मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खबर, NEET पास करने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों को 10% आरक्षण

अधिनियम के बजाय एक सरकारी आदेश के माध्यम से इस कोटा को शुरू करने का फैसला किया है.
अधिनियम के बजाय एक सरकारी आदेश के माध्यम से इस कोटा को शुरू करने का फैसला किया है.

ये फैसला उन छात्रों के लिए लिया गया है जिन्होंने इस वर्ष NEET पास किया, मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने ये जानकारी मंगलवार को दी.

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  • Last Updated: October 28, 2020, 9:59 AM IST
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नई दिल्ली. पुडुचेरी ने केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण देने का फैसला किया है. ये फैसला उन छात्रों के लिए लिया गया है जिन्होंने इस वर्ष NEET पास किया, मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने ये जानकारी मंगलवार को दी.

कैबिनेट बैठक के बाद, उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार ने एक आदेश के माध्यम से कोटा शुरू करने का फैसला किया है और इससे संबंधित फाइल अनुमोदन के लिए उपराज्यपाल किरण बेदी को भेजी गई थी. उन्होंने कहा कि अगर उपराज्यपाल ने नहीं दिया तो वे सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए कोटा दिलाने के लिए लड़ने को तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि 2018-19 के दौरान सरकारी स्कूलों के केवल 94 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की थी, जबकि निजी स्कूलों के 1,346 छात्र NEET परीक्षा में पास हुए थे. सरकारी स्कूलों के केवल 16 छात्र 2018-19 के दौरान मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश कर सके, जबकि निजी स्कूलों के 243 उम्मीदवार मेडिकल पाठ्यक्रमों में शामिल हुए.



उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सरकार ने इसलिए सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए 10 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण लाने का फैसला किया है, जिन्होंने मेडिकल शिक्षा के लिए NEET परीक्षा पास की. हमने एक अधिनियम के बजाय एक सरकारी आदेश के माध्यम से इस कोटा को शुरू करने का फैसला किया है. इससे संबंधित फाइल उपराज्यपाल के पास अनुमोदन के लिए भेजी गई है.
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इसके अलावा बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा ने 15 सितंबर को सर्वसम्मति से NEET परीक्षा को मंजूरी देने वाले राज्य सरकार के स्कूली छात्रों के लिए मेडिकल प्रवेश में 7.5 प्रतिशत कोटा प्रदान करने के लिए एक विधेयक पारित किया था. तमिलनाडु के राज्यपाल को अभी इस पर अपनी सहमति नहीं देनी है.
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