Home /News /career /

टैंपो चालक की बेटी : मेहनत के आगे हार गई गरीबी, नाजिया बनेगी गांव की पहली डॉक्टर

टैंपो चालक की बेटी : मेहनत के आगे हार गई गरीबी, नाजिया बनेगी गांव की पहली डॉक्टर

टैंपो चालक की बेटी : नाजिया बनेगी गांव की पहली डॉक्टर

टैंपो चालक की बेटी : नाजिया बनेगी गांव की पहली डॉक्टर

Positive Story : राजस्थान के झालावाड़ जिले के पचपहाड़ नामक एक छोटे से गांव के एक टैंपो चालक की बेटी अपने गांव से पहली डॉक्टर बनने जा रही है. नाजिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कोचिंग संस्थान के साथ कक्षा नौंवी के बाद राज्य सरकार से साइकिल मिलने को दिया. सरकार से मदद मिलने से नाजिया का मनोबल बढ़ा और यहीं से वो अपने लक्ष्य की तरफ धीरे-धीरे बढ़ने लगी. दरअसल, कक्षा आठवीं के बाद नाजिया भवानीमंडी के एक विद्यालय में चली गयी जो उसके गांव से कुछ दूरी पर था. यह साइकिल की सौगात ही थी जिसने उसे प्रति दिन स्कूल जाने और अपने सपने को जिंदा रखने में मदद की.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. Positive Story : कहते हैं कि जब मेहनत और लगन से परिश्रम किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है. इसका नया उदाहरण बनी है राजस्थान के झालावाड़ की रहने वाली टैंपो चालक की बेटी नाजिया. दरअसल, नाजिया अपने गांव की पहली डॉक्टर बनने जा रही है. चौथी बार परीक्षा में शामिल हुई 22 साल की नाजिया को नीट (यूजी) 2021 परीक्षा में 668 अंक मिले और उसने राष्ट्रीय स्तर पर 1759 वां स्थान प्राप्त किया है. नाजिया, अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में 477 वें नंबर पर रही थी.

    बता दें कि राजस्थान के झालावाड़ जिले के पचपहाड़ नामक एक छोटे से गांव के एक टैंपो चालक की बेटी अपने गांव से पहली डॉक्टर बनने जा रही है. नाजिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कोचिंग संस्थान के साथ कक्षा नौंवी के बाद राज्य सरकार से साइकिल मिलने को दिया. सरकार से मदद मिलने से नाजिया का मनोबल बढ़ा और यहीं से वो अपने लक्ष्य की तरफ धीरे-धीरे बढ़ने लगी. दरअसल, कक्षा आठवीं के बाद नाजिया भवानीमंडी के एक विद्यालय में चली गयी जो उसके गांव से कुछ दूरी पर था. यह साइकिल की सौगात ही थी जिसने उसे प्रति दिन स्कूल जाने और अपने सपने को जिंदा रखने में मदद की.

    ये भी पढ़ें-
    NEET UG Counselling 2021: नीट काउंसलिंग के लिए जारी हुई एडवाइजरी, स्टूडेंट्स को इन बातों का रखना होगा ध्यान
    CTET Admit Card 2021: कब जारी होगा सीटीईटी परीक्षा का एडमिट कार्ड? जानें लेटेस्ट अपडेट

    छात्रवृति बनी सहारा
    गरीब और बिना शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में पैदा हुई नाजिया को सरकार से छात्रवृति मिलने से भी सफलता में मदद मिली. उसे कक्षा दसवीं एवं बारहवीं में छात्रवृति मिली. यह छात्रवृति के रूप में मिला एक लाख रूपया ही था जिसने शहर में कोचिंग करने का उसका मार्ग प्रशस्त किया. नाजिया का कहना है कि, दोनों छात्रवृतियां मेरे लिए वरदान से कम नहीं थी जिन्होंने सफलता का मेरा मार्ग प्रशस्त किया. बता दें कि भवानीमंडी के पास के गांव के निवासी नाजिया के पिता इसामुद्दीन मालवाहक टैंपो चलाते हैं और मां अमीना बी एक घरेलू महिला हैं एवं खेतों में मजदूरी करती हैं. (भाषा के इनपुट के साथ)

    Tags: Job and career, NEET, Neet exam

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर