बड़ी खबर: इस साल मध्य प्रदेश में नहीं खुलेंगे नए प्राईवेट कॉलेज, उच्च शिक्षा विभाग ने प्रस्तावों को किया खारिज

बड़ी खबर: इस साल मध्य प्रदेश में नहीं खुलेंगे नए प्राईवेट कॉलेज, उच्च शिक्षा विभाग ने प्रस्तावों को किया खारिज
दिल्ली के इस यूनिवर्सिटी में छात्रों को पढ़ने का एक मौका मिल सकता है. (प्रतीकात्मक फोटो)

राज्य के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने नए निजी कॉलेज(Private Collage) खोलने के सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है. कोरोना महामारी(Corona epidemic) के कारण विभाग ने यह निर्णय लिया है.

  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Corona epidemic) ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया की आर्थिक तरक्की को रोक दिया है. कई देशों की अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई है. भारत में भी लोगों के पास खाने जीने के लिए पैसों की कमी होने लगी है. ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) ने एक बड़ा फैसला लिया है. फैसल यह है कि साल 2020 में राज्य में कोई नए प्राइवेट कॉलेज(Private Collage) नहीं खुलेंगे. साथ ही पुराने कॉलेज कोई नया कोर्स (New Coures) भी नहीं शुरू कर सकते. शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने नए निजी कॉलेज खोलने के मिले सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है. इस बार उच्च शिक्षा विभाग को लगभग एक दर्जन प्राइवेट कॉलेज खोलने के प्रस्ताव मिले थे.

लॉकडाउन के कारण नहीं हो सका निरीक्षण
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिन नए कॉलेजों को खोलने के लिए प्रस्ताव मिले थे, वहां मौके में जाकर इस साल लॉकडाउन के कारण निरीक्षण नहीं किया जा सका. इसके चलते उच्च शिक्षा विभाग ने सभी प्रस्तावों को रद कर दिया है. अब इन कॉलेजों को मंजूरी के लिए अगले एकेडमिक ईयर तक इंतजार करना होगा.

बता दें कि नए कॉलेज को मान्यता देने या नए कोर्स को शुरू करने से पहले कमेटी जांच मौके में जाकर देखती है कि सभी संसाधन भवन और अन्य चीजें वहां हैं या नहीं, जिसमें नए कॉलेज को शुरू किया जा सकता है. इस साल कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन के चलते अधिकारी मौके पर नहीं जा सके, जिसके कारण नये कॉलेजों को खोलने की मंजूरी नहीं दी गई है. वहीं पहले से चल रहे कॉलेजों में कोई नया कोर्स शुरू नहीं होगा. पहले जितनी सीटें थीं उनमें ही कॉलेजों को एडमिशन करना होगा.
कॉलेजों को ऐसे मिलती है मान्यता


हर साल मार्च- अप्रैल माह में उच्च शिक्षा विभाग सीट बढ़ाने, नए कोर्स संचालित करने और नए कॉलेज खोलने के लिए आवेदन मांगता है. मौजूदा हालात के चलते इस साल इस प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया था. आवेदनों के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग कमेटी बनाती है, जो उन कॉलेजों में जाकर निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करती है. इस कमेटी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर ही कॉलेज को मान्यता दी जाती है. इस वर्ष कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से न ही कमेटी का गठन हो सका और न ही कॉलेजों का निरीक्षण.

25 मार्च से देश में लॉकडाउन है चल रहा है
चीन से आए कोरोना वायरस संक्रमण के कारण भारत में 25 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है. इसके कारण देश के सभी संस्थान प्रतिष्ठान और स्कूल कॉलेज आदि बंद हैं. लॉकडाउन के बाद भी देश में रोज कोरोना संक्रमितों की संख्या और मौतों के आंकड़े बढ़ रहे हैं. हालांकि आज से देश में अनलॉक वन में कुछ और छूट के साथ लोगों को घर से निकलने की अनुमति दी जा रही है.

ये भी पढ़ें- CM उद्धव ठाकरे का बड़ा ऐलान- यूनिवर्सिटीज में फाइनल सेमेस्टर के नहीं होंगे एग्जाम, छात्रों को मिलेगा जनरल प्रमोशन
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज