खुशखबरी: राजस्‍थान सरकार ने खोला अपना पहला इंग्‍ल‍िश मीडियम स्‍कूल, क्‍या है खास- जानें

लू की चपेट में छत्तीसगढ़, स्कूल खुलने की तारीख आगे बढ़ाने की मांग.

लू की चपेट में छत्तीसगढ़, स्कूल खुलने की तारीख आगे बढ़ाने की मांग.

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिए, शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने कुछ दिनों पहले आदेश जारी क‍िया था क‍ि हर ज‍िला मुख्‍यालय में एक सरकारी अंग्रेजी स्‍कूल खोला जाएगा.

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जयपुर: पहली बार राजस्‍थान श‍िक्षा विभाग ने अंग्रेजी मीडियम में सरकारी स्‍कूल खोलने का न‍िर्णय लिया है. यह स्‍कूल जयपुर के मानसरोवर में खोला जाएगा. इसके लिये न‍िर्देश जारी कर द‍िए गए हैं और नया सेशल 1 जुलाई 2019 से शुरू भी हो जाएगा.

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिए, शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने कुछ दिनों पहले आदेश जारी क‍िया था क‍ि हर ज‍िला मुख्‍यालय में एक सरकारी अंग्रेजी स्‍कूल खोला जाएगा, ज‍िसका नाम होगा- महात्मा गांधी सरकारी स्कूल. निजी स्‍कूलों की तर्ज पर इन स्‍कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होगी.

हा‍लांक‍ि अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई के ल‍िए राजस्‍थान के हर ज‍िले में नई स्‍कूल ब‍िल्‍ड‍िंंग बनाई जाएगी. लेकिन पहले से चल रहे एक सरकारी स्‍कूल को अंग्रेजी मीडियम में बदला जा रहा है.



जयपुर के शिक्षा ज‍िला अध‍िकारी राम चंद्र पि‍लानी ने कहा क‍ि हमें सरकारी स्‍कूल को अंग्रेजी मीडियम में तबदील करने का आदेश म‍िला है. यहां पहले से पढ़ रहे छात्रों को दूसरे स्‍कूल में श‍िफ्ट क‍िया जाएगा और इस स्‍कूल में नया दाखिला शुरू होगा. रामचंद्र पिलानी ने कहा क‍ि हमने इसके ल‍िये एक स्‍कूल का चुनाव कर लिया है, ज‍िसमें बच्‍चों का दाखिला कम है. इसलिए इस बदलाव की प्रक्रिया में ज्‍यादा छात्रों को परेशानी नहीं होगी. इस स्‍कूल में मात्र 15 छात्र ही हैं.
सरकारी स्‍कूल को अंग्रेजी मीड‍ियम में बदलने के ल‍िए स‍िर्फ उन्‍हीं व‍िद्यालयों का चुनाव क‍िया जाएगा, जिनका अपना स्‍कूल परिसर और ब‍िल्‍ड‍िंंग हो और उसमें टेब-कुर्सी, कक्षाएं, शौचालय, श‍िक्षक पहले से हों. दिशा निर्देश के अनुसार अंग्रेजी मीडियम स्‍कूल कक्षा 1 से 12वीं तक होगा. इसमें नये श‍िक्षकोंं की भर्ती इंटरव्‍यू के आधार पर होगी. श‍िक्षकोंं का इंटरव्‍यू स्‍कूल के प्र‍िंंस‍िपल लेंगे.

बता दे क‍ि अपने बच्‍चों को अंग्रेजी मीड‍ियम स्‍कूल में पढ़ाने के ल‍िए उनके माता-प‍िता लाखों रुपये खर्च करते हैं. ऐसे में राजस्‍थान शिक्षा विभाग द्वारा उठाया गया ये कदम ना केवल छात्रों को सरकारी स्‍कूल में पढ़ने के लिए प्रोत्‍साह‍ित करेगा, बल्‍क‍ि दूसरे राज्‍यों के ल‍िये भी यह नजीर बनेगा.

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