बिहार का ये कॉलेज बिना पढ़ाई के बांट रहा है शास्त्री, आचार्य की डिग्री

ये मामला बिहार (Bihar) के भागलपुर में 'राजकीय संस्कृत महाविद्यालय' (Government Sanskrit College) का है.

News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 5:54 PM IST
बिहार का ये कॉलेज बिना पढ़ाई के बांट रहा है शास्त्री, आचार्य की डिग्री
राजकीय संस्कृत महाविद्यालय का मामला सामने आया है
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Updated: August 10, 2019, 5:54 PM IST
बोर्ड एग्जाम्स (Board Exam) में खुले-आम या चोरी-छिपे नकल के बहुत से मामले सुने होंगे. लेकिन अब उपशास्त्री, शास्त्री और आचार्य की डिग्रियां भी बिना पढ़ाई के बांटे जाने का मामला सामने आया है. ये मामला बिहार (Bihar) के भागलपुर में 'राजकीय संस्कृत महाविद्यालय' का है. ये पूर्व बिहार, सीमांचल और कोसी का 63 साल पुराना बड़ा संस्कृत कॉलेज है. इस कॉलेज में उपशास्त्री, शास्त्री और आचार्य की डिग्रियां लेने के लिए पढ़ने वाले स्टूडेंट्स क्लास अटेंड नहीं करते.

राजकीय संस्कृत महाविद्यालय में हाल ही में इंस्पेक्शन हुआ. जिसमें पाया गया 150 छात्रों में से महाविद्यालय में चार छात्र मौजूद थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंस्पेक्शन के बाद ये भी सामने आया कि यहां परीक्षा में नकल भी खुलेआम होती है. कुलपति प्रो.चंद्रशेखर प्रसाद सिंह ने इंस्पेक्शन के बाद प्राचार्य को फटकार भी लगाई. जांच में ये भी पाया गया कि लाइब्रेरी में रखे दुर्लभ वेद, उपनिषदों के पन्ने तक नहीं पलटे गये. पुस्तकों पर धूल जमी पाई गई. कॉलेज के प्रिंसिपल को छात्रों की उपस्थिति बेहतर करने के कड़े निर्देश दिया गया.

कॉलेज सालों से जैसे-तैसे चल रहा है
हिंदी अखबार हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, ये कॉलेज सालों से जैसे-तैसे चल रहा है. सुधार की कोशिश जारी है. फिलहाल नए सत्र का नामंकन 31 अगस्त से होना है. यहां उपशास्त्र, शास्त्री व आचार्य विषय में हर सत्र में 60-60 सीटें होती हैं. एक चौथाई सीटों पर भी दाखिला नहीं होता. दस स्थायी शिक्षकों के पद हैं, मात्र दो शिक्षक कार्यरत हैं. तीन अतिथि शिक्षक हैं.



इंस्पेक्शन के दौरान पाया गया कि छात्र नक्षत्र और धर्मशास्त्र की क्लास में सिर्फ एक छात्र था. टीचर एक छात्र को ही नक्षत्र, दशावर्ष और ग्रहों का पाठ पढ़ा रहे थे. टीचर ने बताया कि संस्कृत में दाखिला लेने वाले छात्र पढ़ाई को लेकर उदासीन हैं. वे क्लास में नहीं आते. वहीं स्टूडेंट्स का कहना था कि संस्कृत पढ़ने से नौकरी नहीं मिलती. इसलिए वे क्लास नहीं आते. जबकि आचार्य कर रहे एक छात्र ने बताया स्थायी शिक्षकों की कमी है, इसलिए क्लास में स्टूडेंट्स कम होत हैं.

देखें कॉलेज की वेबसाइट- http://www.gscbhagalpur.com/
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First published: August 10, 2019, 5:08 PM IST
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