स्कूल खुलने तक फीस नहीं ले सकते निजी व‍िद्यालय: राजस्थान सरकार

स्कूल खुलने तक फीस नहीं ले सकते निजी व‍िद्यालय: राजस्थान सरकार
राजस्थान में अभिभावकों द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर विरोध के बाद, राज्य सरकार ने सभी निजी स्कूलों को फिर से स्कूल खोलने तक फीस नहीं लेने का आदेश दिया है.

राजस्थान में अभिभावकों द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर विरोध के बाद, राज्य सरकार ने सभी निजी स्कूलों को फिर से स्कूल खोलने तक फीस नहीं लेने का आदेश दिया है.

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अजमेर: राजस्थान सरकार ने निजी स्कूलों के लिए एक आदेश जारी किया है कि वे तब तक छात्रों से फीस न वसूलें जब तक कि स्कूल दोबारा न खुलें. चूंकि कोरोनोवायरस के प्रकोप के कारण राज्य भर के स्कूल बंद हैं, इसलिए माता-पिता को समय के दौरान फीस का भुगतान करने से छूट दी गई है. राजस्थान के शिक्षा मंत्री, गोविंद सिंह डोटासरा ने एक ट्वीट में उल्लेख किया क‍ि कोरोना की वजह से निजी स्कूलों को तीन महीने के लिए 30 जून तक स्कूल की फीस को स्थगित करने का आदेश दिया गया था, यह आदेश वर्तमान में स्कूलों के खुलने तक बढ़ाया जा रहा है. इस बारे में आगे के न‍िर्देश जल्‍द ही जारी क‍िये जाएंगे. श‍िक्षा मंत्री के इस ट्वीट के कुछ देर बार ही सरकारी न‍िर्देश जारी कर द‍िये गए.

राजस्थान सरकार द्वारा निजी स्कूलों को जारी किया गया आदेश में कहा गया है क‍ि गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों / अभिभावकों के लिए, 15 मार्च के बाद देय किसी शुल्क, वर्तमान शुल्क और अंतरिम शुल्क का भुगतान 3 महीने के लिए टाल दिया गया था, यह अवधि राज्य सरकार के आदेश के अनुसार टाल दी गई है. क्‍योंक‍ि समय पर विद्यालय नहीं खोले जा सके हैं. इस अवधि के दौरान किसी भी छात्र का नाम शुल्क न चुकाने की वजह से स्‍कूल से काटा नहीं जाएगा.

माता-पिता ने कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूल द्वारा फीस ल‍िये जाने का विरोध किया था. राजस्थान में सोमवार, 06 जुलाई, 2020 को उन अभिभावकों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया, जो फीस का भुगतान करने के खिलाफ थे.



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बता दें क‍ि स्‍कूल, ऑनलाइन कक्षाओं के नाम पर अभ‍िभावकों से फीस वसूल रहे हैं. जयपुर, चित्तौड़गढ़, जोधपुर, सवाई माधोपुर, और राजस्थान के विभिन्न जिलों में कई अभिभावकों ने मांग की थी कि स्कूल की फीस माफ कर दी जाए.

उन्होंने दावा किया कि कोरोना युग के दौरान, लोगों को नौकरी, आजीविका, और अवसरों की कमी के कारण वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी स्कूल ऑनलाइन कक्षाओं के नाम पर फीस लेने पर अड़ रहे हैं.
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