बड़ी बात: देशभर के 43 लाख स्टूडेंट्स को छोड़नी पड़ सकती है पढ़ाई, सामने आई ये वजह

बड़ी बात: देशभर के 43 लाख स्टूडेंट्स को छोड़नी पड़ सकती है पढ़ाई, सामने आई ये वजह
फिलहाल स्कूलोंं को खोलने में सरकार को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

जानलेवा महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते देश में चार महीने से भी ज्यादा वक्त से स्कूल और कॉलेज (Schools-Colleges) बंद हैं. फिलहाल जल्द ही स्कूल खुलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है.

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भुवनेश्वर. कोरोना वायरस से उपजे हालात के बीच एक चिंताजनक खबर सामने आई है. एक सर्वे के मुताबिक देशभर के करीब 43 लाख दिव्यांग छात्र-छात्राओं को पढ़ाई छोड़नी पड़ सकती है. वजह उनका ऑनलाइन पढ़ाई से तालमेल न बैठा पाना है यानी उनकी कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से ऑनलाइन एजुकेशन तक उनकी पहुंच नहीं है. बता देें कि कोरोना वायरस की वजह से स्कूल और कॉलेज समेत देशभर के शिक्षण संस्थान पिछले करीब 4 महीने से बंद हैं. निकट भविष्य में भी स्कूल खुलने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं दिख रही है.

दरअसल, टाइम्स आफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कम्युनिटी आधारित संगठन स्वाभिमान और दिव्यांग लोगों खासकर बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था डिसेबिलिटी लेजिस्लेशन यूनिट आफ ईस्टर्न इंडिया व सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च यानी सीएफएआर ने इसे लेकर सर्वे किया है, जिसमें दिव्यांग बच्चों के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है.

दस शहरों में हुआ सर्वे
रिपोर्ट के अनुसार, देश के दस शहरों में कराए गए सर्वे की मानें तो एक करोड़ में से 43 प्रतिशत यानी 43 लाख दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी. सर्वे के तहत स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स से सवाल पूछे गए और साथ ही कुछ मौकों पर इंटरव्यू भी किए गए. इस दौरान एक दिव्यांग छात्रा ने बताया, मैं बचपन से ही शारीरिक अक्षमता से ग्रस्त हूं. हमारे क्षेत्र में नेटवर्क नहीं रहता, ऐसे में मुझे ऑनलाइन क्लास अटैंड करने में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर होना भी इसकी एक बड़ी वजह है जिस वजह से स्टूडेंट्स स्मार्टफोन का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं.
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बता दें कि फिलहाल कोरोना वायरस की वजह से अधिकतर स्कूल ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि फिलहाल इसी तरीके से पढ़ाई जारी रहेगी. यही वजह है कि देश में ऑनलाइन एजुकेशन का चलन अचानक से काफी बढ़ गया है.
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