New Education Policy: आपके बच्चे पर क्या असर पड़ेगा, शिक्षा मंत्री निशंक से आसान शब्दों में समझें

New Education Policy: आपके बच्चे पर क्या असर पड़ेगा, शिक्षा मंत्री निशंक से आसान शब्दों में समझें
नई शिक्षा नीति पर रमेश पोखरियाल निशंक ने संदेह दूर करने की कोशिश की है.

New Education Policy: नई शिक्षा नीति को लेकर स्टूडेंट्स से लेकर पेरेंट्स तक के मन में कई सवाल है. शिक्षा मंत्री (Education Minister) निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने उन्हीं सवालों और चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है.

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नई शिक्षा नीति (New Education Policy) भारत की शिक्षा प्रणाली के लिए बहुत आवश्यक है. ये स्कूली और विश्वविद्यालय शिक्षण में भारतीय मूल्यों और संस्कृति को बनाए रखने में कारगर साबित होगी. शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने टाइम्स ऑफ इंडिया को एक ईमेल साक्षात्कार में  इस पर बात की. आप भी पढ़ें.

कक्षा 5 तक घरेलू भाषा में शिक्षा के माध्यम पर कैसे जोर दिया जाएगा ?

बच्चों को जल्दी-जल्दी अलग-अलग भाषाओं से अवगत कराया जाएगा, लेकिन मातृभाषा पर एक विशेष जोर देने के बाद, नींव से शुरू किया जाएगा. सभी भाषाओं को इंटरैक्टिव शैली में पढ़ाया जाएगा, जिसमें शुरुआत में पढ़ेंगे और बाद में उसे मातृभाषा में लिखना होगा. ग्रेड 3 और उसके बाद की अन्य भाषाओं में पढ़ने और लिखने के लिए कौशल विकसित किया जाएगा.



उन स्कूलों का क्या होता है जहां शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी है?
तीन भाषाओं वाले फॉर्मूले में अंग्रेजी के साथ भारत की दो मूल भाषाओं को शामिल किया जाएगा. विज्ञान और गणित के लिए द्विभाषी पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने में सभी प्रयास किए जाएंगे. ताकि छात्रों को अपनी घरेलू भाषा या मातृभाषा और अंग्रेजी में सोचने और बोलने में सक्षम बनाया जा सके.

बहुत सारे संरचनात्मक बदलावों की घोषणा की गई है, उन्हें कैसे रोल आउट किया जाएगा?

नीति को एक योजना के साथ निर्देशित किया जाएगा. इसमें गतिविधियों को शामिल किया जाना है. जिसमें समय और प्रस्तावित उपलब्धियों के साथ सुझाव दिए जाएंगे. फिर संस्थान इन गतिविधियों को कराने के लिए जिम्मेदार होंगे.

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चार वर्टिकल वाले एक नए रेगुलेटर की घोषणा की जा रही है. इसकी स्थापना की प्रक्रिया कब शुरू होगी?
शिक्षा मंत्रालय कैबिनेट नोट के साथ लगभग तैयार है. मंत्रालय जल्द ही सरकार की मंजूरी लेगा.

नई शिक्षा में वोकेशनल एजुकेशन को गति मिलती है, इससे कैसे फर्क पड़ेगा?

व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल एजुकेशन) सभी माध्यमिक विद्यालयों (secondary schools) में अगले दशक में चरणबद्ध तरीके से पढ़ाई जाएगी. माध्यमिक विद्यालय आईटीआई, पॉलिटेक्निक, स्थानीय उद्योग के साथ भी सहयोग करेंगे.
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