News18- Byju's Young Genius: आइंस्‍टीन और बिल गेट्स से भी ज्‍यादा है इस 6 साल के बच्‍चे का IQ

बेंगलुरु के 6 साल के ऋषि शिवा प्रसन्‍ना का आइक्‍यू लेवल 180 है. (फोटो साभार-BYJU'S Young Genius: Season 1 Episode 6)

News18- Byju's Young Genius: हम बात कर रहे हैं बेंगलुरु के 6 साल के ऋषि शिवा प्रसन्‍ना की, जिनका नाम हाल ही में दुनिया की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित 'मेन्‍सा हाई आईक्‍यू सोसायटी' में दर्ज किया गया है.

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    नई दिल्‍ली. News18 Byju's Young Genius में देश के कोने-कोने से ढूढ़ कर हम ऐसे बच्‍चों को लाते हैं जिनकी उम्र तो छोटी होती है लेकिन कारनामे बड़े होते हैं. यंग जीनियस के 5वें एपिसोड में एक अनोखा बच्‍चा आया जिसका आइक्‍यू लेवल अल्‍बर्ट आइंस्‍टीन और बिल गेट्स के आइक्‍यू से भी ज्‍यादा है.

    हम बात कर रहे हैं बेंगलुरु के 6 साल के ऋषि शिवा प्रसन्‍ना की, जिनका नाम हाल ही में दुनिया की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित 'मेन्‍सा हाई आईक्‍यू सोसायटी' में दर्ज किया गया है. ऋषि का आइक्‍यू लेवल 180 है. जिस उम्र में बच्‍चे कंप्‍यूटर सीखने की कोशिश करते हैं उस उम्र में ऋषि ने बच्‍चों के लिए उपयोगी तीन ऐप बनाए जो गूगल प्‍ले स्‍टोर में सूचीबद्ध हैं. ऋषि शिवा प्रसन्‍ना देश के सबसे युवा सर्टिफाइड एन्‍ड्रॉयड एप्‍लीकेशन डेवलपर्स में भी शामिल हैं. ऋषि ने आईक्‍यू टेस्‍ट ऐप, कंट्रीज ऑफ द वर्ल्‍ड और सीएचबी (बेंगलुरु के लोगों के लिए कोविड सहायता ऐप) बनाए हैं. यही नहीं, इस बच्‍चे ने विटामिंस के बारे में जानकारी देने के लिए हैरी पॉटर के पात्रों पर आधारित एक किताब भी लिखी है.

    ...जब 6 साल के बच्‍चे ने पढ़ी 9वीं की किताब
    News18 Byju's Young Genius में ऋषि शिवा प्रसन्‍ना को सम्‍मानित किया गया. इस शो में ऋषि की मां रचेश्‍वरी और शिक्षिका सरिता जन्नत भी थीं. ऋषि की शिक्षिका जन्‍नत ने इस बारे में बताया कि कैसे उन्‍हें बच्‍चे की असाधारण प्रतिभा का पता चला. उन्‍होंने कहा, 'एक दिन मैं ऋषि की क्‍लास में गई और उसे भूगोल की कक्षा 9वीं की किताब दी. मैंने किताब देकर उससे कहा कि वह 'टी' के बारे में बताए. मैं उस असाधारण बच्‍चे को देखकर हैरान थी. वह बहुत ही शानदार और आसानी से ज्‍वालामुखियों के बारे में पढ़ने लगा. मुझे उस समय एहसास हुआ कि यह बच्‍चा असाधारण है.

    ऋषि शिवा प्रसन्‍ना की मां रचेश्‍वरी ने बताया कि 3-4 साल की उम्र में ऋषि ने सौर मंडल, ग्रह, आकृतियों और गणनाओं के बारे में बताना शुरू कर दिया था. बच्‍चे का ज्ञान देखकर मां भी अचंभित थीं. चार साल की उम्र में ही बच्‍चे में अंतरिक्ष, विज्ञान, प्रोद्यौगिकी कंप्‍यूटर साइंस के विषय में रूचि हो गई थी.