NEET, JEE Main पर बड़ी खबर, एग्जाम स्थगित करने को लेकर उठाया गया ये अहम कदम

NEET, JEE Main पर बड़ी खबर, एग्जाम स्थगित करने को लेकर उठाया गया ये अहम कदम
नीट और जेईई मेन एग्जाम सितंबर में होने प्रस्तावित हैं.

कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से नीट (NEET) और जेईई मेन एग्जाम (JEE MAIN Exam) दो बार स्थगित हो चुके हैं. अब दोनों परीक्षाओं का आयोजन सितंबर में किया जाना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 7, 2020, 12:31 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस के बीच इस साल दो बार स्थगित हो चुके नीट (NEET) और जेईई मेन एग्जाम (JEE Main) का इंतजार देशभर के लाखों स्टूडेंट्स कर रहे हैं. दोनों परीक्षाओं का आयोजन अब सितंबर में करना तय किया गया है. मगर अब इसके आयोजन पर फिर तलवार लटकती नजर आ रही है. दरअसल, सितंबर में आयोजित होने वाली नीट और जेईई मेन की परीक्षाओं को स्थगित करने को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. याचिका में हालात सामान्य होने तक परीक्षाएं स्थगित करने की मांग की गई है.

सितंबर में होने हैं एग्जाम
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) यानी एनटीए (NTA) ने नोटिस जारी कर नीट और जेईई की परीक्षाएं सितंबर में आयोजित कराने की बात कही थी. इसके अनुसार जहां जेईई मेन परीक्षा 1 से 6 सितंबर तक आयोजित होनी है वहीं नीट एग्जाम 13 सितंबर को कराया जाना प्रस्तावित है. बता दें कि नीट और जेईई परीक्षाओं में देशभर के करीब 20 लाख छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं.

11 शहरों के 11 छात्रों ने दायर की याचिका
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में कोरोना वायरस का हवाला देते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए के 3 जुलाई के उस नोटिस को खारिज करने की मांग की गई है, जिसमें नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट, नीट और ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन, जेईई मेन की परीक्षाएं सितंबर में आयोजित कराने की बात कही गई है. सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका 11 शहरों के 11 छात्रों की ओर से दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि ये परीक्षाएं तभी आयोजित कराई जानी चाहिए जब हालात सामान्य हो जाएं.



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सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि सितंबर में परीक्षा आयोजित कराने का फैसला लेते वक्त नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस बात को बिल्कुल दरकिनार कर दिया कि कुछ राज्य किसी भी तरह की पेशेवर और गैर पेशेवर परीक्षा आयोजित करने में असमर्थता जाहिर कर चुके हैं. ऐसे में ये लाखों छात्रों की जान जोखिम में डालने का मामला है.
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