लाइव टीवी

BHU के बाद कोलकाता के कॉलेज ने भी संस्कृत विभाग में नियुक्त किया मुस्लिम शिक्षक

News18Hindi
Updated: November 22, 2019, 5:34 PM IST
BHU के बाद कोलकाता के कॉलेज ने भी संस्कृत विभाग में नियुक्त किया मुस्लिम शिक्षक
रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर में रमजान अली को नियुक्त किया गया है.

रमजान अली की नियुक्ति बेलूर के रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर में की गई है. उनके पास उत्तर बंगाल के एक कॉलेज में नौ वर्ष अध्यापन करने का अनुभव है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2019, 5:34 PM IST
  • Share this:
कोलकाता के बाहरी क्षेत्र बेलूर में स्थित कॉलेज, रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर (Ramakrishna Mission Vidyamandira, West Bengal) ने संस्कृत विभाग में एक मुस्लिम व्यक्ति को सहायक प्राध्यापक के रूप में नियुक्त किया है. यह नियुक्ति ऐसे वक्त की गई है, जब उत्तर प्रदेश स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में संस्कृत के एक अध्यापक की धार्मिक पहचान को लेकर विवाद चल रहा है. रमजान अली नाम के व्यक्ति की नियुक्ति बेलूर के रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर में की गई है. उनके पास उत्तर बंगाल के एक कॉलेज में नौ वर्ष अध्यापन करने का अनुभव है. अली ने कहा कि छात्रों और संकाय सदस्यों की ओर से किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से वह अभिभूत हैं.

अली ने मंगलवार से बेलूर कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया. उन्होंने कहा, प्राचार्य स्वामी शास्त्राज्ञानदाजी महाराज तथा अन्य सभी ने मेरा स्वागत किया. महाराज ने कहा कि मेरी धार्मिक पहचान का कोई मतलब नहीं है. कुछ मायने रखता है तो वह है भाषा पर मेरी पकड़, उसे लेकर मेरा ज्ञान और इस ज्ञान को छात्रों के साथ साझा करने की मेरी क्षमता.

बीएचयू में चल रहे विवाद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैं मानता हूं कि संस्कृत भारत की समावेशी प्रवृत्ति, समृद्ध परंपरा को परिलक्षित करती है. यह मत भूलिए कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है. कोई भी व्यक्ति दूसरे धर्म के लोगों को संस्कृत के पठन-पाठन से कैसे रोक सकता है? उल्लेखनीय है कि बीएचयू के कुछ छात्र संस्कृत विभाग में फिरोज खान नाम के व्यक्ति की सहायक प्राध्यापक पद पर नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं. हालांकि, बीएचयू के अधिकारी उनके (खान के) समर्थन में हैं फिर भी वह अभी तक कक्षा नहीं ले सके हैं.

रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर में संस्कृत विभाग के एक छात्र ने कहा कि किसी भी शिक्षक की धार्मिक पहचान पर सवाल उठाना अनुचित है. बहरहाल, इस विषय पर टिप्पणी के लिये कॉलेज के प्राचार्य से संपर्क नहीं हो पाया.

बीएचयू में विरोध
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति के विरोध में छात्रों ने लगातार 16वें दिन अपना धरना जारी रखते हुए विश्वविद्यालय के सिंह द्वार पर शुक्रवार को कुलपति का पुतला फूंका. इस बीच, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साहित्य विभाग में नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर के विरोध में धरने पर बैठे छात्रों से कुलपति, संकाय प्रमुख एवं विभागाध्यक्ष समेत वरिष्ठ शिक्षक और अन्य अधिकारियों ने कल वार्ता की थी, जिसके बाद विभाग का ताला खोल दिया गया.

वहीं, धरने पर बैठे छात्र शुक्रवार को भजन-कीर्तन करते नजर आए. धरने पर बैठे छात्र चक्रपाणि ओझा ने कहा कि वे प्रोफेसर फिरोज खान का विरोध नहीं कर रहे बल्कि उनका विरोध नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता के खिलाफ है. धरना दे रहे छात्रों ने कहा कि हमारा विरोध नियुक्त प्रोफेसर द्वारा संस्कृत पढ़ाने को लेकर नही हैं. हमारा विरोध बस इतना है कि जो हमारी रीत, संस्कार को जानता ही नहीं वो शिक्षा कैसे देगा. (इनपुट-भाषा)
Loading...

ये भी पढ़ें-
पिता ने कहा था- घर गिरवीं रख दूंगा लेकिन तुम तैयारी करो, ऐसे बना IAS
Job Alert: लखनऊ मेट्रो में इन पदों पर निकली बंपर वैकेंसी, 1,60,000 होगी सैलरी
CLAT 2020: अगले साल 10 मई को होगा कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट, देखें नया पैटर्न
क्लास में सांप के काटने से छात्रा की हुई मौत, टीचर को इस वजह से किया सस्पेंड

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए करियर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 22, 2019, 5:34 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...