प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा: प्रश्नपत्र में जाति-आधारित सवाल, पेपर सेट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर मांगी रिपोर्ट

इस मामले में 25 नवंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए.
इस मामले में 25 नवंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए.

डीएसएसएसबी द्वारा 13 अक्टूबर, 2018 को आयोजित परीक्षा में जाति आधारित प्रश्न पूछे गए थे, जिससे अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों की भावनाएं आहत हुईं.

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  • Last Updated: October 29, 2020, 4:51 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) को निर्देश दिया कि वह प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में कथित तौर पर जाति आधारित प्रश्न पूछने को लेकर प्रश्न पत्र सेट करने वाले दो लोगों के खिलाफ उठाए गए कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करे.

डीएसएसएसबी अध्यक्ष को निर्देश
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रविंदर बेदी ने डीएसएसएसबी अध्यक्ष को इस मामले में 25 नवंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए.

प्रश्न पत्र सेट करने वालों का ब्योरा
सुनवाई के दौरान डीएसएसएसबी के अध्यक्ष संतोष वैद्य वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत के सामने पेश हुए और प्रश्न पत्र सेट करने वालों का ब्योरा दो सीलबंद लिफाफों में पेश किया. अदालत ने वैद्य से डीएसएसबी द्वारा इस घटना की जानकारी मिलने के बाद उठाए गए कदमों के बारे में पूछा.



प्रश्न पत्र सेट करने वाले लोगों के खिलाफ उठाए गए कदमों की जांच
डीएसएसएसबी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अनुज कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि वे 10 दिन के भीतर प्रश्न पत्र सेट करने वाले उन दो लोगों के खिलाफ उठाए गए कदमों, जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करेंगे, जिन्होंने कथित तौर पर दो बार जाति आधारित सवाल तैयार किए थे.

कार्रवाई की मांग 
अधिवक्ता सत्यप्रकाश गौतम की ओर से दायर शिकायत में डीएसएसएसबी अध्यक्ष और परीक्षा समिति के दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की गई है.

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13 अक्टूबर, 2018 को आयोजित परीक्षा
गौतम ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि डीएसएसएसबी द्वारा 13 अक्टूबर, 2018 को आयोजित परीक्षा में जाति आधारित प्रश्न पूछे गए थे, जिससे अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों की भावनाएं आहत हुईं.
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