नई शिक्षा नीति से प्राइवेट स्कूलों को मिलेगा बढ़ावा- मनीष सिसौदिया

नई शिक्षा नीति से प्राइवेट स्कूलों को मिलेगा बढ़ावा- मनीष सिसौदिया
मनीष सिसौदिया ने नई शिक्षा नीति के बारे में अपनी राय प्रकट की है.

New Education Policy 2020: दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने नई शिक्षा नीति पर कहा कि यह छात्रों में रटने की प्रवृत्ति को कम नहीं कर पाएगी. साथ ही यह भी कहा कि इस पॉलिसी ने सार्वजिनक शिक्षा प्रणाली नहीं सुधरेगी बल्कि प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा मिलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2020, 2:46 PM IST
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नई दिल्ली. जब से नई शिक्षा नीति (New Education Policy,2020) आई है तब से इसी पर चर्चा हो रही है. सारे एक्सपर्ट्स अपनी अपनी राय इस पर दे रहे हैं. इसी बीच मनीष सिसौदिया (Delhi Deputy Chief Minister) ने भी नई शिक्षा पॉलिसी के बारे में राय प्रकट की. मनीष सिसौदिया ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत नई शिक्षा नीति, 2020 छात्रों में रटने की प्रवृत्ति की समस्या को खत्म नहीं कर पाएगी.

प्राइवेट स्कूलों को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने ये भी कहा कि ये पॉलिसी सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को बेहतर नहीं बना पाएगी बल्कि सिर्फ प्राइवेट एजुकेशन सेक्टर पर ही फोकस करती है. मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली हमारे मूल्यांकन करने के तरीके की गुलाम है. इससे हमारी रट्टामार पढ़ाई की समस्या खत्म नहीं होगी. उन्होंने कहा कि परीक्षा अभी भी साल के अंत में ली जाएगी. हमें इसे खत्म करने की जरूरत है.

पब्लिक स्कूलों को बेहतर बनाने पर कुछ नही कहा गया
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को आसान बनाकर हम नॉलेज अप्लीकेशन की तरफ नहीं बढ़ रहे हैं. नई शिक्षा पॉलिसी इस समस्या को हल नहीं कर पाई है. कुछ प्रस्तावित रिफॉर्म्स अच्छे हैं जिन पर हम पहले से काम कर रह है. उन्होंने कहा कि पॉलिसी में पब्लिक स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए कुछ भी नहीं लिखा है.



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प्रि-प्राइमरी स्तर तक होनी चाहिए मातृभाषा में पढ़ाई
मातृभाषा में पढ़ाई को लेकर मनीष सिसौदिया ने कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि शुरुआती पढ़ाई मातृभाषा में होनी चाहिए लेकिन मैं ये भी मानता हूं कि यह प्रि-प्राइमरी सालों तक ही सीमित होना चाहिए. 5वीं क्लास तक इसे किया जाना अच्छा नहीं है.
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