निशंक ने किया स्पष्ट, बोले NEP में किसी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी

नई नीति में 5+3+3+4 का ढांचा लागू किया गया है.

निशंक ने कहा, ‘‘मैं एकबार फिर इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि केन्द्र सरकार किसी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपेगी.’

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    नई दिल्ली. केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को सारे भ्रम दूर करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति, 2020 के माध्यम से केन्द्र सरकार किसी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपेगी.

    निशंक ने दिया स्पष्टीकरण
    तमिलनाडु में नई शिक्षा नीति का विरोध करने वालों का कहना है कि केन्द्र सरकार इसके माध्यम से हिन्दी और संस्कृत को थोपना चाहती है. इसी की पृष्ठभूमि में निशंक ने आज तमिल भाषा में ट्वीट कर स्पष्टीकरण दिया है.

    पूर्व केन्द्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन के एक ट्वीट पर निशंक ने अपने जवाब में कहा कि वह तमिलनाडु में नई शिक्षा नीति लागू करने में पूर्व केंद्रीय मंत्री के मार्गदर्शन के इच्छुक हैं.

    नई शिक्षा नीति का विरोध
    उन्होंने कहा, ‘‘मैं एकबार फिर इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि केन्द्र सरकार किसी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपेगी.’’ एम.के. स्टालिन नीत द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों ने तमिलनाडु में नई शिक्षा नीति का विरोध करते हुए इसकी समीक्षा की मांग की है.

    केन्द्रीय कैबिनेट ने इस सप्ताह की शुरुआत में नई शिक्षा नीति-2020 की घोषणा कर देश की 34 साल पुरानी, 1986 में बनी शिक्षा नीति को बदल दिया.

    पांचवी कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई उनकी मातृ भाषा में
    शिक्षा नीति के तहत पांचवी कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई उनकी मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा में होगी, बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को इसमें कुछ कम किया गया है, विधि और मेडिकल कॉलेजों के अलावा अन्य सभी विषयों की उच्च शिक्षा के एक एकल नियामक का प्रावधान है, साथ ही विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए समान प्रवेश परीक्षा की बात कही गई है.

    पुरानी नीति के 10+2 (दसवीं कक्षा तक, फिर बारहवीं कक्षा तक) के ढांचे में बदलाव करते हुए नई नीति में 5+3+3+4 का ढांचा लागू किया गया है. इसके लिए आयु सीमा क्रमश: 3-8 साल, 8-11 साल, 11-14 साल और 14-18 साल तय की गई है.

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    नई नीति में एम.फिल खत्म कर दिया गया है और निजी तथा सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए समान नियम बनाए गए हैं.

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