काम में तकनीकी मदद ली जाएगी.
-त्रिभाषा फॉर्मूला में संस्कृत के साथ तीन अन्य भारतीय भाषाओं का भी ऑप्शन होगा.
-इलेक्टिव में विदेशी भाषा चुनने की भी आजादी होगी.
-भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग और मेडिकल पढ़ाई भी की जा सकेगी.



प्री-प्राइमरी से लेकर पांचवीं तक छात्रों को मातृभाषा से जोड़ा जाएगा. मातृभाषा में पढ़ाई का मकसद, बच्चे को उसके प्रदेश की संस्कृति, खानपान, रहन-सहन, परंपराओं से जोड़ना है.

तकनीकी मदद
गूगल ऑनलाइन भारतीय भाषाओं का प्लेटफार्म उपलब्ध करवाएगा. भारतीय भाषाओं को नया जीवन देने में गूगल मदद करेगा. पिछले दिनों गूगल ने भारत के साथ भाषाओं और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने पर काम करने की घोषणा की. इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं. विभिन्न भाषाओं में अनुवाद के सॉफ्टवेयर भी बनाए जा रहे हैं.

भारतीय भाषाओं में उच्च शिक्षा
सरकार की योजना है स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा तक भारतीय भाषाओं को शामिल किया जाए. इनकी किताबों का भारतीय भाषाओं में अनुवाद शुरू हो रहा है. भारतीय भाषाओं में ऑनलाइन कोर्स भी होंगे.

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संस्कृत पढ़ाने पर आर्थिक सहायता
छात्र अब तक संस्कृत को इलेक्टिव सब्जेक्ट के रूप में पढ़ते हैं. जिससे संस्कृत की जानकारी परीक्षा तक सीमित रहती है. संस्कृत सिर्फ अंक बढ़ाने का विकल्प बन गया है. अब संस्कृत पढ़ाने पर सरकार आर्थिक सहायता देगी.
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