Rajasthan Board Result 2020: राजस्थान बोर्ड रिजल्ट में पिछले साल लड़कियों का रहा था दबदबा, आंकड़ों की जुबानी

Rajasthan Board Result 2020: राजस्थान बोर्ड रिजल्ट में पिछले साल लड़कियों का रहा था दबदबा, आंकड़ों की जुबानी
पिछले साल लड़कों की तुलना में लड़कियों का दबदबा रहा.

Rajasthan Board 12th Result 2020: पिछले साल कुल परिणाम 92.88 फीसदी था, जबकि छात्राओं का पास प्रतिशत इससे कहीं ज्यादा 95.86 था, वहीं छात्रों का 91.59 फीसदी.

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अजमेर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Rajasthan Board) बुधवार शाम अपना पहला रिजल्ट 12वीं विज्ञान के रूप में जारी करने जा रहा है. आंकड़ों की बात करें तो बोर्ड के रिजल्ट में छात्राओं ने हर बार बाज़ी मारी है. इस बार भी बेटियां अपने आप को बेटों से कम नही रखना चाहेंगी और सबको इंतजार रहेगा बुधवार को आने वाले रिजल्ट के आंकड़ों पर. बात करें अगर साल 2019 के 12वीं विज्ञान के रिजल्ट की तो उसमें हर क्षेत्र में और हर आंकड़ों में छात्राएं आगे रही थीं.

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95.86 फीसदी था छात्राओं का पास प्रतिशत
साल 2019 की 12वीं विज्ञान की परीक्षा में कुल 2 लाख 60 हजार 582 विद्यार्थी पंजीकृत थे. इनमें से 78 हजार 542 छात्राएं थी तो 1 लाख 82 हजार 40 छात्र थे. परिणाम प्रतिशत की बात करें तो कुल परिणाम 92.88 फीसदी था, जबकि छात्राओं का पास प्रतिशत इससे कहीं ज्यादा 95.86 था, वहीं छात्रों का 91.59 फीसदी. कुल पंजीकृत विद्यार्थियों में से 74 हजार 806 छात्राओं में से 61 हजार 882 छात्राएं फर्स्ट डिवीज़न से पास हुईं, जबकि 12 हजार 500 सेकेंड डिवीज़न और महज़ 48 छात्राएं थर्ड डिवीज़न से पास हुईं. वहीं सप्लीमेंट्री श्रेणी में भी महज 1 हजार 167 छात्राएं ही आई थीं.



छात्रों के ये थे आंकड़े
वहीं अगर छात्रों की बात करें तो कुल पंजीकृत विद्यार्थियों में से 1 लाख 64 हजार 561 छात्रों ने परीक्षा दी थी और फर्स्ट डिवीज़न पास होने वालों की संख्या 1 लाख 16 हजार 480 थी, जबकि 43 हजार 58 सेकेण्ड डिवीज़न से पास हुए और 325 थर्ड डिवीज़न से. कुल 3 हजार 530 छात्रों की सप्लीमेंट्री आई थी. छात्राओं की बादशाहत का यह आंकड़ा सिर्फ विज्ञान वर्ग के रिजल्ट तक सीमित नहीं है.

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कामर्स और आर्ट्स में भी छात्राओं का अच्छा प्रदर्शन
कॉमर्स और आर्ट्स में भी छात्राएं काफी बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और साबित कर रही हैं कि वे किसी भी मामले में छात्रों से पीछे नहीं हैं. बालिका शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि का ही परिणाम है कि प्रदेश की बेटियां सफलताओं के नए झंडे गाड़ रही हैं.
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